महावीर चक्र विजेता कैप्टन नारायण राव सामंत का निधन, बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के लिए मिला था वीरता पुरस्कार
नई दिल्ली: महावीर चक्र विजेता कैप्टन नारायण राव सामंत का बुधवार शाम निधन हो गया। उन्हें साल 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के लिए ये पुरस्कार मिला था। वो एक पनडुब्बी और INS करंज के कमीशनिंग सीओ थे। । कमांडर मोहन नारायण राव सामंत क्राफ्ट वाले उस बल के वरिष्ठ अफसर थे, जिसने मोंगला और खुलना पत्तनों में शत्रु पर सर्वाधिक दुस्साहसिक और अत्यधिक सफल हमलों को अंजाम दिया था। वो पुणे के रहने वाले थे

अपने स्क्वाड्रन का युक्तिचालन अत्यधिक खतरनाक और अनजान मार्ग से करके, कमांडर सामंत ने शत्रु को पूरी तरह से चौंकाने के बाद शत्रु को भारी नुकसान पहुंचाते हुए मोंगला से उसका सफाया कर दिया था। उसके बाद कमांडर सामंत खुलना पर आक्रमण करने और पत्तन में भारी तादाद में खंदकों में तैनात शत्रु का नाश करने के लिए आगे बढ़े। भीषण युद्ध हुआ जिसमें उनके बल पर निरंतर हवाई हमले किए गए। बल के साथ ऑपरेट कर रही मुक्ति वाहिनी की दो नौकाएं डुबो दी गईं। अपनी जान की परवाह करे बिना उन्होंने न केवल बड़ी संख्या में बचे हुए सैनिकों को वहां से उठाकर सही जगह पहुंचाने की व्यवस्था की अपितु दुश्मन पर भीषण हमला जारी रखा जिसके विनाशकारी परिणाम हुए। कमांडर सामंत बहुत बार बाल-बाल बचे लेकिन उन्होंने सुरक्षित समुद्र में लौटने से इंकार कर दिया।। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान कमांडर नारायण राव सामंत ने उत्कृष्ट शौर्य, कर्त्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।












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