US Iran War: आज रात ईरान पर होगा सबसे बड़ा हमला! किसे टारगेट करेंगे ट्रंप? दुनिया को किस बात का डर?
US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका आज रात ईरान पर सबसे बड़ा हमला करेगा। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन भविष्य में ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्रों में से एक खार्ग द्वीप (Kharg Island) और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर कंट्रोल हासिल करने की कोशिश कर सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों देशों के बीच हालिया सैन्य कार्रवाई ने पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। जानिए इस फैसले का पूरी दुनिया पर क्या असर होने वाला है।
ट्रंप ने कहा क्या है?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज करेगा। उन्होंने लिखा-
"अमेरिका आज रात ईरान (जिसकी Navy, Air force, रडार, Air Defence System और रक्षा के अन्य सभी हथियारों के साथ ज्यादातर सिस्टम खत्म हो चुके हैं) पर बहुत जोर से हमला करेगा।"ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि इसमें ईरान की सैन्य क्षमताओं को लेकर बेहद बड़े दावे किए गए हैं।

खार्ग द्वीप पर कंट्रोल क्यों है टेंशन वाली बात?
अपने बयान में ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका "निकट भविष्य में किसी समय" खार्ग द्वीप और अन्य तेल बुनियादी ढांचे वाले क्षेत्रों पर कंट्रोल हासिल कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ईरान के तेल और गैस बाजारों का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले सकता है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ऐसा कैसे किया जाएगा या इसके लिए अमेरिका की रणनीति क्या होगी।

वेनेजुएला मॉडल का दिया उदाहरण
ट्रंप ने इस संभावित कदम की तुलना वेनेजुएला के प्रति अमेरिकी नीति से भी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका की वेनेजुएला नीति दोनों देशों के लिए शानदार साबित हुई है और इसी तरह का दृष्टिकोण ईरान के मामले में भी अपनाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने इस तुलना को लेकर कोई डिटेल जानकारी साझा नहीं की।
दूसरी बार दी गई ऐसी चेतावनी
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ईरान को लेकर इस तरह का बयान दिया हो। इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को भी उन्होंने इसी तरह की चेतावनी जारी की थी। अब लगातार दूसरे दिन आए इस बयान ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य और राजनीतिक भाषा को और अधिक भयानक बना रहा है।
क्या वास्तव में अमेरिका खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है?
ट्रंप ने यह नहीं बताया कि अमेरिका ईरान के तेल निर्यात बुनियादी ढांचे पर कंट्रोल कैसे करेगा। समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक, कई सैन्य और जियो-पॉलिटिकल विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका वास्तव में किसी ऐसे रणनीतिक क्षेत्र पर कब्जा करना चाहता है, तो इसके लिए केवल हवाई हमले पर्याप्त नहीं होंगे। विश्लेषकों का कहना है कि ऐसी ऊर्जा सुविधाओं को कब्जे में लेने और लंबे समय तक वहां मौजूद रहने के लिए अमेरिकी जमीनी बलों की तैनाती करनी पड़ सकती है, जो एक बड़ा और जोखिम भरा सैन्य कदम होगा।
आखिर खार्ग द्वीप इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
खार्ग द्वीप फारस की खाड़ी में ईरान के दक्षिणी तट से दूर स्थित है। यह ईरान के तेल एक्सपोर्ट नेटवर्क की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है और देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम सोर्स है। ईरान के कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी द्वीप के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। इसके अलावा यह द्वीप दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक, होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz), के उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
क्या होगा दुनिया में असर?
ट्रंप के इस ताजा बयान ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊर्जा बुनियादी ढांचे या तेल एक्सपोर्ट फेसिलिटी को सीधे निशाना बनाया जाता है, तो इसका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर बनी हुई है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, यह वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अहम होगा।
इस मामले पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।














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