जे बात! डांस बार पर 'पूर्ण प्रतिबंध' लगाने की सिफारिश
मुंबई। डांस बारों को समाजिकता से जोड़ते हुए नए फैसले की तैयारी की जा रही है। जस्टिस सीएस धर्माधिकारी समिति ने डांस बार पर 'पूर्ण प्रतिबंध' लगाने और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों पर अश्लीलता रोकने के लिए नई नीति बनाने की सिफारिश की है।

दरअसल महाराष्ट्र सरकार ने यह समिति महिलाओं के खिलाफ अपराध पर रोक लगाने के उपायों की सिफारिश के लिए गठित की है। सम्बंधित सुझाव राज्य सरकार द्वारा नियुक्त समिति ने अपनी चौथी और पांचवीं अंतरिम रिपोर्ट में दिए हैं।
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एक जनहित याचिका पर बांबे हाई कोर्ट में पेश किया जिसमें महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों की मांग की गई है। समिति ने डांस बार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश पर कहा है कि जब राज्य सरकार ने इसे प्रतिबंधित किया था, उस वक्त महिला-अपराध मामलों में गिरावट आई थी।
2013 में सुप्रीम कोर्ट ने डांस बार पर लगे प्रतिबंध को हटाया था। राज्य सरकार ने डांस बार पर वर्ष 2005 में पाबंदी लगा दी थी, लेकिन तीन और पांच सितारा होटलों को प्रतिबंध से मुक्त रखा था। इस फैसले को भेदभाव पूर्ण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद से अब नया फैसला लागू किया जा सकता है।












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