Delhi Weather: मार्च की गर्मी में दिल्ली में अचानक बारिश क्यों? IMD ने बताया असली कारण, आगे कैसा रहेगा मौसम?

Delhi Weather Rain Surprise: दिल्ली-एनसीआर में रविवार सुबह लोगों को मौसम ने अचानक चौंका दिया। मार्च के मध्य तक जहां आमतौर पर तेज धूप और बढ़ती गर्मी महसूस होने लगती है, वहीं इस बार सुबह आसमान में घने बादल, ठंडी हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिली। कई जगहों पर तेज हवा के झोंकों के साथ बूंदाबांदी और गरज-चमक भी दर्ज की गई।

मौसम विभाग के मुताबिक यह बदलाव अचानक नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक खास मौसम प्रणाली काम कर रही है। यही वजह है कि राजधानी समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है।

Delhi Weather Rain Update

दिल्ली में मार्च में बारिश क्यों हो रही है? (Why Is It Raining In Delhi In March)

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दिल्ली और उत्तर भारत में इस समय जो बारिश हो रही है, उसका सबसे बड़ा कारण वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक कम दबाव वाली मौसम प्रणाली होती है जो भूमध्यसागर (Mediterranean Sea) के आसपास बनती है। यह सिस्टम ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान होते हुए भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों तक पहुंचता है।

सर्दियों के दौरान यही सिस्टम हिमालयी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का कारण बनता है। इस साल मार्च में ऐसे कई पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय हुए हैं। इसी वजह से नमी उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों तक पहुंच रही है और दिल्ली-एनसीआर में बारिश और आंधी-तूफान जैसे हालात बन रहे हैं।

IMD का क्या कहना है? (IMD Weather Forecast)

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही अनुमान जताया था कि दिल्ली-एनसीआर में रविवार सुबह हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं।

दिल्ली में हाल के दिनों में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा चल रहा था। लेकिन बारिश के बाद तापमान में 3 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। इससे लोगों को बढ़ती गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।

मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी (Weather Experts Warning)

मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में यह इस सीजन की पहली बारिश है। उन्होंने बताया कि रविवार को दिन के पहले हिस्से में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है और दोपहर के बाद मौसम साफ होने की संभावना है।

हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद जैसे इलाकों में अगले कुछ घंटों में तेज गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है।

किन राज्यों में बारिश और बर्फबारी होगी? (Which States Will Get Rain)

  • मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रविवार को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
  • इन पहाड़ी राज्यों में होने वाली यह गतिविधि धीरे-धीरे मैदानी इलाकों तक पहुंच रही है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ में भी 15 से 19 मार्च के बीच गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
  • पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी तेज बारिश हो सकती है।
  • मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बारिश के आसार बने हुए हैं।

कब तक रहेगा ठंडा मौसम? (How Long Will The Cool Weather Last)

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 17 मार्च की रात से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसकी वजह से बारिश और ठंडी हवाओं का यह दौर कुछ दिन और जारी रह सकता है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च के मध्य से दक्षिण और पूर्वी भारत में भी प्री-मॉनसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं।

कुछ स्वतंत्र मौसम विशेषज्ञों का यह भी अनुमान है कि इस बार देश में भीषण हीटवेव का खतरा अप्रैल के मध्य यानी 15 से 20 अप्रैल के बाद ही बढ़ सकता है।

क्या किसानों के लिए अच्छी खबर है? (Impact On Farmers)

बारिश से तापमान में गिरावट जरूर आती है, जिससे गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों को कुछ हद तक राहत मिल सकती है। लेकिन मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

तेज आंधी, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाएं खड़ी फसलों और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा बिजली गिरने और तेज हवाओं से बिजली और संचार लाइनों को भी नुकसान हो सकता है।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने बागों और सब्जी की फसलों को ओलों से बचाने के लिए जाल का इस्तेमाल करें और पशुओं को खुले में न छोड़ें।

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