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सिर्फ़ ख़ून पीकर कैसे जीते हैं वैम्पायर चमगादड़?

By Bbc Hindi
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    वैमपायर चमगादड़
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    वैमपायर चमगादड़

    वैम्पायर चमगादड़ों के डीएनए के विश्लेषण से इस बात के संकेत मिले हैं कि वे सिर्फ़ ख़ून पीकर किस तरह जी लेते हैं.

    वैम्पायर चमगादड़ हर दिन अपने वज़न के आधे के बराबर ख़ून पीते हैं. ये फल, फूल और कीड़े खाने वाले जीवों की श्रेणी में आते हैं पर उनसे बिल्कुल अलग होते हैं.

    इनके ख़ून में कम पोषक तत्व होते हैं और ये घातक वायरस के लिए पोषणकारी होते हैं.

    प्रतिरोधक क्षमता और पाचन के मामले में अन्य चमगादड़ों के मुकाबले वैम्पायर चमगादड़ के जीन अलग तरह से काम करते हैं.

    वैमपायर चमगादड़
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    वैमपायर चमगादड़

    शोधकर्ताओं का कहना है कि चमगादड़ों के आंत के कीड़े भी अलग-अलग तरह के होते हैं.

    उन्हें चमगादड़ों की मल में 280 तरह के ऐसे बैक्टीरिया पाए जाने के सबूत मिले हैं, जो दूसरे जीवों को बीमार बना सकते हैं.

    शोध पत्र लिखने वाले डेनमार्क स्थित कोपनहेगन यूनिवर्सिटी की डॉक्टर मरी जेपेडा मैनडोजा कहती हैं, "वैम्पायर चमगादड़ के अंदर ऐसे जीन होते हैं जो ख़ून के हानिकारक तत्वों का सामना कर सकते हैं."

    ख़ून में हाई प्रोटीन (93%) और कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट (1%) और विटामिन होते हैं.

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    वैमपायर चमगादड़
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    वैमपायर चमगादड़

    हाई प्रोटीन पचाने की क्षमता

    वैम्पायर के गुर्दे हाई प्रोटीन तत्वों को पचाने में सक्षम होते हैं. चमगादड़ कैसे जीते हैं, इस पर काफी अध्ययन हुए हैं. पर उनके जीन पर बहुत कम शोध हुए हैं.

    अंतर्राष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने वैम्पायर चमगादड़ के जीन और उनके उनके आंत के कीड़ों, दोनों का विश्लेषण किया है.

    उन्होंने पाया कि इनके जीन अन्य चमगादड़ों के मुकाबले छोटे और अलग होते हैं. इनके डीएनए में रोग से लड़ने की क्षमता अधिक होती है.

    इनमें ख़ून पचाने की क्षमता भी अधिक होती है और ये वायरल बीमारियों से लड़ सकते हैं.

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    वैमपायर चमगादड़
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    वैमपायर चमगादड़

    अन्य जीवों से अलग कैसे होते हैं

    डॉ. मरी जेपेडा मैनडोजा कहती हैं कि वैम्पायर चमगादड़ के आंत के कीड़े फल, फूल और मांस खाने वाले चमगादड़ों से अलग होते हैं.

    शोधकर्ताओं का कहना है कि ये कीड़े पाचन, प्रतिरोधक क्षमता और स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं.

    नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन जर्नल में वो लिखती हैं, "ख़ून जैसे विशेष आहार को पचाने के लिए अलग तरह के जीन और आंत के कीड़ों की ज़रूरत होती है."

    वैम्पायर चमगादड़ उन तीन में एक जीव हैं, जो सिर्फ़ ख़ून पीकर जीते हैं. वे रातों को मवेशियों और पशुओं का ख़ून पीने के लिए उड़ते हैं. कभी कभार वे इंसानों का ख़ून भी पीते हैं.

    वे नसों में अपने दातों से चीरा लगाते हैं और जैसे ही ख़ून बाहर निकलता है, उसे पी जाते हैं.

    यही कारण है कि वैम्पायर चमगादड़ अन्य जीवों से अलग होते हैं.

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    English summary
    How do we live only by drinking blood Vampire bats

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