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Waqf Amendment Bill: संसद में आज पेश होगा वक्फ बिल, आखिर मुसलमान क्यों कर रहे विरोध?

Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल पर पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है। केंद्र सरकार संसद में इस संशोधित वक्फ विधेयक को पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मंगलवार को लोकसभा में बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान इस पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला जिसमें विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर लिया।

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Waqf Amendment Bill पर सरकार बनाम विपक्ष

वक्फ बिल पर सरकार का फाइलन प्लान बनकर तैयार हो चुका है अब इसे आज लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल पर सदन में 8 घंटे चर्चा होगी। हालांकि विपक्ष इस पर विस्तार से चर्चा की मांग कर रही है।

विपक्ष के हंगामे के बीच भाजपा ने सभी लोकसभा सांसदों को संसद में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। इससे पहले बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में विपक्ष ने भी हिस्सा लिया। विपक्ष के सदस्यों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वो विपक्ष के किसी भी मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है।

सरकार के इस रुख से नाराज होकर प्रमुख विपक्षी सदस्यों ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि हमने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी से वॉकआउट किया क्योंकि सरकार अपना अजेंडा थोप रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की बात नहीं सुन रही है।

Waqf Amendment Bill: क्या है वक्फ बोर्ड?

वक्फ एक इस्लामिक धार्मिक प्रथा है, जिसमें कोई संपत्ति या भूमि अल्लाह की सेवा में स्थायी रूप से समर्पित कर दी जाती है। यह संपत्ति एक ट्रस्ट के रूप में कार्य करती है और इसे बेचा, स्थानांतरित या विरासत में नहीं दिया जा सकता। वक्फ की संपत्तियों का उपयोग निजी कार्य के लिए नहीं किया जा सकता है। इसे आमतौर पर मस्जिदों, मदरसों, कब्रिस्तानों, अनाथालयों, और अन्य सामाजिक कल्याणकारी कार्यों के लिए प्रयोग किया जाता है।

वक्फ की संपत्तियां वक्फ एक्ट 1995 के अधीन है। इसका प्रशासन वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आता है जो केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा मान्यता प्राप्त होते हैं। इस वक्त देश में अलग-अलग राज्यों में कुल 32 वक्फ बोर्ड हैं जो वक्फ की संपत्तियों की देख-रेख करते हैं। वहीं बिहार समेत कई राज्यों में शिया और सुन्नी के लिए अलग-अलग वक्फ बोर्ड भी है।

भारत में अगर किसी ट्रस्ट के पास सबसे ज्यादा ताकत है तो वो वक्फ बोर्ड के पास ही है। वक्फ बोर्ड, वक्फ की कुल संपत्ति, पैसे और उसकी लेन-देन का पूरा लेखा-जोखा रखने का काम करता है। किसे कितना पैसा देना है, वक्फ की संपत्ति का अधिकार, और इससे संबंधित कानूनी अधिकार भी इसी के पास है। वक्फ बोर्ड किसी व्यक्ति के खिलाफ नोटिस भी जारी कर सकता है जो मान्य होगा और इसके किसी फैसले को चुनौती नहीं दी जा सकती है।

Waqf Amendment Bill News: भारत में वक्फ की कितनी संपत्ति?

भारत में वक्फ की संपत्तियां काफी बड़े पैमाने पर फैली हुई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, देश में लगभग 8 लाख एकड़ भूमि वक्फ बोर्डों के अंतर्गत आती है जिनमें लगभग 6 लाख से अधिक पंजीकृत संपत्तियां हैं। देश में रेलवे, सेना के बाद सबसे ज्यादा भू संपत्ति वक्फ बोर्ड के पास है।

इन संपत्तियों का प्रशासन केंद्रीय वक्फ परिषद और विभिन्न राज्य वक्फ बोर्डों के तहत होता है। हालांकि, कई स्थानों पर इन संपत्तियों का अतिक्रमण और अवैध कब्जे की समस्याएं भी सामने आती हैं।

Waqf Amendment Bill Update: विपक्ष क्यों कर रहा विरोध?

वक्फ के नए संशोधित बिल को लेकर सरकार और विपक्ष एक-दूसरे के सामने खड़े हैं। कांग्रेस, आरजेडी, सपा समेट सभी विपक्षी दल इस मुद्दे पर वक्फ बोर्ड का समर्थन कर रहे हैं। बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समीति ने इस साल 27 जनवरी को बीजेपी और उसके सहयोगियों की ओर से बिल के लिए प्रस्तावित 14 संशोधनों को मंजूरी दी थी।

जब विपक्ष की ओर से 44 संशोधन प्रस्तावित किया गया तो सरकार ने इसे खारिज कर दिया जिस पर विपक्षी पार्टियां भड़क गई और सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाया। विपक्ष ने इस संशोधित बिल को विवादित कारर दिया और दावा किया कि वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण हो रहा है और सरकार इसे रोकने में विफल रही है।

सरकार का पक्ष

वहीं सरकार का कहना है कि वक्फ संशोधन बिल से वक्फ की संपत्तियों से जुड़े विवादों को सुलझाने का अधिकार मिलेगा और इसका सही तरीके से उपयोग हो सकेगा। नए संशोधित बिल से मुस्लिम समाज की महिलाओं को भी इसका फायदा मिलेगा।

Waqf Amendment Bill 2025: वक्फ बिल पर मुस्लिम समुदाय की आपत्तियां

  • वक्फ ट्रिब्यूनल का अधिकार खत्म - वक्फ संशोधन बिल में अब वक्फ संपत्ति से जुड़े किसी भी विवाद में हाई कोर्ट में अपील की जा सकती है, जबकि पहले वक्फ ट्रिब्यूनल का फैसला ही अंतिम माना जाता था। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि ये एक धार्मिक संपत्ति है इसमें कोर्ट का दखल सही नहीं है इससे ट्रिब्यूनल के अस्तित्व पर खतरा आ सकता है।

  • दान किए बिना संपत्ति पर दावा नहीं - अब वक्फ बिना दान मिले किसी संपत्ति पर अपना दावा नहीं कर सकता है। इससे पहले, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति पर दावा करता था, तो वह वक्फ की संपत्ति मानी जाती थी।
  • महिला और अन्य धर्मों के सदस्य - अब वक्फ बोर्ड में एक महिला और एक अन्य धर्म का सदस्य अनिवार्य होगा। पहले, बोर्ड में महिला या किसी अन्य धर्म के सदस्य नहीं होते थे।
  • कलेक्टर को अधिकार - अब कलेक्टर वक्फ संपत्ति का सर्वे कर सकेगा और यह तय करने का अधिकार उसके पास होगा कि कोई संपत्ति वक्फ की है या नहीं।
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