USCIRF की धार्मिक स्वतंत्रता से जुडे़े आरोपों को भारत ने किया खारिज, बताया पक्षपाती
India rejected USCIRF allegations: भारत ने सोमवार को अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की वार्षिक रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया। रिपोर्ट में अमेरिकी प्रशासन से भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति में सुधार को वाशिंगटन की सुरक्षा सहायता और द्विपक्षीय व्यापार से जोड़ने की सिफारिश की गई थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने USCIRF की नवीनतम रिपोर्ट का संज्ञान लिया है। हम भारत के उसके प्रेरित और पक्षपातपूर्ण चित्रण को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं।" उन्होंने आयोग द्वारा भारत पर लगाये गए आरोपों को "संदिग्ध स्रोतों और वैचारिक आख्यानों पर आधारित" करार दिया।

चयनात्मक आलोचना पर निशाना
जायसवाल ने कहा कि USCIRF "बार-बार की गलतबयानियों" के कारण अपनी विश्वसनीयता खो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि आयोग भारत की आलोचना के बजाय अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमलों और भारतीय प्रवासियों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता जैसे मामलों पर ध्यान दे।
रिपोर्ट के मुख्य आरोप
USCIRF ने भारत को "विशेष चिंता वाले देश" के रूप में नामित करने की पुरानी मांग दोहराई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि 2025 में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता लगातार बिगड़ रही है। इसमें कहा गया कि सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाने वाले नए कानून लागू किए, कई राज्यों ने धर्मांतरण विरोधी कानूनों को कड़ा किया, और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा को रोकने में विफल रही।












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