Kerala Cabinet में किसे मिली जगह? कौन हैं वो 20 MLA, जो बनेंगे मंत्री, मुस्लिम लीग को भी 5 पद
Kerala New UDF Cabinet Minister List: केरल की राजनीति से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर चल रहा सस्पेंस अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। रविवार को मनोनीत मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपने मंत्रियों की अंतिम सूची सौंप दी है। सोमवार सुबह 10 बजे होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही केरल में एक नया इतिहास बनने जा रहा है।
करीब छह दशकों यानी 60 साल बाद ऐसा पहली बार होने जा रहा है, जब यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) का पूरा का पूरा मंत्रिमंडल एक साथ पद और गोपनीयता की शपथ लेने जा रहा है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के साथ कुल 20 और नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे, यानी कैबिनेट का कुल आंकड़ा 21 मंत्रियों का होगा। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों में से किसे इस नई सरकार में मलाईदार जगह मिली है और इसके पीछे का राजनीतिक समीकरण क्या है।

कांग्रेस के कोटे में सबसे ज्यादा सीटें: चेन्निथला और मुरलीधरन की हुई एंट्री
केरल की इस नई सरकार में सबसे बड़ा हिस्सा उम्मीद के मुताबिक कांग्रेस पार्टी के पास ही रहा है। पार्टी हाईकमान की हरी झंडी मिलने के बाद तय की गई इस लिस्ट में अनुभवी चेहरों और युवाओं का मिश्रण देखने को मिल रहा है।
दिग्गज नेताओं की वापसी: कांग्रेस के कोटे से सबसे बड़े नामों में रमेश चेन्निथला और के मुरलीधरन शामिल हैं, जिन्हें कैबिनेट में बेहद अहम विभागों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनके अलावा प्रदेश कांग्रेस (KPCC) के अध्यक्ष सनी जोसेफ को भी टीम में जगह दी गई है।
कांग्रेस के कुल 12 मंत्री: मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के अलावा कांग्रेस की तरफ से जो अन्य प्रमुख चेहरे मंत्री बनने जा रहे हैं, उनमें बिंदु कृष्णा, एपी अनिल कुमार, पीसी विष्णुनाध, एम लिजू, रोजी एम जॉन, टी सिद्दीक, ओजे जनीश और केए तुलसी के नाम शामिल हैं।
- वीडी सतीशन
- रमेश चेन्निथला
- के मुरलीधरन
- सनी जोसेफ
- बिंदु कृष्णा
- एपी अनिल कुमार
- पीसी विष्णुनाध
- एम लिजू
- रोजी एम जॉन
- टी सिद्दीक
- ओजे जनीश
- केए तुलसी
स्पीकर और डिप्टी स्पीकर तय: सरकार चलाने के साथ-साथ विधानसभा को संभालने की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। तिरुवंचूर राधाकृष्णन केरल विधानसभा के नए स्पीकर (अध्यक्ष) होंगे, जबकि शैनिमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर (उपाध्यक्ष) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुस्लिम लीग को मिले 5 पद: सहयोगियों को भी पूरा सम्मान
कांग्रेस के सबसे बड़े और अहम सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी अपनी ताकत के मुताबिक सरकार में बड़ा हिस्सा हासिल किया है। पार्टी प्रमुख पनाक्काड सादिक अली शिहाब थंगल ने आधिकारिक तौर पर अपने पांच मंत्रियों के नामों का ऐलान कर दिया है। मुस्लिम लीग की तरफ से वरिष्ठ नेता पीके कुन्हालीकुट्टी, एन शम्सुद्दीन, केएम शाजी, पीके बशीर और वीई अब्दुल गफूर मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने जा रहे हैं।
- पीके कुन्हालीकुट्टी
- पीके बशीर
- एन शम्सुद्दीन,
- केएम शाजी
- वीई अब्दुल गफूर मंत्री
इसके अलावा यूडीएफ के अन्य छोटे और क्षेत्रीय सहयोगी दलों को भी कैबिनेट में पूरा सम्मान दिया गया है:
- केरल कांग्रेस से मॉन्स जोसेफ को जगह मिली है।
- आरएसपी (RSP) की तरफ से अनुभवी नेता शिबू बेबी जॉन मंत्री पद की शपथ लेंगे।
- केरल कांग्रेस (जैकब) से अनूप जैकब को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
- सीएमपी (CMP) की तरफ से सीपी जॉन को भी मंत्री बनने का मौका मिला है।
क्या सबको खुश कर पाई नई सरकार? सतीशन का बड़ा कबूलनामा
एक गठबंधन सरकार में हर किसी को मंत्री पद देना और सभी गुटों को संतुष्ट करना कितना मुश्किल काम है, यह खुद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के बयान से साफ झलकता है।
सतीशन ने बेहद ईमानदारी से मीडिया के सामने यह बात स्वीकार की है कि इस कैबिनेट लिस्ट को फाइनल करने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी और गठबंधन में कई ऐसे कद्दावर और वरिष्ठ नेता मौजूद थे, जो हर लिहाज से मंत्री बनने के पूरी तरह हकदार थे। लेकिन सरकार चलाते समय उन्हें सिर्फ नेताओं की इच्छा नहीं, बल्कि केरल के क्षेत्रीय (Regional) और सामाजिक (Social) संतुलन का भी खास ख्याल रखना था।
यानी साफ़ है कि इस बार सरकार के गठन में केवल राजनीतिक रसूख को नहीं देखा गया है, बल्कि केरल के अलग-अलग इलाकों (उत्तर, मध्य और दक्षिण केरल) के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों और जातियों को भी उचित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है ताकि सरकार पर किसी एक क्षेत्र या वर्ग के पक्षपात का आरोप न लग सके।















Click it and Unblock the Notifications