Goldy Brar Networth: हनी सिंह से सलमान खान तक धमकियां, आखिर कितनी दौलत का मालिक है गोल्डी बराड़?
Goldy Brar Net Worth: अमेरिका में हाल ही में 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' चलाकर एफबीआई और जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) ने लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और गोल्डी बराड़ के सिंडिकेट पर शिकंजा कसा हें। इस कार्रवाई के बाद से गोल्डी बराड़ का नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया है। भारत सरकार उसे पहले ही यूएपीए (UAPA) के तहत 'व्यक्तिगत आतंकवादी' घोषित कर चुकी है। कभी पंजाब पुलिस के एक असिस्टेंट सब-इन्सपेक्टर का बेटा रहा यह 29 साल लड़का आज देश विरोधी गतिविधियों, टारगेट किलिंग और जबरन वसूली के 20 से ज्यादा मामलों का मुख्य आरोपी है।
मारपीट से शुरू हुआ सफर और कनाडा एस्केप
मूल रूप से पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब का रहने वाला गोल्डी बराड़ शुरुआत से इतना बड़ा क्रिमिनल नहीं था। साल 2012 में 18 साल की उम्र में उस पर पहली बार मारपीट का एक छोटा केस दर्ज हुआ था। शुरुआती मुकदमों में अदालतों से समय पर बरी होने के कारण वह कानूनी शिकंजे से बच गया। साल 2017 में जब उसका पुलिस वेरिफिकेशन हुआ, तो कोई भी केस पेंडिंग न होने का फायदा उठाकर उसने चालाकी से स्टूडेंट वीजा हासिल कर लिया।

गोल्डी के पिता को किया जबरन रिटायर
कुछ समय बाद गोल्डी पढ़ाई के बहाने कनाडा चला गया और वहां से कभी वापस नहीं लौटा। साल 2019 में उसके पिता शमशेर सिंह को पंजाब पुलिस से जबरन रिटायर कर दिया गया क्योकि जांच एजेंसियों को शक था कि वह अपने बेटे के रंगदारी नेटवर्क की मदद कर रहे थे।
बब्बर खालसा इंटरनेशनल और लॉरेंस बिश्नोई से हाथ
कनाडा पहुंचने के बाद बराड़ ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में जबरन वसूली का अपना नेटवर्क फैलाना शुरू कर दिया। उसने प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के सदस्य लखबीर सिंह उर्फ लांडा के साथ सीधा संपर्क बनाया हें। एनआईए (NIA) के मुताबिक, ये दोनों मिलकर भारत में हथियारों की अवैध सप्लाई, आतंकी फंडिंग और टारगेट किलिंग को अंजाम देने लगे।
जब मिला गोल्डी और लॉरेंस का कॉकटेल
गोल्डी बराड़ का लॉरेंस बिश्नोई के साथ जुड़ाव पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति के दौरान हुआ था। छात्र संगठन के पूर्व अध्यक्ष गुरलाल बराड़ के जरिए दोनों करीब आए।
साल 2020 में गुरलाल की हत्या के बाद दोनों गैंगस्टरों ने हाथ मिला लिया। लॉरेंस के जेल में होने के बावजूद गोल्डी कनाडा से ही बिश्नोई गैंग के सबसे बड़े सिंडिकेट का संचालन करता है, नए शूटरों की भर्ती करता है और हवाला नेटवर्क के जरिए धन जुटाता है।
सिद्धू मूसेवाला मर्डर और बॉलीवुड स्टार्स को धमकियां
इस गठजोड़ ने साल 2020 में यूथ कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह की फरीदकोट में हत्या की, जिसकी जिम्मेदारी गोल्डी ने सोशल मीडिया पर ली। इसके बाद साल 2022 में इंटरपोल के माध्यम से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ। 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा में हुए मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड भी गोल्डी ही था। उसने इसे अपने भाई गुरलाल बराड़ और विक्की मिद्दुखेड़ा की मौत का बदला बताया। इस वारदात के लिए सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मेसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल हुआ था और शूटरों ने मूसेवाला की पल-पल की लोकेशन कनाडा भेजी थी।
अपराध से कितना पैसा कमा चुका है गोल्डी?
कनाडा में छिपे भगोड़े और अपराधी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ की कुल संपत्ति (Networth) का कोई आधिकारिक या स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़ा मौजूद नहीं है। उसका पूरा फाइनेंशियल एम्पायर जबरन वसूली, ड्रग्स की तस्करी और इंटरनेशनल क्राइम जैसे अवैध धंधों से जुड़ा है, इसलिए ऑफिशियल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स उसके एसेट्स का कोई रिकॉर्ड नहीं रखते हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया और इंटरनेट के कुछ अपुष्ट सोर्स यह अनुमान लगाते हैं कि उसके पास ₹100 करोड़ से लेकर 300 करोड़ से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति हो सकती है, लेकिन इस दावे का कोई ठोस सबूत नहीं है।
अभी भी रंगदारी मांगता है गोल्डी
गोल्डी बराड़ का नेटवर्क सिर्फ गैंगस्टर्स तक सीमित नहीं है। उसने संगीतकार यो यो हनी सिंह को धमकी देकर मोटी रंगदारी मांगी, गुरुग्राम के शराब कारोबारी चंद्रभान सहगल से बिजनेस में 50 फीसदी की पार्टनरशिप मांगी और उसकी हिट लिस्ट में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का नाम भी शामिल है, जिन्हें उसने ईमेल और टीवी इंटरव्यू के जरिए सीधे आगाह किया था। इसके अलावा 2022 में डेरा अनुयायी प्रदीप सिंह और गुरुग्राम के दो भाइयों, सुरजीत और परमजीत ठाकरान की हत्या में भी उसका नाम सामने आया। अब आतंकवादी घोषित होने के बाद कनाडा सरकार पर इंटरनेशनल प्रेशर बढ़ेगा, जिसने उसे अपनी मोस्ट वांटेड लिस्ट में रखा हें।
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