प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ाने पर रेलवे की सफाई, कहा- यात्रियों के हित में है ये फैसला
नई दिल्ली: पिछले साल देश में कोरोना महामारी फैली, जिस वजह से मार्च में लॉकडाउन लागू हो गया। इसके बाद ट्रेनों का संचालन भी बंद हो गया, बाद में अनलॉक के साथ ट्रेनें शुरू हुईं, लेकिन नियमों में कई बदलाव हुए। हाल ही में प्लेटफॉर्म टिकटों के दाम पांच गुना बढ़ा दिए गए। जिस पर अब भारतीय रेलवे ने सफाई दी है। साथ ही कहा कि टिकट के दाम में ये बढ़ोतरी अस्थायी है।
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रेलवे ने कहा कि कुछ स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ाए गए हैं, जो एक अस्थायी बढ़ोतरी है। इसका मकसद स्टेशनों पर भीड़ को कम करना है, ताकी कोरोना वायरस के प्रसार को रोका जा सके। रेलवे के मुताबिक मुंबई डिवीजन में वैसे तो 78 स्टेशन हैं, लेकिन ये वृद्धि सात स्टेशनों पर की गई है, जहां ज्यादा भीड़ की संभावना रहती है। वहीं स्टेशनों पर भीड़ को रोकने के लिए प्लेटफॉर्म टिकट की कीमतें बढ़ाने की शक्तियां 2015 से डिवीजनल रेलवे मैनेजर्स (डीआरएम) को सौंप दी गई थीं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ने का ये कोई पहला मामला नहीं है। इसका चलन वर्षों से है, जहां अल्पकालिक भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए ऐसे उपाय किए जाते हैं। त्योहारों के दौरान भी ऐसा किया गया था, लेकिन बाद में टिकट के दाम फिर से पुराने जैसे हो गए। मौजूदा फैसला जनहित में लिया गया है, हालात सामान्य होने के बाद फिर से दाम कम हो जाएंगे।
कम दूरी का भी किराया बढ़ा
वहीं दूसरी ओर रेलवे ने कम दूरी की ट्रेनों का भी किराया बढ़ाया है। रेलवे के मुताबिक कई राज्यों में कोरोना महामारी फिर से फैल रही है। ऐसे में वो चाहते हैं कि जिन लोगों को बहुत ज्यादा जरूरी है, वो ही ट्रेनों से यात्रा करें। इसके लिए कम दूरी के टिकटों में बढ़ोतरी की गई है, ताकी ट्रेनों में भीड़ कम की जा सके।












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