Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bangladesh political crisis: दिसंबर तक होगा यूनुस का पत्ता साफ! बांग्ला आर्मी ने दी खुली चेतावनी, घबराए यूनुस

Bangladesh political crisis: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। राजनीतिक दलों के बीच सहमति की कमी के कारण उनके लिए प्रभावी ढंग से काम करना पहले ही उनके लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था, इसी बीच अब आर्मी से भी उनके सीधे टकराव की खबरें सामने आने लगी हैं। लिहाजा अब यूनुस का सत्ता सुख ज्यादा दिन का नजर नहीं आ रहा। इसके पीछे क्या-क्या कारण बताए जा रहे हैं, जानेंगे इस खबर में।

बांग्ला आर्मी ने यूनुस को दिखाई औकात

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार और सेना के बीच तनाव हाल ही में साफ हो गया है। बांग्लादेश के आर्मी चीफ जनरल वकार-उज़-ज़मा ने खुले तौर पर कहा है कि आम चुनाव इस साल दिसंबर के बाद नहीं टाले जाने चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यूनुस की सरकार के पास संवेदनशील राष्ट्रीय मामलों पर फैसले लेने के लिए नैतिक या संवैधानिक अधिकार का अभाव है। एक तरह से देखा जाए तो उन्होंने यूनुस की सरकार को ही अवैध करार दे दिया है। यह यूनुस के सत्ता संभालने के बाद पहली बार है कि इस तरह से आर्मी उन्हें दुत्कार रही है।

Bangladesh political crisis

रखाइन कॉरिडोर पर तख्तापलट की धमकी

दरअसल म्यांमार की सीमा के पास रखाइन जिले में इस कोरिडोर को बनाकर म्यांमार में मदद भेजना चाहती थी, इसी को लेकर सेना और सरकार के बीच मतभेद हो गया। इस बीच बांग्लादेश के विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन ने इस कोरिडोर पर अमेरिका के साथ समझौते की घोषणा की थी, जिससे सेना में भयंकर नाराजगी पैदा हो गई। सिर्फ इतना ही नहीं आर्मी चीफ जनरल वकार ने इसे "खूनी गलियारा" तक कह दिया और संप्रभुता को ख़तरे में डालने वाली किसी भी कदम के ख़िलाफ़ कार्रवाई की चेतावनी दी। जिसे यूनुस सरकार के तख्तापलट से जोड़ा जाए तो कोई दो राय नहीं है।

तख्तापलट के डर से पलटा अपना फैसला

इसके बाद, घबराए हुए यूनुस ने अपना रुख पलटते हुए रखाइन कॉरिडोर के बारे में किसी भी समझौते से इनकार कर दिया। सेना का कहना है कि उनकी सहमति के बिना इस तरह का कॉरिडोर बनाना अवैध है। यह असहमति और बयानबाजी बताती है कि सेना यूनुस से कितनी खफा है। यदि इसके बाद यूनुस दोबारा इस तरह का कोई फैसला सेना की मर्जी के खिलाफ लेते हैं तो उन्हें कुर्सी से उतार फेंका जा सकता है।

चुनावों के लिए राजनीतिक दबाव

खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भी दिसंबर तक चुनाव कराने का आग्रह किया है, जिससे यूनुस पर दबाव बढ़ गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द ही चुनाव की घोषणा नहीं की तो वह सरकार का किसी भी तरह से सहयोग नहीं करेंगी। बता दें यूनुस ने जनवरी से जून 2026 के बीच चुनाव कराने का सुझाव दिया है, लेकिन दिसंबर 2025 से आगे चुनाव कराने से सेना नाराज है। अब दोनों के बीच इसी बात को लेकर तनातनी बढ़ चुकी है।

खत्म नहीं हो रही यूनुस की चुनौतियां

यूनुस को विभिन्न मोर्चों से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कट्टरपंथी गुट जमात-ए-इस्लामी भी चुनावों में देरी का समर्थन कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस सरकार के लिए पांच साल का कार्यकाल अपेक्षित था, लेकिन सैन्य और छात्रों के दबाव ने मामले को काफी मुश्किल बना दिया है।

तनाव का बैकग्राउंड

पिछले साल 5 अगस्त को शेख हसीना ने अपने प्रशासन के खिलाफ़ छात्रों के व्यापक विरोध के बीच प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और देश छोड़कर भाग निकली थीं। ये विरोध प्रदर्शन स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के लिए 30% नौकरी कोटा लागू करने वाले हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद शुरू हुए थे, जिसे बाद में हसीना की सरकार ने रद्द कर दिया था। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी, लिहाजा प्रदर्शन जारी रहा और फिर आगे की कहानी आपको पता ही है।

कैसे होता है बांग्लादेश का चुनाव?

बांग्लादेश में भी भारत के लोकसभा चुनावों जैसी ही चुनावी प्रक्रिया अपनाई जाती है। संसद के सदस्यों का चुनाव हर पांच साल में 300 सीटों पर होता है। इसके अलावा, संसद में महिलाओं के लिए 50 सीटें आरक्षित हैं, जिन पर सीधे चुनाव नहीं होते। प्रधानमंत्री बांग्लादेश की सरकार का नेतृत्व करते हैं, जबकि राष्ट्रपति संसद द्वारा निर्वाचित औपचारिक प्रमुख के रूप में कार्य करते हैं।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+