Trump Xi Jinping Meeting: ईरान की पीठ में चीन ने घोंपा छुरा? शी जिनफिंग के एक वादे से हिली ईरान की सत्ता!
Trump Xi Jinping Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनफिंग की मुलाकात के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के अनुसार, चीन ने ट्रंप से वादा किया है कि वह ईरान को किसी भी तरह का साजो-सामान या सैन्य मदद मुहैया नहीं कराएगा।
यह खबर ईरान के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि चीन उसका एक मजबूत सहयोगी रहा है। हालांकि, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के विवाद को सुलझाने के लिए चीन से कोई सीधी सैन्य मदद नहीं मांगी है, लेकिन इस नए समीकरण से मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) की भू-राजनीति में हलचल तेज होना तय है।

ईरान को लेकर चीन का बड़ा वादा
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप की यात्रा के दौरान चीन ने साफ किया है कि वह ईरान की किसी भी तरह से मदद नहीं करेगा। ग्रीर के मुताबिक, अमेरिका का पूरा ध्यान इसी बात पर था कि चीन ईरान का साथ देना बंद करे, और इसमें उन्हें कामयाबी भी मिली। इस वादे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान अलग-थलग पड़ सकता है, जिससे उसकी मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।
होर्मुज संकट और संयुक्त सैन्य अभ्यास नहीं
होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में चीन का अपना व्यापारिक हित जरूर है, लेकिन वह इसमें सीधे तौर पर शामिल नहीं होना चाहता। ग्रीर ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप चीन के साथ कोई संयुक्त सैन्य अभियान (Joint Military Operation) नहीं करना चाहते हैं। अमेरिका बस यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जब वह इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित करने का प्रयास करे, तो चीन उसके रास्ते में न आए।
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टैरिफ पर नहीं हुई राष्ट्रपतियों की बात
पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध (ट्रेड वॉर) छिड़ा रहा, लेकिन इस बार ट्रंप और शी जिनफिंग के बीच सीधे तौर पर टैक्स या टैरिफ को लेकर कोई बात नहीं हुई। ग्रीर ने बताया कि राष्ट्रपतियों की मुलाकात से पहले अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और अन्य अधिकारियों ने चीनी समकक्षों के साथ जमीनी मुद्दों पर बातचीत कर ली थी, ताकि मुख्य नेताओं का समय बच सके। इसके अलावा दोनों देश एक 'व्यापार बोर्ड' बनाने पर भी विचार कर रहे हैं।
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अमेरिका को मिले कई बड़े व्यापारिक फायदे
आलोचकों के दावों को खारिज करते हुए ग्रीर ने बताया कि इस दौरे से अमेरिका को बड़े फायदे हुए हैं। चीन जल्द ही अमेरिका से मीट (मांस) का आयात फिर से शुरू करने जा रहा है। इसके साथ ही, चीन कुछ अमेरिकी बायोटेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स की समीक्षा करने और अमेरिका से 200 बोइंग विमान खरीदने पर भी सहमत हुआ है। हालांकि चीन ने अभी तक इन समझौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।












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