Waqf Amendment Bill: 'ये दलाली...',वक्फ विधेयक का सपोर्ट करने वालों पर क्यों भड़क रहे कांग्रेस नेता?
Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लेकर कांग्रेस सांसद और वक्फ संशोधन विधेयक की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के सदस्य इमरान मसूद ने सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने चिश्ती पर बीजेपी की दलाली करने का आरोप लगाया और कहा, 'ये दलाली बंद करें बीजेपी की।'
ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल (AISSC) के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने सोमवार को वक्फ बोर्ड में सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा था कि मुस्लिम समुदाय को वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ भड़काऊ बयानों के चक्कर में नहीं आना चाहिए और सरकार की मंशा पर विश्वास करना चाहिए।

Waqf Amendment Bill: चिश्ती के किस बयान पर भड़के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद
चिश्ती ने अपने बयान में कहा था, 'भारत सरकार जो वक्फ (संशोधन) विधेयक ला रही है, उसकी मंशा पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है। JPC ने सभी पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना और सरकार को रिपोर्ट भेजी। उम्मीद है कि जो विधेयक आएगा वह अच्छा होगा। मुझे लगता है कि वर्तमान वक्फ अधिनियम में बदलाव की जरूरत है और किसी को इससे डरने की जरूरत नहीं है। हमें केवल आधिकारिक बयानों पर विश्वास करना चाहिए। भावनाओं को भड़काने की कोशिश की जा रही है, जो गलत है।'
Waqf Bill: वक्फ बिल का समर्थन किया, इसलिए बीजेपी का 'दलाल' कह दिया!
विपक्षी दल खासकर कांग्रेस इस विधेयक का कड़ा विरोध जता रही है। इसलिए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नसीरुद्दीन चिश्ती के विधेयक के समर्थन वाले बयान की आलोचना करते हुए इसे भाजपा के लिए 'दलाली' करार दिया है।
Waqf Amendment Bill: संसद में बोलने नहीं दिए जाने का लगाया आरोप
मसूद ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है और पूरे बजट सत्र के दौरान उन्हें केवल 55 सेकंड तक बोलने दिया गया।
इमरान मसूद ने केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा, 'जैसे ही विपक्ष के नेता बोलने लगते हैं, उनका माइक बंद कर दिया जाता है, जबकि सत्ताधारी दल के सांसद जो चाहें, वह बोल सकते हैं। यहां बहस और चर्चा की कोई गुंजाइश नहीं बची है। 27 मार्च को सभी फ्लोर लीडर्स ने इस मामले पर स्पीकर को पत्र लिखा था। जैसे ही हम बोलना शुरू करते हैं, माइक बंद कर दिया जाता है। यह पूरी तरह असंवैधानिक है और संविधान की कई धाराओं का उल्लंघन करता है। यह हमारे संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। विपक्ष को कुचला जा रहा है और हमें बोलने नहीं दिया जाता। इस पूरे सत्र में मुझे केवल 55 सेकंड तक ही बोलने दिया गया।'
Waqf Amendment Bill: राहुल गांधी भी लगा चुके हैं ऐसे ही आरोप
सोमवार को कांग्रेस नेता और सांसद जयराम रमेश ने भी केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के नेताओं को बोलने का मौका ही नहीं देती।
इससे पहले 27 मार्च को कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने संसद में राहुल गांधी को रोके जाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि खुद भाजपा के सांसदों को भी यह नहीं पता कि राहुल गांधी को स्पीकर द्वारा क्यों रोका गया और उन पर नियम 349 का हवाला क्यों दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी को जवाब देने का भी मौका नहीं दिया गया, जिससे संसदीय प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।
राहुल गांधी ने भी अपनी नाराजगी जताते हुए कहा, 'मुझे कभी बोलने नहीं दिया जाता। मुझे नहीं पता कि वे किस चीज से डरते हैं?'
वक्फ संशोधन विधेयक को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल असंवैधानिक बता रहे हैं और सरकार पर विपक्ष को दबाने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती जैसे मुस्लिम नेता सरकार के इस विधेयक का समर्थन कर रहे हैं, जिससे विपक्षी नेताओं में ऐसे मुस्लिम नेताओं को लेकर गहरी नाराजगी दिख रही है। (इनपुट-एएनआई)












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