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Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल पर इतना भड़क क्यों रहे हैं ओवैसी? विपक्ष का असली दर्द क्या है?

Waqf Amendment Bill: केंद्र में सत्ताधारी एनडीए (NDA) सरकार की ओर से प्रस्तावित वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद से लेकर सड़क तक पर विरोध की स्थिति बन गई है। समाजवादी पार्टी ने इसके लिए सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है तो एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक को असंवैधानिक करार दिया है।

इस बीच सरकार बुधवार (2 अप्रैल, 2025)को इस विधेयक को हर हाल में पास करवाने के लिए कमर कस चुकी है। बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को इस मौके पर सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप भी जारी कर दिया है।

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Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल पास होने की उम्मीद में बैठी है सरकार

मोदी सरकार का कहना है कि यह विधेयक गरीब मुसलमानों, बच्चों और महिलाओं के हित में है। इसके माध्यम से वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा और अनियमितताओं पर रोक लगेगी। सूत्रों के अनुसार मोदी सरकार को अपने सहयोगी दलों के समर्थन की पूरी उम्मीद है, और कुछ गैर-एनडीए दलों का भी समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है।

इस बीच सरकार का मनोबल इसलिए और ऊंचा हो गया है, क्योंकि इस विधेयक के समर्थन में समाज के कुछ ऐसे संगठन सामने आए हैं, जिससे विपक्षी दलों के मंसूबों को झटका लग रहा है।

Waqf Amendment Bill: वक्फ बिल पर बहस से पहले विपक्ष को क्यों लगा झटका?

मसलन, केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल (KCBC) ने सभी सांसदों से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की है। इस अपील का बीजेपी ने स्वागत किया है, जबकि कांग्रेस ने इसकी आलोचना की है।

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि KCBC की अपील महत्वपूर्ण है और यह दिखाता है कि यह विधेयक किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता के पक्ष में है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस पहल का स्वागत किया है।

वहीं ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने भी इस विधेयक का समर्थन किया है और कहा कि इसका विरोध करने वाले कुछ शक्तिशाली लोग हैं, जिन्होंने वक्फ संपत्तियों पर कब्जा जमा रखा है। ऐसे में विपक्षी दलों के दावों पर बट्टा लगता दिख रहा है।

Waqf Amendment Bill: विपक्ष क्या कह रहा है?

विपक्षी दल, विशेषकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और AIMIM, इस विधेयक के खिलाफ बहुत ही ज्यादा मुखर हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) ने संशोधन पर असहमति जताई है और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

वही कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने KCBC के स्टैंड की आलोचना की है और इसे 'अनावश्यक हस्तक्षेप' करार दिया। AIMIM प्रमुख ओवैसी ने विधेयक को 'वक्फ बर्बाद बिल' कहा है और इसे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ साजिश बता दिया है। उनका दावा है कि यह बिल आर्टिकल 14, 25, 26 और 29 का उल्लंघन करता है।

Waqf Bill: विपक्ष का असली दर्द क्या है?

अगर संसद में संख्या गणित की बात करें तो एनडीए के पास 293 सांसद हैं, जबकि विपक्षी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) के पास 235 सांसद हैं। अन्य 14 सांसद ऐसे हैं जो किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं। इनमें पांच निर्दलीय सांसद और कुछ अन्य दलों के सांसदों से भी मोदी सरकार को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

अगर जेडीयू (JDU) और टीडीपी (TDP) ने विधेयक पर समर्थन दिया तो सरकार इसे आसानी से पारित करा लेगी। विपक्ष को इस बात की चिंता है कि अगर यह विधेयक पास हो जाता है, तो यह बीजेपी के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत साबित होगी।

Waqf Bill News: वक्फ संशोधन बिल के पीछे सरकार और विपक्ष की राजनीति?

सरकार का दावा है कि वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह संशोधन विधेयक पास होना जरूरी है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि इससे मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी और वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता कम होगी।

लेकिन, लगता है कि विपक्ष के विरोध की असली वजह सिर्फ कानूनी और संवैधानिक मुद्दे नहीं हैं, बल्कि उन्हें राजनीतिक नुकसान की भी चिंता है। क्योंकि, अगर यह विधेयक पारित होता है, तो इससे सरकार को मुसलमानों के गरीब तबके में एक सकारात्मक संदेश देने का मौका मिल सकता है। साथ ही, बीजेपी इसे एक बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में भी पेश कर सकती है।

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