US Iran Peace Deal: होर्मुज खोलने से फ्रीज संपत्तियां रिलीज तक! अमेरिका-ईरान डील में इन 14 मुद्दों पर सहमति
US Iran Peace Deal: करीब चार महीने से जारी अमेरिका-ईरान टकराव को रोकने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने एक शुरुआती समझौते (MoU) पर सहमति बनने की पुष्टि की है।
इस डील में युद्ध रोकने से लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने, ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों में राहत, फ्रीज फंड रिलीज और आगे की परमाणु वार्ता तक कई अहम बिंदु शामिल हैं। हालांकि यह अभी फाइनल पीस एग्रीमेंट नहीं है, लेकिन मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने की दिशा में इसे बड़ा ब्रेकथ्रू माना जा रहा है।

Middle East Crisis Resolution: US-ईरान डील के 14 बड़े पॉइंट
- अमेरिका और ईरान सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकेंगे।
- लेबनान फ्रंट भी सीजफायर व्यवस्था में शामिल होगा।
- अमेरिका ईरान के घरेलू मामलों में दखल नहीं देगा।
- ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटेगी।
- 30 दिनों के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जहाजों के लिए फिर से खोला जाएगा।
- अमेरिकी सेना ईरान के आसपास तैनात कुछ इलाकों से पीछे हटेगी।
- ईरानी तेल निर्यात पर लगी कुछ पाबंदियों में राहत दी जाएगी।
- ईरान को अपनी तेल कमाई तक दोबारा पहुंच मिलने का रास्ता खुलेगा।
- अमेरिका और उसके सहयोगी देश पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर तक की मदद देंगे।
- अगले 60 दिनों तक दोनों देशों के बीच विस्तृत बातचीत जारी रहेगी।
- ईरान NPT के तहत परमाणु हथियार नहीं बनाने की प्रतिबद्धता दोहराएगा।
- बातचीत के दौरान अमेरिका कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा।
- बातचीत के दौरान अमेरिका नई सैन्य कार्रवाई भी नहीं करेगा।
- ईरान की 24 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियां चरणबद्ध तरीके से रिलीज की जाएंगी और समझौते की मॉनिटरिंग के लिए अलग मैकेनिज्म बनाया जाएगा।
ये भी पढे़ं: Petrol Diesel Prices: US-ईरान युद्ध खत्म,कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट, क्या भारत में घटे पेट्रोल के दाम?
होर्मुज खुलने से ग्लोबल ट्रेड को राहत
इस समझौते का सबसे बड़ा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दिख सकता है। दुनिया के तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। पिछले महीनों में तनाव बढ़ने के कारण शिपिंग कॉस्ट, इंश्योरेंस प्रीमियम और एनर्जी प्राइस पर दबाव बना हुआ था। अगर तय समय के भीतर होर्मुज पूरी तरह खुल जाता है तो एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट के बीच कार्गो मूवमेंट सामान्य हो सकेगा। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन और तेल बाजार दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।
फंड रिलीज और ऑयल एक्सपोर्ट पर फोकस
डील के आर्थिक हिस्से को ईरान के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर की चरणबद्ध वापसी और तेल निर्यात से जुड़ी राहत ईरानी अर्थव्यवस्था को ऑक्सीजन दे सकती है। इसके अलावा पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित 300 अरब डॉलर की सहायता भी चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि यह पूरी रकम तुरंत नहीं मिलेगी और इसके लिए कई शर्तें लागू होंगी। फिर भी आर्थिक मोर्चे पर यह समझौता ईरान के लिए राहत पैकेज जैसा माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें: Iran Vs America: 60 दिनों के लिए थमेगी जंग, खुलेगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज! अमेरिका-ईरान समझौते की 5 बड़ी बातें
परमाणु मुद्दा अभी भी सबसे बड़ा सवाल
हालांकि युद्ध रोकने पर सहमति बन गई है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बरकरार हैं। अमेरिकी पक्ष चाहता है कि उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार पूरी तरह खत्म किया जाए, जबकि ईरान उसे कम संवर्धित रूप में अपने पास रखने की बात कर रहा है। अगले 60 दिनों की बातचीत में यही सबसे संवेदनशील मुद्दा रहने वाला है। यदि इस पर सहमति बनती है तो फाइनल पीस डील का रास्ता आसान होगा, लेकिन असहमति की स्थिति में नई चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।












Click it and Unblock the Notifications