ओमिक्रॉन वेरिएंट पर सिंगापुर की यह रिपोर्ट चिंता बढ़ा रही है
सिंगापुर, 6 दिसंबर: सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि दुनियाभर से जो क्लिनिकल आंकड़े मिल रहे हैं, उससे लगता है कि कोविड-19 का ओमिक्रॉन वेरिएंट ज्यादा संक्रामक तो है ही, डेल्टा और बीटा वेरिएंट के मुकाबले इससे दोबारा संक्रमित होने का भी जोखिम अधिक है। मतलब जिन लोगों को पहले कोरोना हो चुका है, उनके इस वेरिएंट से दोबारा संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है। हाल के दिनों में वहां भी कोविड के नए मामले बढ़े हैं। उधर अमेरिका के बड़े वैज्ञानिक एंथनी फाउची ने भी नए वेरिएंट को लेकर सतर्कता बरतने को कहा है।
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'कोविड से स्वस्थ हो चुके लोगों के संक्रमित होने के ज्यादा चांस'
चैनल न्यूज एशिया ने सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से रविवार को ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर जो अपडेट दिया, उसके अनुसार, ' जो लोग पहले कोविड-19 से स्वस्थ हो चुके हैं, उन्हें ओमिक्रॉन वेरिएंट से दोबारा संक्रमित होने के ज्यादा आसार हैं।' रविवार को सिंगापुर में कोविड के 552 नए मामले और इससे संबंधित 13 मौत सामने आए थे। वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि पिछले कई दिनों से वह दक्षिण अफ्रीका समेत कई और प्रभावित देशों के एक्सपर्ट से सक्रिय रूप से संपर्क में है और इससे संबधित सभी जानकारियां जुटा रहा है। वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि वो ओमिक्रॉन वेरिएंट से जुड़े अपडेट तो जारी कर रहा है, लेकिन कई सवालों के स्पष्ट जवाब अभी भी पता नहीं हैं।
वैक्सीन के प्रभाव पर क्या कहा?
जहां तक कोविड के मौजूदा टीकों के बारे में सवाल है तो वहां की सरकार का कहना है, 'पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों का आमतौर पर यह विचार उभर करके आ रहा है कि मौजूदा कोविड-19 वैक्सीन अभी भी ओमिक्रॉन वेरिएंट पर काम करेगा, खासतौर पर से लोगों को गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने में।' अभी तक नए वायरस की गंभीरता किस तरह की दिखाई पड़ रही है, इसके बारे में सिंगापुर स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 'ज्यादातर में हल्के लक्षण देखे गए हैं और अभी तक ओमिक्रॉन से जुड़ी कोई मौत नहीं हुई है।' वहीं ओमिक्रॉन वेरिएंट वाले मरीजों में जो सामान्य लक्षण पाए जा रहे हैं, उनमें- गले में खराश, थकान और खांसी शामिल हैं।
अभी सावधान रहना होगा- एंथनी फाउची
मंत्रालय के मुताबिक ओमिक्रॉन वेरिएंट से पीड़ित बुजुर्गों पर और ज्यादा जानकारी इकट्ठा करने की जरूरत पड़ेगी, जिससे पता चल पाएगा कि क्या यह डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉक्टर एंथनी फाउची ने सीएनएन से कहा है, 'अभी तक ऐसा नहीं लगता कि इससे बहुत ही ज्यादा गंभीरता जुड़ी हुई है......' हालांकि, साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि 'लेकिन, हमें यह तय करने से पहले बहुत ही सावधान रहना होगा कि यह कम गंभीर है या सच में यह डेल्टा की तुलना में गंभीर रूप से बीमार नहीं करता है..'
इस बीच भारत में ओमिक्रॉन कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए कई राज्यों ने वैक्सीनेशन की गति बढ़ा दी है और निगरानी पर भी दोबारा जोर देने लगे हैं। तमिलनाडु सरकार ने तो बाकी कदमों के अलावा घर-घर जाकर वैक्सीनेशन कराने का भी फैसला किया है। इसी तरह कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली सभी प्रदेशों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।












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