Israel Iran War: ईरान में खामनेई के बाद कौन संभाल सकता है बागडोर, जानें दावेदारों की पूरी कुंडली
Israel Iran War: इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष तेज होता जा रहा है। अमेरिका और इजरायल ने स्पष्ट कर दिया है कि हमले जारी रहेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो सख्त भाषा में चेतावनी देते हुए सीधे सुप्रीम लीडर खामनेई को भी धमकी दी है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने भी कहा भी है कि खामनेई का हाल सद्दाम हुसैन जैसा हो सकता है।
खामनेई की उम्र 81 साल के करीब बताई जाती है और वह कई गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहे हैं। बताया जाता है कि खामनेई का एक हाथ लकवा ग्रस्त है और उन्हें ठीक से सुनाई नहीं देता है। पिछले साल ऐसी खबरें भी आई थीं कि गंभीर रूप से बीमार होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। चलिए जानते हैं कि खामनेई के बाद ईरान की सत्ता के दावेदार कौन हैं।

Israel Iran War: खामनेई के पुत्र मोजतबा खामनेई
खामनेई के बाद ईरान की सत्ता का सबसे बड़ा दावेदार उनके बेटे मोजतबा खामनेई को माना जा रहा है। हालांकि, इस्लामिक क्रांति में ईरान के शाही परिवार और वंशवाद का विरोध किया गया था। इस आधार पर मोजतबा का दावा कमजोर हो जाता है। ईरानी मामलों के जानकारों का कहना है कि खामनेई के बाद नंबर 2 की हैसियत रखने वाले रईसी की मृत्यु के बाद मोजतबा खामनेई एक मजबूत दावेदार बन गए हैं।
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मोजतबा की इंटेलीजेंस और आईआरजीसी में गहरी पकड़ है। 1987 में मोजतबा इराक-ईरान युद्ध में शामिल हुए थे और अपने गहरे संपर्क बनाए। खामनेई की ही तरह मोजतबा भी विरोध-प्रदर्शनों को क्रूरता से दबाते हैं। 2009 चुनाव में ग्रीन मूवमेंट को दबाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। उन्हें 2021 में आयतुल्लाह का दर्जा मिला था जिसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि मोजतबा को सुप्रीम लीडर का दर्जा मिल सकता है। मोजतबा की सार्वजनिक उपस्थिति बहुत कम रही है। अमेरिका का दावा है कि वह सभी बड़े फैसलों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
अयातुल्लाह अलिरेजा अरफी (Alireza Arafi)
अयातुल्लाह अलिरेजा अरफी भी कुम से जुड़े एक वरिष्ठ धार्मिक नेता हैं। वर्तमान में एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स में उपाध्यक्ष, और गार्डियन काउंसिल के सदस्य भी हैं। उनके पक्ष में जो बात जाती है, वह कि उनका धार्मिक और संस्थागत नेटवर्क मजबूत है। साथ ही, वह कई दशकों से सीधे ईरान के शासन-प्रशासन से जुड़े हुए हैं।
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अयातुल्लाह हाशेम हुसेनी बुसहेहरी
अयातुल्लाह हाशेम हुसेनी बुसहेहरी एक प्रमुख ईरानी शिया धार्मिक नेता हैं। साल 2007 से ही वे एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स में बुसेहर प्रांत के प्रतिनिधि हैं और अक्सर उन्हें कोम में शुक्रवार की नमाज पढ़ते भी देखा जाता है। ईरान के धार्मिक-राजनीतिक फैसले लेने वाली प्रमुख सोसाइटी कोम सेमिनरी टीचर्स सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं। धार्मिक मामलों के एक्सपर्ट होने के साथ ही आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी प्रभावी भूमिका रखते हैं। ईरान की जनता को धार्मिक शिक्षा की तरफ मोड़ने वालों के तौर पर उन्हें गिना जाता है। उन्होंने धार्मिक शिक्षा के साथ कला को जोड़ने का श्रेय दिया जाता है, ताकि युवा इस ओर आकर्षित हों।












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