ICC ने किया वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तारीखों का ऐलान, 3 देशों में होंगे मुकाबले, कब शुरू होगा टूर्नामेंट?
ODI World Cup 2027: विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ यानी वनडे वर्ल्ड कप 2027 को लेकर आईसीसी ने एक बेहद बड़ा ऐलान कर दिया है। खेल प्रेमियों का इंतजार खत्म करते हुए इस मेगा टूर्नामेंट की तारीखों का पूरा खाका सामने आ चुका है। क्रिकेट के इस सबसे बड़े टूर्नामेंट का आयोजन अफ्रीका महाद्वीप की धरती पर होने जा रहा है।
आईसीसी बोर्ड की अहम बैठक में तय हुए कार्यक्रम के अनुसार यह टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से शुरू होकर 21 नवंबर 2027 तक खेला जाएगा। लगभग डेढ़ महीने तक चलने वाले इस महामुकाबले में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमें क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित खिताब को अपने नाम करने के लिए आपस में भिड़ती हुई नजर आएंगी।

तीन देशों में होंगे मुकाबले
इस बार वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी संयुक्त रूप से तीन देशों को सौंपी गई है जिसमें साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया शामिल हैं। क्रिकेट इतिहास में यह दूसरी बार होगा जब साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे मिलकर इस बड़े टूर्नामेंट का आयोजन करेंगे, जबकि नामीबिया को पहली बार वर्ल्ड कप की मेजबानी मिली है। साल 2003 में दक्षिण अफ्रीका और ज़िम्बाब्वे ने मिलकर वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी।
टूर्नामेंट के कुल 54 मैचों में से सबसे बड़ा हिस्सा यानी कम से कम 41 मुकाबले साउथ अफ्रीका के आठ बेहतरीन स्टेडियमों में खेले जाएंगे। जिम्बाब्वे को 8 से 10 मैचों की मेजबानी मिल सकती है जिसमें मशहूर विक्टोरिया फॉल्स का नया मैदान भी शामिल होगा, जबकि नामीबिया में तीन मैच खेले जा सकते हैं।
किस तरह का रहेगा फॉर्मेट
क्रिकेट फैंस के रोमांच को दोगुना करने के लिए आईसीसी ने इस बार वर्ल्ड कप के पूरे फॉर्मेट को ही बदल दिया है। पिछले दो वर्ल्ड कप में सिर्फ दस टीमें खेल रही थीं लेकिन इस बार कुल चौदह टीमें हिस्सा लेंगी। इन चौदह टीमों को सात-सात के दो अलग-अलग ग्रुप में बांटा जाएगा।
ग्रुप स्टेज के मुकाबले खत्म होने के बाद दोनों ग्रुप की टॉप तीन-तीन टीमें अगले दौर यानी सुपर सिक्स स्टेज में अपनी जगह पक्की करेंगी। इसके बाद सुपर सिक्स की टॉप चार टीमों के बीच सेमीफाइनल और फिर खिताबी जंग होगी। इस पुराने और बेहद सफल फॉर्मेट की वापसी से उलटफेर की गुंजाइश काफी बढ़ जाएगी।
दो मेजबान टीमों को सीढ़ी एंट्री
मेजबान होने के नाते साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को आईसीसी के पूर्ण सदस्य होने के कारण टूर्नामेंट में सीधे एंट्री मिल गई है। हालांकि नामीबिया को मेजबान होने के बावजूद मुख्य टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालीफायर राउंड की कठिन अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा, जिससे बाकी छह एसोसिएट टीमों का रास्ता साफ होगा।












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