Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Kisan Andolan Timeline: किसान आंदोलन की टाइमलाइन, 5 साल की पूरी कहानी, शंभू बॉर्डर पर कब-क्‍या हुआ?

Kisan Andolan Timeline Shambhu Border: किसान आंदोलन में चर्चा का केंद्र रहे हरियाणा-पंजाब के शंभु और खनौरी बॉर्डर अब खाली हो गए हैं। 13 माह बाद आज शाम 20 मार्च 2025 को दिल्ली-अमृतसर-जम्मू-कटरा हाईवे पर यातायात सुचारू हो जाएगा।

पुलिस ने गुरुवार सुबह शंभु और खनौरी से JCB चलाकर बैरिकेडिंग हटानी शुरू कर दी है। यहां पर सीमेंट की बैरिकेडिंग विभिन्‍न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्‍ली कूच करने से रोकने के लिए लगाई गई थी।

Kisan Andolan Fuli Story in Hindi

जगजीत डल्‍लेवाल को कहां ले गई पुलिस?

उधर, 19 मार्च 2025 को पुलिस हिरासत में लिए गए संयुक्‍त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेता जगजीत डल्‍लेवाल को आर्मी के कंट्रोल वाले जालंधर कैंट स्थित पीडब्‍ल्‍यूडी गेस्‍ट हाउस में ले जाया गया है। पहले उनको जालंधर सिटी के PIMS अस्‍पताल ले जाया गया था। वहां से सुबह कैंट एरिया में शिफ्ट किया।

भारत में किसान आंदोलन क्‍यों कर रहे हैं? किसानों ने अपनी मांगों के लिए कब-क्‍या कदम उठाए? आइए समझते हैं पूरी टाइमलाइन।

Farmers Agitation Shambhu Border: शंभु बॉर्डर किसान आंदोलन की टाइमलाइन

Shambhu Border Location: भारत में पंजाब राज्य के पटियाला जिले में शंभू गांव है। यह ​​हरियाणा की सीमा के पास स्थित होने के कारण इसे शंभू बॉर्डर कहा जाता है।

Farmers Protest 2020 India: किसान आंदोलन 2020

सितंबर 2020: केंद्र सरकार ने कृषि से जुड़े तीन विवादास्पद कानूनों को पास किया, जिनके विरोध में किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

नवंबर 2020: पंजाब और हरियाणा के किसानों ने शंभु बॉर्डर पर पहुँचकर प्रदर्शन करना शुरू किया। ये प्रदर्शन नए कृषि कानूनों के खिलाफ थे, जिसमें किसानों ने कानूनों को वापस लेने की मांग की। शंभु बॉर्डर उन मुख्य स्थानों में से एक था जहां किसान दिल्ली की ओर बढ़ने के लिए एकजुट हुए थे।

30 नवंबर 2020: किसानों ने शंभु बॉर्डर के पास एक बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया। यहाँ किसान दिल्ली की ओर बढ़ने के लिए तैयार थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स और नाकेबंदी की थी।

7 दिसंबर 2020: शंभु बॉर्डर पर प्रदर्शन बढ़ता गया और वहाँ पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। किसानों ने शंभु बॉर्डर पर टेंट और अन्य सामान लगा दिए थे।

16 दिसंबर 2020: शंभु बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन और भी तेज हुआ। पंजाब और हरियाणा के किसानों ने अन्य जगहों से यहाँ आकर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

Kisan Andolan Timeline in at Shambhu Border

Kisan Andolan 2021: किसान आंदोलन 2021

जनवरी 2021: शंभु बॉर्डर पर आंदोलन तेज हुआ और किसानों ने इस जगह पर अपनी स्थिति मजबूत की। दिल्ली में 26 जनवरी को किसानों के ट्रैक्टर मार्च के बाद, शंभु बॉर्डर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
25 जनवरी 2021: शंभु बॉर्डर पर किसानों का मनोबल बढ़ा और उन्होंने सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग जारी रखी।

मई 2021: शंभु बॉर्डर पर COVID-19 महामारी के कारण आंदोलन में कुछ समय के लिए गिरावट आई। हालांकि, किसान संगठनों ने इस दौरान भी विरोध जारी रखा और शंभु बॉर्डर पर अपने टेंटों और अन्य सामान को बनाए रखा।

Take a Poll

जून 2021: आंदोलन को और भी समर्थन मिलना जारी रहा। शंभु बॉर्डर पर कई प्रमुख किसान नेता और संगठन अपनी बात रखने के लिए आते थे।

नवंबर 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2021 को किसानों से किए गए वादों को पूरा करते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की। इससे किसानों के बीच खुशी की लहर दौड़ी।

दिसंबर 2021: किसानों ने शंभु बॉर्डर सहित अन्य स्थानों पर आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया और अपनी अपनी जगहों पर लौटने लगे। शंभु बॉर्डर पर किसान नेताओं ने शांति से आंदोलन खत्म करने की घोषणा की।

Kisan Andolan Timeline in at Shambhu Border

Farmers Movement Haryana: किसान आंदोलन 2022

जनवरी 2022: शंभु बॉर्डर पर किसानों ने अपनी कुछ अन्य मांगों के बारे में सरकार से बातचीत जारी रखने का निर्णय लिया। शंभु बॉर्डर पर स्थिति सामान्य हुई, और धीरे-धीरे किसान वापस लौटने लगे।

फरवरी 2022: शंभु बॉर्डर पर आंदोलन खत्म हो गया, लेकिन आंदोलन के दौरान की एकजुटता और संघर्ष को किसानों ने याद रखा।

Kisan Andolan Reason: किसान आंदोलन वापस क्‍यों शुरू हुआ?

शंभू बॉर्डर पर आंदोलन समाप्त होने के बाद, किसानों ने सरकार से कुछ अन्य प्रमुख मुद्दों पर बातचीत की उम्मीद जताई थी। इनमें मुख्य मुद्दे थे।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी: किसान चाहते थे कि MSP को कानून बनाकर सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।
कृषि बिलों के रद्द होने के बावजूद अन्य समस्याएँ: कुछ किसान संगठन सरकार से अन्य मुद्दों, जैसे कि किसानों के कर्ज माफी, खेती के लिए बेहतर योजनाओं और सिंचाई सुविधाओं के सुधार पर ध्यान केंद्रित करने की मांग कर रहे थे।
MSP गारंटी की मांग: एक बार जब तीन कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा हो गई, किसानों ने अपनी अन्य लंबित मांगों को लेकर फिर से आवाज उठानी शुरू की। MSP को कानून में बदलने की मांग अब प्रमुख मुद्दा बन गई थी। किसानों ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किए।
किसान संगठनों का दबाव: कई किसान संगठन यह महसूस करने लगे कि सरकार ने केवल तीन कृषि कानूनों को वापस लिया है, लेकिन बाकी समस्याएँ जस की तस बनी रही हैं। इसके बाद उन्होंने शंभू बॉर्डर सहित अन्य जगहों पर फिर से धरना-प्रदर्शन शुरू किया।
किसान यूनियनों द्वारा घोषणाएँ: कुछ प्रमुख किसान संगठनों ने MSP गारंटी की मांग को लेकर आंदोलन को पुनः शुरू करने का ऐलान किया था।

Kisan Andolan Timeline in at Shambhu Border

kisan Andolan ka itihas: किसान आंदोलन 2022

मार्च और अप्रैल 2022 में, किसान शंभू बॉर्डर पर एकजुट हुए और सरकार से MSP को कानूनी दर्जा देने की मांग को लेकर फिर से विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस बार उनका मुख्य ध्यान कृषि कानूनों की वापसी के बाद के मुद्दों पर था, जो अभी तक हल नहीं हुए थे।
जुलाई 2022: किसानों ने MSP कानून बनाने, कर्ज माफी और अन्य कृषि सुधारों की मांग को लेकर शंभू बॉर्डर पर फिर से प्रदर्शन शुरू किया। किसान संगठन चाहते थे कि सरकार इन मुद्दों पर कोई ठोस कदम उठाए।

kisan Andolan Haryana: किसान आंदोलन 2024

13 फरवरी 2024: किसानों ने एमएसपी सहित 12 प्रमुख मांगों को लेकर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर धरना शुरू किया। किसानों का मुख्य उद्देश्य था कि सरकार उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करे।
21 फरवरी 2024: किसानों ने दिल्ली जाने की कोशिश की, लेकिन बठिंडा के किसान शुभकरण की मौत हो गई, जिससे आंदोलन और भी उग्र हो गया।
10 मार्च 2024: शुभकरण की मौत का मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पहुँचा।
16 मार्च 2024: लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लागू हो गई, लेकिन किसानों ने पक्का मोर्चा जारी रखा और अपनी विरोध की आवाज को तेज किया।
1 अप्रैल 2024: शुभकरण की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट में गया और इस मुद्दे पर सुनवाई शुरू हुई।
17 अप्रैल 2024: किसानों ने गिरफ्तारी की रिहाई की मांग करते हुए रेलवे ट्रैक जाम कर दिया।
20 मई 2024: किसानों ने रेलवे लाइन से हटने का फैसला लिया, लेकिन बॉर्डर पर उनका मोर्चा जारी रहा।
10 जुलाई 2024: हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को शंभू बॉर्डर सप्ताह में एक दिन खोलने के आदेश दिए।
16 जुलाई 2024: किसानों ने चंडीगढ़ में मीटिंग की और कहा कि यदि बॉर्डर खोला गया तो वे फिर से दिल्ली कूच करेंगे।

Kisan Andolan Timeline in at Shambhu Border

22 जुलाई 2024: हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए समय की मांग की।
24 जुलाई 2024: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए बॉर्डर पर यथास्थिति बनाए रखने को कहा।
12 अगस्त 2024: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को एंबुलेंस और बुजुर्गों के लिए शंभू बॉर्डर खोलने का आदेश दिया, लेकिन किसी अन्य उद्देश्य से नहीं।
25 अगस्त 2024: शंभू बॉर्डर खोलने पर किसान और पुलिस अधिकारियों की बैठक विफल हो गई।

18 नवंबर 2024: किसानों ने 6 दिसंबर को दिल्ली कूच का एलान किया।
26 नवंबर 2024: किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिया, और उन्होंने आमरण अनशन शुरू कर दिया।
6 दिसंबर 2024: किसान शंभू बॉर्डर से दिल्ली कूच करने की कोशिश करते हैं, लेकिन हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस से उन्हें खदेड़ दिया।
8 दिसंबर 2024: किसानों ने फिर से दिल्ली कूच की कोशिश की, लेकिन हरियाणा पुलिस ने एंट्री नहीं दी। किसान लौटने को मजबूर हो गए।
14 दिसंबर 2024: किसानों ने चौथी बार दिल्ली मार्च की कोशिश की, लेकिन हरियाणा पुलिस के रोकने पर यह मार्च टाल दिया गया।
30 दिसंबर 2024: किसान आंदोलन के समर्थन में किसानों ने पंजाब बंद किया और सरकार से जवाब मांगा।

Kisan Andolan Timeline in at Shambhu Border

kisan andolan news today: किसान आंदोलन 2025

12 फरवरी 2025: किसान नेताओं ने खनौरी बॉर्डर पर महापंचायत आयोजित की, जिसमें उनकी प्रमुख मांगों पर चर्चा की गई।
14 फरवरी 2025: किसान नेताओं की केंद्र के साथ बैठक हुई, लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही।
22 फरवरी 2025: किसान नेताओं और केंद्र सरकार की बैठक बेनतीजा रही।
19 मार्च 2025: केंद्र सरकार के साथ चंडीगढ़ में 7वीं बार वार्ता कर लौट रहे किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के संयोजक सरवण सिंह पंधेर और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के जगजीत सिंह डल्लेवाल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
20 मार्च 2025: हरियाणा पुलिस ने दोनों बॉर्डर खाली करवाया। किसानों को हटाया। 7:30 बजे शंभू बॉर्डर पर जेसीबी से कार्रवाई शुरू की गई और 9:30 बजे बॉर्डर को पूरी तरह से खाली करवा लिया। खनौरी सीमा पर भी लगभग 7:45 बजे जेसीबी पहुंची और 9:30 बजे बॉर्डर खाली करवा लिया गया।

Kisan Andolan Timeline in at Shambhu Border

भारत में किसान आंदोलन क्‍यों कर रहे?

कृषि कानूनों का विरोध: 2020 में भारतीय सरकार ने तीन नए कृषि कानून लागू किए थे। कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा समझौता अधिनियम,आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम।

मीडिया से बातचीत में किसानों का कहना है कि इन कानूनों से उनकी आय में कमी आएगी, वे बड़े कॉर्पोरेटों के दबाव में आएंगे और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी खत्म हो जाएगी। किसानों को डर था कि ये कानून उन्हें उनके पारंपरिक अधिकारों से वंचित कर देंगे और उन्हें व्यापारियों के आगे कमजोर बना देंगे।

Kisan Andolan Timeline in at Shambhu Border

मूल्य गारंटी की चिंता: किसान चाहते हैं कि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी हो, ताकि वे अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें। उनका कहना है कि नए कानूनों के कारण MSP प्रणाली को समाप्त किया जा सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है।

मूल्य निर्धारण और व्यापार में सुधार: सरकार ने इन कानूनों का उद्देश्य यह बताया था कि किसान अपनी फसलों को खुले बाजार में बेच सकते हैं और इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन किसान इसे अपने लाभ के खिलाफ मानते हैं। उनका कहना है कि बड़े व्यापारियों के मुकाबले छोटे किसानों के पास ताकत नहीं है, जिससे उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल सकेगा।

कृषि सुधारों का विरोध: कई किसान संगठनों का कहना है कि सरकार कृषि क्षेत्र में सुधार करने के बजाय बड़े कॉर्पोरेट्स के लिए काम कर रही है, जो छोटे किसानों के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।

यह भी पढ़ें- Shambhu-Khanauri Border: किसान नेता डल्लेवाल-पंढेर समेत 200 अन्य हिरासत में, पंजाब सीमा पर इंटरनेट सेवा बंद

यह भी पढ़ें- Blind Bull Farmer Story: अपने अंधे बैल की आंखें बना किसान, लोग बोल रहे-'असली महाकुंभ तो इसी भाई ने नहाया'

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+