मौत से कुछ घंटे पहले 31 साल की फेमस एक्ट्रेस के साथ हुआ था ये सब, बेटे को जन्म देने के 15 दिन बाद कैसे गई जान?
Smita Patil: भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जिनकी कमी कभी पूरी नहीं हो पाती। स्मिता पाटिल उन्हीं चुनिंदा एक्ट्रेसेस में शामिल थीं। बेहद कम उम्र में उन्होंने अभिनय की ऐसी मिसाल पेश की थी, जिसे आज भी याद किया जाता है लेकिन जितना शानदार उनका फिल्मी सफर रहा, उतना ही दर्दनाक उनकी निजी जिंदगी का अंतिम अध्याय भी था।
मेडिकल कॉम्प्लिकेशन्स ने ले ली स्मिता पाटिल की जान
आपको बता दें कि 17 अक्टूबर 1955 को पुणे में जन्मीं स्मिता पाटिल ने 13 दिसंबर 1986 को महज 31 साल की उम्र में इस दुनिया को अचानक अलविदा कह दिया था। बेटे प्रतीक बब्बर के जन्म के सिर्फ 15 दिन बाद डिलीवरी के बाद पैदा हुई गंभीर मेडिकल कॉम्प्लिकेशन्स ने उनकी जान ले ली थी। उनके अंतिम दिन की कई घटनाएं आज भी लोगों को इमोशनल कर देती हैं।

मौत से पहले के कुछ घंटो में स्मिता पाटिल के साथ क्या-क्या हुआ?
15 दिन के बेटे प्रतीक को सीने से लगाया और सपने बुनने लगीं
-मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 12 दिसंबर 1986 की सुबह स्मिता पाटिल के लिए बाकी दिनों की तरह ही शुरू हुई थी। सुबह-सुबह बेटे प्रतीक के रोने की आवाज सुनते ही स्मिता पाटिल उठीं और उसे गोद में लेकर दूसरे कमरे में चली गई थीं ताकि पति राज बब्बर की नींद न टूटे। वह अपने नवजात बेटे को चुप कराते हुए उसके भविष्य के सपने बुन रही थीं। वह अपने बेटे को एक्टर ही बनाना चाहती थीं लेकिन उनके दिमाग में ये भी चल रहा था कि कहीं वह अपने नाना की तरह राजनीति में न चला जाए।
-आपको बता दें कि स्मिता पाटिल ने खुद अपने बेटे का नाम 'प्रतीक' रखा था और प्यार से उसी नाम से पुकारने लगी थीं। हालांकि उन्हें ये भी महसूस हुआ था कि उनका शरीर पूरी तरह स्वस्थ नहीं है। हल्के बुखार की वजह से वह पिछले दो दिनों से बेटे को गोद में लेने से भी बच रही थीं लेकिन मौत से कुछ घंटे पहले वह खुद को रोक नहीं सकीं।
पति राज बब्बर का रखा ख्याल, खुद की तकलीफ छिपाती रहीं
-बेटे प्रतीक के सो जाने के बाद स्मिता पाटिल ने राज बब्बर को जगाया। उन्हें पता था कि उस दिन राज बब्बर को एक जरूरी मीटिंग में शामिल होना है। वहीं राज बब्बर ने घर से निकलने से पहले पत्नी स्मिता का माथा छूकर ये देखा कि कहीं उन्हें बुखार तो नहीं है। इसके बाद वह अपने कार्यक्रम के लिए निकल गए। करीबियों के मुताबिक स्मिता पाटिल हमेशा अपने परिवार का बेहद ध्यान रखती थीं। चाहे खुद अस्वस्थ हों लेकिन पति और घर की जिम्मेदारियों को उन्होंने कभी नजरअंदाज नहीं किया था।
-राज बब्बर के घर से निकलने के बाद स्मिता पाटिल अपने रोजमर्रा के काम में बिजी हो गईं। कहते हैं कि उस दिन उन्हें न जानें क्यों, पुणे का घर, बहनों के साथ बिताए पल और मां के गाए मराठी लोकगीत बार-बार याद आ रहे थे। उन्होंने अपनी मां से कहा था कि वह उन पुराने गीतों को दोबारा लिखना और गाना चाहती हैं।
'मुझे अच्छा महसूस नहीं हो रहा है'
-दिन बढ़ने के साथ स्मिता पाटिल की तबीयत बिगड़ने लगी थी। डॉक्टर नियमित जांच के लिए घर पहुंचे थे और शुरुआती तौर पर हल्का बुखार बताकर दवा और ड्रिप शुरू कर दी थी। कुछ देर बाद उनकी हेयर ड्रेसर माया मिलने उनसे आई थी। दोनों ने मिलकर गोदभराई की वीडियो कैसेट भी देखी थी।
-वहीं बातचीत के दौरान अचानक स्मिता पाटिल ने अपनी डेयर ड्रेसर माया से कहा था- मुझे अच्छा महसूस नहीं हो रहा है। उन्होंने अपनी हेयर ड्रेसर से उनके जल्द ठीक होने की दुआ करने को कहा। माया ने उन्हें समझाया कि चिंता की कोई बात नहीं है और वह जल्द स्वस्थ हो जाएंगी लेकिन स्मिता की बेचैनी कम नहीं हुई थी।
मां से मांगी माफी, खराब हालत में दोस्त को किया फोन
-दोपहर तक स्मिता पाटिल की बेचैनी और बढ़ गई थी। इसी दौरान उन्होंने अपनी मां से इमोशनल होकर कहा कि पिछले कुछ समय में उनसे कई बार बहस हुई लेकिन अब उनके मन में कोई शिकायत नहीं बची है।
-कुछ देर बाद उन्होंने अपनी खास दोस्त एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों को फोन कर बताया था कि वह ठीक महसूस नहीं कर रही हैं और चाहती हैं कि वह उनसे मिलने आ जाएं। पूनम ढिल्लों ने शुरुआत में इसे सामान्य कमजोरी समझा था लेकिन बातचीत से साफ था कि स्मिता अंदर से काफी असहज महसूस कर रही थीं।
शाम होते-होते अचानक बिगड़ गई हालत
-शाम को जब राज बब्बर घर लौटे,तब तक स्मिता पाटिल कुछ बेहतर नजर आ रही थीं। उन्होंने राज बब्बर से कहा था कि वह उनके साथ हर कार्यक्रम में जाना चाहती हैं क्योंकि फन्हें पति के साथ रहने पर बेहतर महसूस होता है लेकिन कुछ ही मिनटों बाद अचानक एक्ट्रेस की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उन्हें पेट में तेज दर्द होने लगा और ब्लिडिंग शुरू हो गई। परिवार ने तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया।
-बताया जाता है कि उस समय स्मिता पाटिल अस्पताल नहीं जाना चाहती थीं। उनकी सबसे बड़ी चिंता अपने नवजात बेटे प्रतीक से दूर होने की थी। हालांकि परिवार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया था।
अस्पताल पहुंचते ही स्मिता पाटिल चली गईं कोमा में
अस्पताल पहुंचने तक स्मिता पाटिल की हालत काफी गंभीर हो चुकी थी और वह कोमा में चली गई थीं। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की थी। अस्पताल के बाहर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का जमावड़ा लग गया था और हर कोई उनकी सेहत की खबर जानना चाहता था। इलाज के दौरान कुछ समय के लिए स्थिति नियंत्रित होने की उम्मीद जगी लेकिन धीरे-धीरे उनका ब्लड प्रेशर गिरने लगा था और ब्रेन ने काम करना बंद कर दिया था। आखिरकार 13 दिसंबर 1986 की सुबह ये दुखद खबर सामने आई कि स्मिता पाटिल अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
हमेशा याद की जाएंगी स्मिता पाटिल
31 साल की उम्र में स्मिता पाटिल की अचानक हुई मौत ने पूरे फिल्म जगत को झकझोर कर रख दिया था। मुंबई के बांद्रा स्थित उनके घर से जब उनकी अंतिम यात्रा निकली, तब हर आंख नम थी। स्मिता पाटिल की मां विद्या पाटिल ने बेटी को विदा करते हुए कहा था कि स्मिता एक जुझारू इंसान थीं और अगर उनका शरीर साथ देता तो वह हर मुश्किल से लड़ सकती थी। आज भी स्मिता पाटिल सिर्फ अपनी बेहतरीन फिल्मों के लिए ही नहीं बल्कि अपने साहस, संवेदनशीलता और अधूरे रह गए जीवन सफर के लिए भी याद की जाती हैं।













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