Shambhu-Khanauri Border: किसान नेता डल्लेवाल-पंढेर समेत 200 अन्य हिरासत में, पंजाब सीमा पर इंटरनेट सेवा बंद
Punjab News: तीन काले कानूनों का विरोध कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ-साथ पंजाब पुलिस ने सरवन सिंह पंधेर, अभिमन्यु कोहाड़, काका सिंह कोटड़ा और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इस दौरान पंजाब पुलिस और किसानों के बीच झड़प भी हुई। दरअसल, सरकार ने शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर को खाली कराने की रणनीति बनाई है। इस रणनीति के तहत यह कार्रवाई की गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर (एयरपोर्ट रोड) पर पुलिस और किसानों के बीच इस दौरान झड़प भी हुई। दरअसल, पुलिस ने एयरपोर्ड रोड से किसान नेता किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने की कोशिश की, जिससे वहां का माहौल गरमा गया। इस दौरान पुलिस ने खनौरी बॉर्डस से 200 किसानों को भी हिरासत में ले लिया।

इस दौरान पुलिस-प्रशासन ने शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर इंटरनेट भी बंद कर दिया। खबर के मुताबिक, यह कार्रवाई किसान नेताओं और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से हुई बुधवार को सातवें दौर की बातचीत के बाद हुई है। इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह भी शामिल रहे थे।
इस बैठक में किसानों की प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई, जिसमें फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, किसानों और कृषि मजदूरों के लिए पेंशन, कर्ज माफी, बिजली दलों में बढ़ोतरी न करने, किसानों पर दर्ज पुलिस केस वापस जैसे मांगें शामिल थीं। इस बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा चर्चा सकारात्मक रही और अगली बैठक 4 मई को होगी।
हालांकि, इस बैठक के बाद किसान नेता सरवन सिंह पंढेर और पिछले चार महीनों से अनशन पर बैठे हुए जगजीत सिंह डल्लेवाल को हिरासत में ले लिया। ऐसा बताया जा रहा है कि सरवन सिंह पंढेर को जेल में ले जाया जाएगा। जबकि, जगजीत सिंह डल्लेवाल को किसी अस्पताल में दाखिल करवाया जाएगा। अनशन पर बैठे रहने से उनकी सेहत काफी कमजोर है।
वहीं, अब किसान नेताओं की हिरासत पर पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आप सरकार और पंजाब के लोग किसानों के साथ खड़े थे जब उन्होंने तीन काले कानूनों का विरोध किया। किसानों की मांगें केंद्र सरकार के खिलाफ हैं। एक साल से ज्यादा हो गया है और शंभू और खनौरी बॉर्डर बंद हैं। पंजाब के व्यापारी, युवा बहुत परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि जब व्यापारी व्यापार करेंगे तो युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे नशे से दूर रहेंगे। आज की कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि हम चाहते हैं कि पंजाब के युवाओं को रोजगार मिले। हम शंभू और खनौरी बॉर्डर खोलना चाहते हैं। किसानों की मांगें केंद्र सरकार के खिलाफ हैं और उन्हें दिल्ली या कहीं और विरोध प्रदर्शन करना चाहिए लेकिन पंजाब की सड़कें बंद नहीं करनी चाहिए।
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