Iran Vs America War: ईरान होगा पूरी तरह तबाह! फिर से अटैक करने की तैयारी में अमेरिका, ट्रंप का क्या है प्लान?
Iran Vs America War: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव एक बार फिर दुनिया को बड़े युद्ध की दहलीज पर खड़ा कर रहा है। शांति वार्ता की विफलता और राष्ट्रपति ट्रंप के सख्त रुख ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0' की चर्चा तेज कर दी है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने हवाई हमलों से लेकर जमीनी सैन्य कार्रवाई तक के विकल्प तैयार रखे हैं।
ट्रंप का स्पष्ट संदेश है कि या तो ईरान परमाणु कार्यक्रम बंद करे, या फिर गंभीर परिणामों का सामना करने के लिए तैयार रहे। दूसरी ओर, ईरान ने भी अपनी मिसाइल साइटों को सक्रिय कर जवाबी हमले की चेतावनी दी है, जिससे मध्य-पूर्व में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।

Operation Epic Fury 2.0: चीन से लौटते ही ट्रंप की कड़ी चेतावनी
चीन दौरे से लौटने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के तेवर ईरान को लेकर बेहद आक्रामक हैं। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ स्ट्रैट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) के संकट पर गंभीर चर्चा की है। ट्रंप का मानना है कि अप्रैल के युद्धविराम के बाद ईरान ने परमाणु कार्यक्रम रोकने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए। फिलहाल, ट्रंप इस दुविधा में हैं कि सैन्य हमला किया जाए या कूटनीति को एक आखिरी मौका दिया जाए, लेकिन उनकी 'समझौता या तबाही' वाली चेतावनी ने साफ कर दिया है कि समय कम बचा है।
Hormuz crisis: ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0 की तैयारी
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संकेत दिए हैं कि पेंटागन ईरान पर दोबारा बड़े हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0' का नाम दिया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अगले हफ्ते से ही अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के चुनिंदा ठिकानों को निशाना बना सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को पंगु बनाना है। हेगसेथ के बयान से यह स्पष्ट है कि अमेरिका अब केवल बातचीत पर निर्भर नहीं रहना चाहता और सैन्य बल प्रयोग के लिए तैयार है।
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तीन प्रमुख सैन्य रास्ते तैयार
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ तीन प्रमुख सैन्य रास्ते तैयार किए हैं। पहला विकल्प बड़े पैमाने पर मिसाइल और हवाई हमले करना है, जिससे ईरान के सैन्य ढांचे को तोड़ा जा सके। दूसरा, विशेष कमांडो दस्ते जमीन पर उतारना, ताकि उनके भूमिगत परमाणु केंद्रों को नष्ट किया जा सके। तीसरा और सबसे बड़ा खतरा ईरान के तेल निर्यात केंद्र 'खार्ग आइलैंड' पर कब्जा करना है। हालांकि, इन विकल्पों में बड़ी संख्या में सैनिकों की जरूरत होगी, जिससे युद्ध और अधिक महंगा और विनाशकारी हो सकता है।
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किसी भी हमले का जवाब दोगुना ताकत से दिया जाएगा
ईरान ने अमेरिका की धमकियों के आगे झुकने से इनकार कर दिया है। ईरानी संसद के स्पीकर ने स्पष्ट किया है कि किसी भी हमले का जवाब दोगुना ताकत से दिया जाएगा। खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अपने 33 में से 30 मिसाइल ठिकानों को फिर से सक्रिय कर लिया है। ये ठिकाने विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित हैं, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। ईरान की यह तैयारी दिखाती है कि वह खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हितों और तेल टैंकरों को निशाना बनाने में सक्षम है।












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