China Propaganda: फाइटर जेट बेचने के लिए चीन की नई चाल, राफेल को लेकर फैलाया प्रोपेगेंडा, दुनिया में थू-थू
China Propaganda against Rafale: चीन अपने J-10CE फाइटर जेट के लिए नए ग्राहक खोजने की जद्दोजहद में अब प्रोपेगेंडा का सहारा ले रहा है। हाल ही में चीनी सरकारी मीडिया और इंजीनियरों ने दावा किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान के J-10C विमानों ने भारत के राफेल जेट्स को मार गिराया।
हालांकि, पिछले एक साल में पाकिस्तान अपने दावों का एक भी सबूत नहीं दे पाया है और यह साफ हो चुका है कि उस संघर्ष में भारत की जीत हुई थी। चीन अब इस फर्जी कहानी के जरिए अपने विमान की साख बचाने और उसे विदेशी बाजारों में बेचने की नाकाम कोशिश कर रहा है। इसको लेकर अब फर्जी कहानी गढ़ कर वीडियो शेयर कर रहा है।

राफेल पर फर्जी दावों का सहारा
चीन की सरकारी मशीनरी और सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि PL-15 मिसाइल से लैस J-10C ने भारतीय राफेल विमानों को ढेर कर दिया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरी तरह से मनगढ़ंत कहानी है। दरअसल, राफेल की मारक क्षमता और तकनीक के सामने J-10C कहीं नहीं टिकता। चीन इस तरह की झूठी खबरें फैलाकर दुनिया को यह दिखाना चाहता है कि उसका विमान राफेल से बेहतर है, ताकि गिरती हुई बिक्री को संभाला जा सके।
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नए अपग्रेड का चीनी दावा
चीन के मुख्य डिजाइनर ली जून ने संकेत दिए हैं कि J-10CE को अब पहले से ज्यादा घातक बनाया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि यह विमान अब हवा से हवा, जमीन और समुद्र में मार करने वाले दर्जनों हथियार ले जा सकता है। चीन का कहना है कि यह 'जेनरेशन अपग्रेड' इसे पुराने मॉडल J-10A और B से काफी अलग बनाता है। चेंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री का लक्ष्य इसे अगले दो-तीन दशकों तक बाजार में टिकाए रखना है, जिसके लिए वे इसमें लगातार बदलाव कर रहे हैं।
बाजार में नहीं मिल रहे खरीदार
भारी प्रचार के बावजूद, पाकिस्तान के अलावा दुनिया के किसी भी देश ने J-10CE को खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। चीन ने कई देशों के साथ बातचीत का दावा किया, लेकिन असलियत में किसी ने भी सौदा फाइनल नहीं किया। एक साल बीत जाने के बाद भी कोई नया ग्राहक न मिलना चीन की चिंता बढ़ा रहा है। विमान की विश्वसनीयता और प्रदर्शन पर उठते सवालों के कारण ही चीन को अब प्रोपेगेंडा और 'ओपन हाउस' जैसे आयोजनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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पाकिस्तान और चीन की जुगलबंदी
रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी इंजीनियरों ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि उन्होंने भारत के खिलाफ पाकिस्तान की सीधे तौर पर मदद की थी। चीन अब पाकिस्तान के जरिए अपनी सैन्य तकनीक का विज्ञापन कर रहा है। हालांकि, 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारत की एकतरफा जीत ने चीन और पाकिस्तान दोनों के दावों की हवा निकाल दी है। चीन अब अपने उन 'मित्र देशों' को लुभाने की कोशिश कर रहा है जो पश्चिमी देशों के विमान खरीदने में असमर्थ हैं, लेकिन वहां भी उसे कामयाबी नहीं मिल रही।












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