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ISRO की एक और कामयाबी, PSLV-C 53 ने सिंगापुर के तीन उपग्रहों को ऑर्बिट में स्थापित किया

इसरो ने कामयाबी का एक और अध्याय लिखा है। पीएसएलवी सी 53 से सिंगापुर के तीन उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है।

श्रीहरिकोटा, 30 जून : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने कामयाबी का एक और अध्याय लिखा है। पीएसएलवी सी 53 से सिंगापुर के तीन उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। ISRO के ट्विटर हैंडल पर 30 जून की शाम 6.43 बजे कहा गया कि PSLV-C 53 या डीएस-ईओ मिशन (DS-EO Mission) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। बता दें कि 2022 में इसरो का यह दूसरा मिशन था।

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    कहां से हुआ प्रक्षेपण

    आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो ने गुरुवार को पीएसएलवी सी 53 मिशन का सफल प्रक्षेपण किया। इस अंतरिक्ष यान के साथ सिंगापुर के तीन उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया गया। पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल यानी पीएसएलवी का इसरो के साथ काफी पुराना नाता रहा है। पीएसएलवी के सीरीज में भेजे जा रहे उपग्रहों का ये 55 वां सफर है।

    इसरो का दूसरा कॉमिर्शियल मिशन, जिम्मा NSIL के पास

    गुरुवार को इसरो ने कहा, सिंगापुर के 3 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजना दूसरा डेडीकेटेड कमर्शियल मिशन है। यह मिशन इसरो की वाणिज्यिक इकाई न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (New Space India Limited) यानी एनएसआईएल (NSIL) के तहत पूरा किया जा रहा है। सिंगापुर के 3 सैटेलाइट डीएस-ईओ और एनईयूएसएआर (DS-EO and NeuSAR) को रिपब्लिक आफ कोरिया के स्टारेक इनिशिएटिव (Starec Initiative) के तहत विकसित किया गया है।

    उपग्रहों से तस्वीरों में आसानी

    पीएसएलवी सी 53 से भेजे गए सिंगापुर के तीसरे उपग्रह का नाम स्कूब- एक (Scoob-I) है। इसे सिंगापुर के नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (Nanyang Technological University - NTU) में विकसित किया गया है। इसक वजन 2.8 किलो है। समाचार एजेंसी पीटीआई के रिपोर्ट के मुताबिक जो उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे गए हैं इनकी मदद से 24 घंटे तस्वीरें हासिल की जा सकेंगी। हर मौसम में तस्वीरें मिलने से रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।

    छात्रों को सेटेलाइट की ट्रेनिंग

    स्कूब एक सेटेलाइट स्टूडेंट सेटेलाइट सीरीज में पहला उपग्रह है। NTU के सेटेलाइट रिसर्च सेंटर के माध्यम से छात्रों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी के तहत स्कूब एक सेटेलाइट विकसित किया गया है।

    इसरो ने बताया- पहली बार होगा ऐसा

    PSLV C 53 उपग्रह प्रक्षेपण के संबंध में इसरो ने एक ट्वीट में बताया, पीएसएलवी 53 में पीएसएलवी ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंटल माड्यूल (PSLV Orbital Experimental Module or POEM) लगा है। यह इस्टैबलिश्ड प्लेटफार्म पर पृथ्वी का चक्कर काटेगा। इसरो के मुताबिक POEM स्पेंट PS4 स्टेज का उपयोग ऑर्बिटल प्लेटफार्म के रूप में करता है। यह पहली बार होगा कि पीएसएलवी एक इस्टैबलिश्ड प्लेटफार्म पर धरती के चक्कर काटेगा।

    2022 का दूसरा मिशन

    बता दें कि पीएसएलवी सी 53 साल 2022 में पीएसएलवी का दूसरा मिशन है। इससे पहले फरवरी में इसरो ने पीएसएलवी 52 की मदद से अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट (Earth observation satellite) ईओएस 04 का प्रक्षेपण किया था। इसके साथ दो अन्य उपग्रहों को भी प्रक्षेपित किया गया था।

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