Dr. Kamaltai Gavai: कौन हैं डॉ. कमलताई गवई? जिन्हें RSS ने विजयादशमी कार्यक्रम में बनाया मुख्य अतिथि
Dr. Kamaltai Gavai: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) इस वर्ष अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर रहा है। विजयदशमी के दिन 1925 में नागपुर से यह संगठन शुरू हुआ। आज यह दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन माना जाता है। शताब्दी वर्ष को खास बनाने के लिए संघ ने देशभर में लाखों कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।
इसी कड़ी में महाराष्ट्र के अमरावती जिले में अगले महीने विजयदशमी समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में डॉ. कमलताई गवई मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनके कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि परिवार के करीबी सूत्रों ने की है।

कौन हैं डॉ. कमलताई गवई? (Who is Dr. Kamaltai Gavai?)
डॉ. कमलताई गवई विद्वान और समाजसेवी के रूप में जानी जाती हैं। वह अमरावती जिले में शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से लंबे समय से जुड़ी रही हैं। उनके परिवार ने शिक्षा और न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वो भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई की मां हैं। उनके बेटे बीआर गवई वर्तमान में भारत के मुख्य न्यायाधीश हैं और देश की न्यायपालिका का नेतृत्व कर रहे हैं।
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कमलताई गवई को स्थानीय स्तर पर महिला शिक्षा और सामाजिक उत्थान की दिशा में काम करने वाली प्रेरक शख्सियत माना जाता है। अमरावती और आसपास के इलाकों में उन्हें समाज में योगदान देने वाली एक सशक्त महिला के रूप में जाना जाता है।
अमरावती में होगा भव्य कार्यक्रम
अमरावती की RSS महानगर इकाई 5 अक्टूबर को विजयदशमी समारोह आयोजित करेगी। यह आयोजन किरण नगर स्थित श्रीमती नरसम्मा महाविद्यालय मैदान में होगा। इस कार्यक्रम में संघ के वरिष्ठ नेता जे नंद कुमार मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। आयोजन समिति का कहना है कि यह कार्यक्रम जिले के बड़े सामाजिक आयोजनों में से एक होगा।
परिवार ने निमंत्रण की पुष्टि की
भारत के प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई की मां डॉ. कमलताई गवई को औपचारिक निमंत्रण दिया गया है। उनके परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि वे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगी। संघ द्वारा उन्हें बुलाए जाने को एक सामाजिक सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
RSS का शताब्दी वर्ष अभियान
संघ ने शताब्दी वर्ष पर एक लाख से ज्यादा हिंदू सम्मेलन और हजारों संगोष्ठियों के आयोजन की योजना बनाई है। इसके जरिए संगठन अपनी वैचारिक यात्रा और सामाजिक कार्यों को लोगों तक पहुंचाना चाहता है।
नागपुर से होगी शुरुआत
आरएसएस की स्थापना नागपुर में हुई थी और इसलिए शताब्दी वर्ष की शुरुआत भी वहीं से होगी। 2 अक्टूबर को संघ प्रमुख मोहन भागवत विजयदशमी के अवसर पर अपना वार्षिक संबोधन देंगे। इसके साथ ही देशभर में होने वाले आयोजनों की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।
घर-घर संपर्क अभियान
लोगों तक अधिक व्यापक पहुंच बनाने के लिए आरएसएस ने 'घर-घर संपर्क अभियान' चलाने का भी फैसला किया है। इसके तहत कार्यकर्ता सीधे आम जनता से जुड़ेंगे और संघ की विचारधारा और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी साझा करेंगे।
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