Kerala CM VD Satheesan: सीएम बनते ही सतीशन ने किसे दिया क्रेडिट? सोनिया गांधी से किया वो वादा याद कर हुए भावुक
VD Satheesan Kerala CM: केरल विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने काफी मंथन के बाद वी़डी सतीशन के नाम पर मुख्यमंत्री की मुहर लगा दी है। छह बार के विधायक और राज्य में कांग्रेस के सबसे लोकप्रिय चेहरों में से एक सतीशन को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद उन्होंने पार्टी के दिग्गज नेताओं केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। आइए जानते हैं सीएम ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में किन बातों का जिक्र किया?
केरल के नए मुख्यमंत्री वी़डी सतीशन ने कहा कि, 'केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला दोनों मेरे नेता और सीनियर हैं। मैं उनसे जूनियर हूं। इस शानदार जीत में उन्होंने बहुत मदद की है। वेणुगोपाल ने संगठन महासचिव के रूप में चुनाव में बड़ी भूमिका निभाई। यह उनका अपना राज्य है और वे यहीं से सांसद भी हैं। वहीं, रमेश चेन्निथला चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष थे और लंबे समय तक मेरे मार्गदर्शक रहे हैं।'

सतीशन ने आगे कहा कि पार्टी ने उन्हें केरल का नेतृत्व करने के लिए चुना है, जो उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने इस जीत का श्रेय व्यक्तिगत न मानकर सामूहिक प्रयास और एआईसीसी (AICC) के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केरल की जनता ने 10 साल के शासन को खत्म कर कांग्रेस पर जो भरोसा जताया है, उसे वह एक 'नए युग' की शुरुआत के रूप में देखते हैं।
विपक्ष का वह चेहरा जिसने पलटी बाजी
सतीशन के मुख्यमंत्री चुने जाने के पीछे सबसे बड़ी वजह उनका आक्रामक विपक्ष चेहरा होना रहा। 2021 की हार के बाद जब कांग्रेस पस्त थी, तब सतीशन ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में मोर्चा संभाला। उन्होंने पिनाराई विजयन सरकार को भ्रष्टाचार और कुशासन के मुद्दों पर जमकर घेरा। पार्टी आलाकमान ने महसूस किया कि जिस 'योद्धा' ने चुनाव में जीत की पटकथा लिखी, उसे ही कमान सौंपना जनता के जनादेश का सही सम्मान होगा।
सहयोगी दलों और जमीनी कार्यकर्ताओं का मिला साथ
सतीशन की राह तब और आसान हो गई जब यूडीएफ (UDF) के प्रमुख सहयोगी दल 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' (IUML) ने खुलकर उनके नाम का समर्थन किया। इसके अलावा, केरल के जमीनी कार्यकर्ताओं ने भी स्पष्ट संदेश दिया कि जो नेता अभियान का चेहरा था, वही सरकार का नेतृत्व करे। पार्टी के अंदर वेणुगोपाल के खिलाफ कुछ पोस्टर भी लगे थे, जिससे साफ था कि जनता और कार्यकर्ता सतीशन के साथ हैं।
एके एंटनी की सलाह और सोनिया गांधी का रुख
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने इस फैसले से पहले दिग्गज नेता ए.के. एंटनी से सलाह ली थी। एंटनी ने स्पष्ट कहा कि भले ही वेणुगोपाल को विधायकों का समर्थन प्राप्त हो, लेकिन सतीशन की छवि जनता के बीच एक 'लड़ाकू' नेता की है। सोनिया गांधी ने भी ऐसे चेहरे को प्राथमिकता देने की बात कही जो पार्टी को एकजुट रख सके। इन तमाम समीकरणों ने सतीशन के पक्ष में काम किया।
61 वर्षीय वी.डी. सतीशन की नियुक्ति को केरल कांग्रेस में एक बड़े पीढ़ीगत बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। राहुल गांधी की युवा और ऊर्जावान नेतृत्व की सोच सतीशन के रूप में धरातल पर उतरी है। सतीशन ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, 'यह सामूहिक प्रयास की जीत है। मैं सबको विश्वास में लेकर काम करूंगा। अकेले कोई कुछ नहीं कर सकता, लेकिन एक टीम के रूप में हम 'नया केरल' बना सकते हैं।'
केरल में सतीशन का सियासी कद
सतीशन एर्नाकुलम जिले की परावुर सीट से लगातार छह बार से विधायक हैं। 2001 से अब तक उन्हें इस सीट पर कोई नहीं हरा पाया है। 2021 की हार के बाद जब कांग्रेस पस्त थी, तब सतीशन ने विपक्ष के नेता के तौर पर पार्टी में नई जान फूंकी और 2026 में 102 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। सतीशन को उनकी साफ-सुथरी छवि और सदन में भ्रष्टाचार के मुद्दों पर पिनाराई विजयन सरकार को घेरने के लिए जाना जाता है।














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