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DM Shruti Sharma कौन हैं? ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती जैसा IAS बनने का पकड़ा Shikha Gautam का झूठ, यूं खुली पोल

UPSC Civil Services Exam 2025 Result: UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट 6 मार्च 2026 को आया और पूरे देश में जश्न का माहौल था। लेकिन यूपी के बुलंदशहर में एक नाम ने सुर्खियां बटोरी- शिखा गौतम। चपरासी के घर की बेटी ने 113वीं रैंक हासिल करने का दावा किया।

दादा रो पड़े, ढोल-नगाड़े बजे, गांव-शहर में जुलूस निकला, मीडिया इंटरव्यू दिए। लेकिन कुछ दिनों बाद ही पूरा मामला फर्जी निकल गया। इसको उजागर करने में बुलंदशहर डीएम श्रुति शर्मा सुर्खियों में आ गईं। आइए जानते हैं आखिर कैसे डीएम ने किया दूध का दूध और पानी का पानी...

Who Is DM Shruti Sharma

UPSC ने मांगी जांच, DM श्रुति शर्मा ने की पूरी पड़ताल

दिल्ली की एक और शिखा ने भी 113वीं रैंक का दावा किया। असली शिखा ने UPSC को ईमेल भेजकर स्पष्टीकरण मांगा। आयोग ने तुरंत बुलंदशहर की डीएम श्रुति शर्मा (Bulandshahr DM Shruti Sharma) को जांच सौंप दी। डीएम श्रुति ने ADM प्रशासन को निर्देश दिए। ADM ने SDM सदर दिनेश चंद्र को मामले की जांच सौंपी। SDM ने सदर तहसीलदार मनोज रावत को शिखा गौतम के घर भेजा। तहसीलदार ने डॉक्यूमेंट्स की बारीकी से जांच की तो सारा राज खुल गया:-

  • शिखा गौतम UPSC की मुख्य परीक्षा (मेंस) ही पास नहीं कर पाई थीं।
  • इंटरव्यू के लिए चयन ही नहीं हुआ था।
  • उनके दस्तावेजों में नाम शिखा रानी लिखा मिला।

शिखा और उनके परिवार ने गलती मान ली। एसडीएम ने बताया, 'उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है।'

Who Is Shikha Gautam: रोल नंबर चेक करना भी भूल गईं शिखा!

शिखा गौतम ने खुद कहा, 'नाम सर्च किया, रोल नंबर नहीं देखा। घर को कॉल कर दिया। मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ था।' पूरी जिंदगी UPSC रिजल्ट रोल नंबर से चेक करने वाली अभ्यर्थी रोल नंबर भूल गई! नाम मिलते ही खुशी में डूब गईं। परिवार और गांव वालों को अंधेरे में रखा। जब रिजल्ट आया तो बस इतना बताया- 'मैं IAS बन गई।'

Who Is Real UPSC Cracker Shikha : असली 113वीं रैंक वाली शिखा कौन है?

दिल्ली की शिखा (शिखा सहरावत) वर्तमान में हरियाणा के रोहतक जिले के सांपला में ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) के पद पर तैनात हैं। द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बताया सोशल मीडिया पर बुलंदशहर वाली शिखा का वीडियो देखा तो होश उड़ गए। मेरिट लिस्ट में शिखा नाम की सिर्फ एक अभ्यर्थी है और रोल नंबर मेरा ही है।'

असली शिखा का बैकग्राउंड

  • दिल्ली यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन।
  • CDS परीक्षा में 7वीं रैंक, लेकिन जॉइन नहीं किया।
  • उसी साल हरियाणा सिविल सेवा में चयन।
  • मई 2025 में हरियाणा सरकार जॉइन, जुलाई 2025 से सांपला में तैनात।

UPSC ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह क्लियर नहीं किया है, लेकिन जांच रिपोर्ट और मेरिट लिस्ट दोनों शिखाओं के दावों को साफ कर चुकी हैं।

Brahmeshwar Mukhiya Granddaughter Akanksha Singh Fake IAS Claim: ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती वाली कहानी दोहराई?

शिखा गौतम का मामला ठीक वैसा ही लग रहा है, जैसे पहले ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह का फर्जी IAS दावा सामने आया था। नाम मिलने पर जश्न, फिर जांच में फर्जीवाड़ा। सोशल मीडिया पर लोग तुलना कर रहे हैं कि 'नाम देखकर खुशी, रोल नंबर भूल गए।' दरअसल, रैंक 301 पर यूपी की आकांक्षा सिंह और बिहार की आकांक्षा सिंह के बीच भी विवाद हुआ था। UPSC ने स्पष्ट किया कि रैंक 301 गाजीपुर (यूपी) की आकांक्षा सिंह का ही चयन हुआ है (रोल नंबर 0856794)। बिहार वाली ने गलती मानी।

Who Is DM Shruti Sharma: कौन हैं वो DM श्रुति शर्मा, जिनकी जांच ने सारा खेल खोल दिया?

इस पूरे मामले में बुलंदशहर की डीएम श्रुति शर्मा की भूमिका काफी अहम रही। उन्होंने बहुत तेजी से जांच करवाई और कुछ ही घंटों में रिपोर्ट तैयार करके UPSC को भेज दी। श्रुति शर्मा पंजाब की रहने वाली 2011 बैच की IAS अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर से जुड़ी हैं। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में B.Tech किया है और UPSC परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 16 हासिल की थी। उनकी पहली पोस्टिंग 2017 में नेशनल हेल्थ मिशन में अपर मिशन डायरेक्टर के रूप में हुई थी।

Who Is DM Shruti Sharma

इसके बाद उन्होंने नोएडा अथॉरिटी में ACEO, बलरामपुर और फतेहपुर के जिलाधिकारी जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। जनवरी 2025 से वह बुलंदशहर की जिलाधिकारी के रूप में कार्य कर रही हैं और तेज फैसले लेने वाली अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं।

UPSC रिजल्ट में नाम मिलना काफी नहीं

शिखा गौतम का मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि UPSC जैसे एग्जाम में सिर्फ नाम देखकर जश्न मनाना खतरनाक हो सकता है। रोल नंबर, डॉक्यूमेंट्स और आधिकारिक वेरिफिकेशन जरूरी है। परिवार और समाज को भी अंधेरे में नहीं रखना चाहिए। असली शिखा आज BDPO के पद पर काम कर रही हैं, जबकि बुलंदशहर वाली शिखा ने गलती मानी और माफी मांगी।

UPSC ने दोनों मामलों (आकांक्षा और शिखा) में स्पष्ट कर दिया है कि मेरिट लिस्ट में एक ही नाम, एक ही रैंक, लेकिन सही अभ्यर्थी वही जिसका रोल नंबर मैच करता हो। अगर आप भी UPSC अभ्यर्थी हैं तो रिजल्ट चेक करते समय सिर्फ नाम नहीं, रोल नंबर और आधिकारिक वेबसाइट जरूर देखें।

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