Bangladesh Political Crisis: सेना और Muhammad Yunus के बीच खिंची तलवार, संसद से सड़क तक भारी बवाल
Bangladesh Political Crisis: बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मौजूदा सरकार का एक साल भी पूरा नहीं हुआ है और दूसरी ओर राजनीतिक संग्राम फिर शुरू हो गया है। मोहम्मद यूनुस दिसंबर में चुनाव कराने के लिए तैयार नहीं हैं और इधर सेना ने उन्हें अल्टीमेटम दे दिया है। मौजूदा सत्ता के खिलाफ लोगों का आक्रोश ढाका से लेकर देश के दूसरे शहरों तक नजर आ रहा है। सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच ढाका में कट्टरपंथी संगठनों की अहम रैली होने वाली है। राजनीतिक सत्ता के लिए चल रही उठा-पटक के बीच अगला एक सप्ताह देश के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
Bangladesh Political Crisis: यूनुस प्लान बी बनाने में जुटे
बांग्लादेश की सत्ता और राजनीतिक उथल-पुथल से जुड़ी खबरों के बीच सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि मोहम्मद यूनुस सत्ता छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। अपनी गद्दी बचाने के लिए वह प्लान बी बनाने में जुटे हैं, लेकिन उनके सामने कई चुनौतियां हैं। यूनुस अपनी सत्ता बचाने के लिए सड़कों पर संगठन की ताकत दिखाने की योजना बना रहे हैं। ढाका में कट्टरपंथी संगठनों की एक रैली कर रहे हैं। इसके अलावा, श्रमिक और मजदूर संगठन समेत छात्रों के भी कई संगठन बांग्लादेश में सड़कों पर उतर रहे हैं। आने वाले एक सप्ताह में बांग्लादेश के राजनीतिक भविष्य की तस्वीर साफ होगी।

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सेना और मोहम्मद यूनुस के बीच सीधी तकरार
दरअसल पिछले साल बांग्लादेश में जनविरोध के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ था। उसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी। उस वक्त सेना ने कहा था कि अंतरिम सरकार के सुधार एजेंडा लागू करने के लिए सेना पूरी मदद करेगी। हालांकि, 9 महीने में ही स्थिति बदल गई और यूनुस और सेना प्रमुख वकार-उज-जमान के बीच तलवार खिंच गई है। आर्मी चीफ ने सार्वजनिक बयान देकर कह दिया है कि अंतरिम सरकार का काम सेना के मामलों में हस्तक्षेप करना नहीं है। उनकी भूमिका संवैधानिक दायरे में चुनाव कराने तक सीमित है।
यूनुस के सामने आज खालिदा जिया नहीं बल्कि सबसे बड़ी चुनौती सेना है। सेना से टकराने की कोशिश कर रहे बांग्लादेश के कार्यवाहक सरकार के मुखिया सेना की चुनौती से निपटने के लिए सड़क पर अपनी संगठन ताकत दिखाना चाहते हैं। अब देखना है कि देश के कट्टरपंथी संगठन और दूसरे संगठन यूनुस के साथ रहते हैं या उनकी विदाई होती है।
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