Maharashtra Politics: 6 साल बाद मातोश्री पहुंचे राज ठाकरे, उद्धव के बर्थडे पर मुलाकात से बढ़ा सियासी सस्पेंस!
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में रविवार को एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। राज ठाकरे करीब छह साल बाद उद्धव ठाकरे से मिलने के लिए मातोश्री पहुंचे। यहां उन्होंने अपने चचेरे भाई को फूलों का गुलदस्ता देकर जन्मदिन की बधाई दी। इसके अलावा, दोनों भाइयों ने बाला साहब ठाकरे की प्रतिमा पर फूल भी चढ़ाए। पिछले दिनों दो दशक बाद ठाकरे भाइयों ने मंच साझा किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक अलग कमरे में बातचीत हुई है।
इससे पहले 6 साल पहले आखिरी बार राज ठाकरे मातोश्री अपने बेटे अमित की शादी का कार्ड देने आए थे। इस बार उनका ठाकरे परिवार के आवास पर पहुंचना कई अटकलों को बल दे रहा है। पिछले कुछ महीनों से ऐसी चर्चा है कि परिवार फिर एकजुट हो सकता है और दोनों मिलकर बीएमसी चुनाव में किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं।

Maharashtra Politics: बेटों के भविष्य के लिए एक होंगे ठाकरे भाई?
राज ठाकरे के बेटे अमित ने इस बार चुनाव लड़ा था लेकिन जीत नहीं पाए। उद्धव ठाकरे भी अपने बेटे आदित्य के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अपने बेटों के भविष्य और परिवार की ताकत को मजबूत करने के लिए दोनों भाई एक साथ आ सकते हैं। राज ठाकरे की पार्टी का राजनीतिक भविष्य अधर में है, जबकि उद्धव के सामने पार्टी में अब और कोई बड़ी टूट को रोकना चुनौती है। हालांकि, मुलाकात के बारे में शिवसेना (यूबीटी) नेताओं का कहना है कि यह एक पारिवारिक मुलाकात थी।
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परिवार के टूटने के बाद होने वाली इस तरह की भेंट में अक्सर राजनीतिक संदेश छिपे होते हैं। कुछ ही दिनों में बीएमसी चुनाव भी होने वाले हैं। ऐसी खबरें भी हैं कि उद्धव ठाकरे इंडिया गठबंधन में सहज नहीं हैं और वह फिर से बीजेपी के साथ जा सकते हैं। पिछले कुछ वक्त से उद्धव और राज ठाकरे के बीच की तल्खी भी पहले से कम हुई है।
बीएमसी चुनाव से पहले महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात सिर्फ 'शिष्टाचार' तक सीमित नहीं रहने वाली। राज ठाकरे का मातोश्री आना सिर्फ एक भाई के लिए प्रेम की कहानी नहीं है, बल्कि यह संकेत हो सकता है कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा गठजोड़ आकार ले रहा है। आने वाले हफ्ते इस दिशा में और इशारे दे सकते हैं। इसी साल मुंबई में बीएमसी चुनाव होने को है। दोनों भाई इस चुनाव में एक साथ आ सकते हैं। इससे पहले शिवसेना यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा था कि महाराष्ट्र की जनता चाहती है कि दोनों भाई एक साथ मिलकर चुनाव लड़ें।
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