Rajasthan Border: राजस्थान में 3 डीएम ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी, तुर्किये से मार्बल आयात बंद
Rajasthan Border News: भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बाद सरहदी इलाकों में जन-जीवन सामान्य होने लगा है। इस बीच राजस्थान के तीन जिलों कलेक्टरों को बम उड़ाने की धमकी मिली है। वहीं, उदयपुर के मार्बल व्यापारियों ने बड़ा कदम उठाते हुए तुर्किये से मार्बल आयात बंद करने की घोषणा की है। व्यापारियों का कहना है कि तुर्किये द्वारा पाकिस्तान का समर्थन किया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजस्थान बारां, अलवर और प्रतापगढ़ के जिला कलेक्ट्रेट कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जयपुर के एसएमएस स्टेडियम को लगातार तीसरे दिन बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। राजस्थान की 1070 किलोमीटर सीमा पाकिस्तान से लगती है, जो बीकानेर, श्रीगंगानगर, जैसलमेर व बाड़मेर से होकर गुजरती है।

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बीकानेर में ड्रोन हमलों से निपटने की ट्रेनिंग
इधर, बीकानेर में ग्रामीणों को ड्रोन हमलों से निपटने की तैयारी के तहत विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्हें ड्रोन की आवाज पहचानने और संभावित खतरे से बचाव के उपाय सिखाए जा रहे हैं। सीमा से सटे जिलों में पाकिस्तान ने अपने मोबाइल टावरों की रेंज बढ़ा दी है, जिससे भारतीय क्षेत्र में पाकिस्तानी सिग्नल की पहुंच बढ़ गई है। इससे जासूसी की आशंका गहरा गई है। इसे देखते हुए श्रीगंगानगर और जैसलमेर में पाकिस्तानी सिम कार्ड्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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राजस्थान के दस जिले संवेदनशील घोषित
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राजस्थान के सरहदी जिलों जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर व श्रीगंगानगर और जोधपुर के साथ-साथ राजस्थान के पांच अन्य जिलों जयपुर, अलवर, भरतपुर, अजमेर और कोटा में भी हवाई हमले की चेतावनी के लिए इलेक्ट्रॉनिक सायरन लगाने के आदेश दिए गए हैं। ये सायरन किसी आपात स्थिति में एकीकृत नियंत्रण कक्ष (central control room) से संचालित किए जाएंगे। राजस्थान के कुल 10 जिलों को संभावित हवाई हमलों के लिहाज से संवेदनशील घोषित किया है।
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राजस्थान के सरहदी जिले
श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाक सीमा की लंबाई 210 किलोमीटर है। राजस्थान के उत्तर में श्श्रीगंगानगर सिंचाई वाला इलाका है। सरहद पार से अक्सर घुसपैठ की कोशिश होती रहती हैं।
बाड़मेर जिले में भारत-पाक सीमा की लंबाई 228 किलोमीटर है। बाड़मेर अब सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र भी बन चुका है। यह पाकिस्तान से सिंध प्रांत से सटा हुआ है। यहां BSF जवान अक्सर घुसपैठियों को पकड़ती रहती है।
जैसलमेर जिले में भारत-पाक सीमा की लंबाई 464 किलोमीटर है। राजस्थान के जैसलमेर में सबसे लंबा इंटरनेशनल बॉर्डर है। यहां दूर-दूर तक रेत फैली है और ऐसे रेतीले टीले हैं, जो रातों-रात अपनी जगह बदल लेते हैं। टैंकों से लड़ाई व वायुसेना की एयर स्ट्राइक का सबसे ज्यादा खतरा जैसलमेर में ही है।
बीकानेर जिले में भारत-पाक सीमा की लंबाई 168 किलोमीटर है। बहावलपुर जैसे पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने सबसे नजदीकी जिलों में एक है। बीकानेर में BSF की चौकियां व रडार और वॉच टावर हैं। बीकानेर में नाल एयरपोर्ट काफी महत्वपूर्ण।












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