History Sheeter Murder: Saksham Panda कौन था? जहां चलता था Atiq का सिक्का, हिस्ट्रीशीटर की 5 गोली मारकर हत्या
Prayagraj History-Sheeter Saksham Panda Murder: प्रयागराज कभी माफिया अतीक अहमद के गुनाहों का गढ़ माना जाता था। योगी आदित्यनाथ सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के बाद यहां अपराध पर काफी लगाम कसी गई, लेकिन 21 मई 2026 की सुबह मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र के मालवीय नगर में हुई एक हिस्ट्रीशीटर की बेरहमी से हत्या ने पुरानी यादें ताजा कर दीं। 28 वर्षीय सक्षम पंडा पर हमलावरों ने फोन पर बुलाकर पहले लंबी बहस की, फिर पीछे से ताबड़तोड़ 5 गोलियां दाग दीं। युवक लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़ा।
यह हत्याकांड प्रयागराज में हिस्ट्रीशीटरों के बीच चल रही खूनी दुश्मनी और जमीनी अपराध की गहरी सच्चाई उजागर करती है। आइए विस्तार से जानते हैं कौन है हत्यारा?

Who Was Saksham Panda: सक्षम पंडा कौन था?
सक्षम पंडा, मुट्ठीगंज इलाके के मालवीय नगर का निवासी था। परिवार के अनुसार वह घाटों पर पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों से जुड़ा हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड में उसे हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज किया गया था, यानी उसके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज थे। परिजन उसे स्थानीय स्तर पर सक्रिय लेकिन किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़ा नहीं बताते। सक्षम की हत्या ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है।
खूंखार हिस्ट्रीशीटर को कैसे हमलावरों ने उतारा मौत के घाट? समझें...
21 मई की सुबह करीब 5 बजे सक्षम घर पर सो रहा था। उसके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने उसे घर से बाहर बुलाया। सक्षम घर से निकलकर करीब 100 मीटर दूर पहुंचा।
पुलिस और गवाहों के अनुसार, दोनों पक्षों (सक्षम और हमलावर) के बीच काफी देर तक बहस चली। जब हमलावर वापस जाने लगे और सक्षम भी घर लौटने लगा, तभी पीछे से पहली गोली चली। गोली लगते ही सक्षम घबराकर भागने लगा। हमलावरों ने पीछा किया और लगातार 4 गोलियां और दाग दीं। कुल 5 गोलियां लगीं। सक्षम लहूलुहान होकर गिर पड़ा। एक हमलावर पैदल भागा, दूसरा स्कूटी पर सवार था। बाद में सभी स्कूटी पर सवार होकर फरार हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर परिवार वाले मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। सक्षम को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत बताया।
History-Sheeter Saksham Panda Murder Reason: हिस्ट्रीशीटर की हत्या की वजह क्या?
परिवार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 20 मई की रात सक्षम ने मुख्य आरोपी विमल पंडा की छोटी पान-मसाला की दुकान (गुमटी) में आग लगा दी थी। इसी पुरानी रंजिश का बदला सक्षम की जान लेकर लिया गया। पुलिस जांच में दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। CCTV फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने एक युवक को पिस्टल के साथ हिरासत में लिया है। पूछताछ जारी है।
Who Is Accused Vimal Panda: मुख्य आरोपी विमल पंडा कौन है?
विमल पंडा अतरसुइया थाना क्षेत्र का रहने वाला खूंखार हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं। पहले एक हत्या के मामले में दोषी पाया जा चुका है। फिलहाल फरार चल रहा है। कोर्ट से उसके खिलाफ जमानती वारंट जारी है। 12 मार्च 2026 को भी मालवीय नगर में सक्षम पंडा पर फायरिंग हुई थी। उसमें सक्षम का दोस्त रवि पंडा घायल हुआ था। उस मामले में विमल पंडा, भोले पंजाबी समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने भोले को गिरफ्तार किया, लेकिन विमल अब तक फरार है।
What Is History-Sheeter: हिस्ट्रीशीटर क्या होता है?
हिस्ट्रीशीटर वह व्यक्ति होता है जिसके खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हों। पुलिस ऐसे लोगों की लगातार निगरानी रखती है और उनके लिए थाने में विशेष 'हिस्ट्रीशीट' फाइल तैयार की जाती है। हत्या, मारपीट, रंगदारी, लूट आदि बार-बार होने पर व्यक्ति को हिस्ट्रीशीटर घोषित किया जाता है। प्रयागराज जैसे शहरों में ये छोटे-मोटे विवादों को गोलीबारी तक ले जाने के लिए कुख्यात होते हैं।
Prayagraj Atiq Ahmed Era: अतीक अहमद का दौर, प्रयागराज की पुरानी यादें
प्रयागराज को लंबे समय तक अतीक अहमद का साम्राज्य माना जाता था। अतीक और उसके भाई अशरफ पर दर्जनों मामले थे। 15 अप्रैल 2023 को उमेश पाल हत्याकांड में कोर्ट ले जाते समय प्रयागराज मेडिकल कॉलेज के पास अतीक और अशरफ को गोली मारकर मार दिया गया। तीन हमलावरों (लवलेश तिवारी, सनी और अरुण मौर्य) ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। कुल 14 गोलियां चली थीं। पूरी घटना मीडिया कैमरों में कैद हो गई थी। उस घटना को माफिया राज का प्रतीकात्मक अंत माना गया। लेकिन छोटे स्तर के हिस्ट्रीशीटरों के बीच रंजिश वाली घटनाएं अभी भी जारी हैं। सक्षम पंडा की हत्या इसका ताजा उदाहरण है।
पुलिस की कार्रवाई और परिवार की मांग क्या?
- मुट्ठीगंज पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया है।
- CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं।
- विमल पंडा समेत अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी चल रही है।
परिवार का आरोप है कि अगर पुलिस ने 12 मार्च की घटना के बाद सख्ती दिखाई होती तो यह हत्या नहीं होती। वे जल्द गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे हैं।
प्रयागराज में अपराध की जड़ें अभी बाकी
योगी सरकार में बड़े अपराध कम हुए हैं, लेकिन छोटे गिरोह सक्रिय हैं। अवैध हथियार आसानी से उपलब्ध है। मोहल्लों में रंगदारी, जमीन और छोटी दुकानों को लेकर विवाद आम है। युवा हिस्ट्रीशीटर पुरानी दुश्मनियों को गोली से सुलझाने की मानसिकता रखते हैं। यह घटना दिखाती है कि कानून-व्यवस्था में सुधार के बावजूद जमीनी स्तर पर चुनौतियां बनी हुई हैं।
उठते बड़े सवाल क्या हैं?
- 1. विमल पंडा जैसे हिस्ट्रीशीटर इतने दिनों तक फरार कैसे रह पा रहा है?
- 2. क्या पुलिस को पुरानी रंजिश की जानकारी थी? निगरानी क्यों कमजोर रही?
- 3. अतीक काल के बाद छोटे अपराधी बड़े हो रहे हैं क्या?
- 4. अवैध हथियारों और युवाओं में हिंसक संस्कृति पर और सख्ती की जरूरत?
सक्षम पंडा की हत्या एक परिवार को तोड़कर रख गई है। सुबह घर से निकला युवक लाश बनकर लौटा। यह घटना प्रयागराज पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती है। पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। मामले की जांच उच्च स्तर पर मॉनिटर की जा रही है। यह हत्याकांड न सिर्फ एक रंजिश का नतीजा है, बल्कि प्रयागराज जैसे शहर में अपराध की जड़ों को समझने और उन्हें समाप्त करने का मौका भी है। समाज, पुलिस और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा ताकि ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।













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