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जानिए कितना खतरनाक हो गया है इंडियन मुजाहिदीन

By Ajay Mohan
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नई दिल्ली। भारत में तमाम आतंकी वारदातों को अंजाम दे चुका संगठन इंडियन मुजाहिदीन इतना बड़ा संगठन हो गया है, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। यह सबसे ज्यादा खतरनाक आतंकी संगठन के रूप में उभर चुका है, जिसकी वजह से खुफिया विभाग और सुरक्षा एजेंसियों की नींदें उड़ी हुई हैं। फिर चाहे वो अल-कायदा का रिक्रूटमेंट हो या फिर आईएसआईएस की टुकड़ी, हर जगह इंडियन मुजाहिदीन का स्टैम्प आपको जरूर मिलेगा। यही नहीं वाघा बॉर्डर पर हुए धमाके के सिलसिले में गिरफ्तार आतंकी जुदाल्लाह भी इस संगठन से ताल्लुक रखता है।

एक समय था जब इंडियन मुजाहिदीन के लीडर यासीन भटकल ने कहा था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से नाता तोड़ने का समय आ गया है। उसे लगा कि आईएसआई सिर्फ अपने फायदे के लिये आईएम का इस्तेमाल कर रहा है, मुसलमानों के उत्थान से उसको कोई मतलब नहीं। वास्तव में तमाम आतंकियों को यह महसूस भी होने लगा था कि वो आईएसआई के हाथों की कठपुतली बन गये हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब एनआईए ने एक आतंकी से पूछताछ की। तो उसने कहा, आईएसआई कुछ सुअरों की जमात है।

इंडियन मुजाहिदीन ने भारत में तमाम साजिशें रचीं, लेकिन हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने सब को नाकाम कर दिया। लेकिन इस बीच जो सबसे गंभीर बात उभर कर सामने आयी, वो यह कि अब यह संगठन अंतर्राष्ट्रीय स्तर का आतंकी संगठन बन चुका है।

चयनकर्ता सुलतान अहमद अरमार और उससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • आतंकी सुलतान अहमद अरमार वो शख्स है जो भटकल के लिये काम करता है।
  • यही शख्स इंडियन मुजाहिदीन और अल-कायदा दोनों के लिये रिक्रूटमेंट करता है।
  • पहले सुल्तान सिर्फ आईएसआईएस के लिये ही रिक्रूटमेंट करता था।
  • अरमार का बहुत हद तक झुकाव आईएसआईएस की तरफ भी है।
  • सुलतान अच्छी तरह जानता है कि किस संगठन को कैसे लड़ाकों क‍ी जरूरत होती है।
  • सुलतान ने गुपचुप तरीके से दक्ष‍िण और उत्तर भारत में कई रिक्रूटमेंट कैम्प चलाये।
  • दक्ष‍िण भारत से कई युवाओं को इसने आईएसआईएस में भी भर्ती कराया है।
  • उत्तर भारत से 30 आतंकियों की भर्ती अल-कायदा, अफगानिस्तान के लिये कीं।
  • फिलहाल सुलतान के हाथों में ही आईएम की कमान है।
  • क्या-क्या निकला आईबी की ताज़ा रिपोर्ट में

    इंडियन मुजाहिदीन मानता है कि आईएसआईएस और अल-कायदा दोनों मिलकर भारत के ख‍िलाफ बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं।

    सीरिया और इराक के बाद आईएसआईएस का फोकस अफगानिस्तान होगा और उसके बाद भारत।

    इंडियन मुजाहिदीन भी इन संगठनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिये बेताब है।

    वाघा बॉर्डर हमले में आईएम का कनेक्शन

    • वाघा बॉर्डर पर हमला करने वाले संगठन का नाम जुंदल्लाह है।
    • इस संगठन का निर्माण इरान में श‍िया-सुन्नी के बीच जंग में हुआ था।
    • एक समय में इसका प्रमुख तहरीक-ए-तालिबान का हकीमुल्ला महसूद हुआ करता था।
    • यह संगठन असल में अल-कायदा और तहरीक-ए-तालिबान का मिलाजुला रूप हे।
    • इस संगठन में इंडियन मुजाहिदीन के भी लड़ाके शामिल हुए हैं।
    • यही वह संगठन है, जिसने डेविड हेडली को जन्म दिया था।

    भारत के लिये चुनौतियां

    भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब ढेरों चुनौतियां हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि ये सारे संगठन बहुज जल्द एक हो जायेंगे और फिर भारत में बड़ी साजिश रचने के मनसूबों के साथ आगे बढ़ेंगे।

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    English summary
    The Indian Mujahideen has become bigger than anyone could have imagined. The outfit has became one of India's deadliest home grown terror outfits.
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