Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी के साथ सुरक्षाबलों ने ऐसी 'कार्रवाई' की, सदमे में आतंकी संगठन!
Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट केस में सुरक्षा बलों ने गुरुवार रात पुलवामा में आतंकी डॉ. उमर नबी के घर को IED ब्लास्ट से उड़ा दिया। DNA मैचिंग से पुष्टि हुई कि ब्लास्ट वाली कार डॉ. उमर चला रहा था। गिरफ्तार 8 आतंकियों ने खुलासा किया कि वे 6 दिसंबर को दिल्ली समेत देशभर में कई जगह धमाके करने की साजिश रच रहे थे।
विस्फोट में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 घायल हैं। जांच में हरियाणा के नूंह जिले और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का कनेक्शन सामने आया है।

पुलवामा में IED ब्लास्ट कार्रवाई
सुरक्षा बलों ने गुरुवार रात पुलवामा में आतंकी डॉ. उमर नबी के घर को IED ब्लास्ट से उड़ा दिया। यह कार्रवाई DNA मैचिंग के बाद हुई, जिसने पुष्टि की कि ब्लास्ट वाली कार डॉ. उमर चला रहा था। इस कदम से आतंकी नेटवर्क पर सख्त संदेश गया और आगामी धमाकों को रोकने में मदद मिली।
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दिल्ली ब्लास्ट की साजिश
गिरफ्तार 8 आतंकियों ने बताया कि वे 6 दिसंबर को दिल्ली और अन्य शहरों में धमाके करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने 32 कारों में बम और विस्फोटक भरने का प्लान बनाया था। i20, इको स्पोर्ट और ब्रेजा इसी साजिश का हिस्सा थीं।
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हरियाणा और फरीदाबाद कनेक्शन
दिल्ली ब्लास्ट की गहन जांच में हरियाणा के नूंह जिले का पिनगवां क्षेत्र और फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी का सीधा कनेक्शन उजागर हुआ है। यह सामने आया कि विस्फोट वाली कार चला रहा आतंकी डॉ. उमर नबी अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा था, जहां से जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल के दो अन्य डॉक्टर भी गिरफ्तार किए गए हैं। विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति में एक महत्वपूर्ण कड़ी नूंह के पिनगवां का खाद विक्रेता दिनेश सिंगला है, जिसे हिरासत में लिया गया है। सिंगला पर आरोप है कि उसने बिना लाइसेंस के भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट (जिसका उपयोग IED बनाने में हुआ) आतंकियों को बेचा। जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद के पास एक गांव से लगभग 3000 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया, जो इस बात की पुष्टि करता है कि आतंकी मॉड्यूल ने अपनी साजिश के लिए स्थानीय संसाधनों और सामग्री आपूर्ति शृंखला का फायदा उठाया था।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के अहमद सिद्दीकी भी रडार पर
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। यूनिवर्सिटी के चैरिटेबल ट्रस्ट में उनके परिवार और दुबई में रहने वाली रिश्तेदार को ट्रस्टी बनाया गया है। यह खुलासा आतंकियों के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में मदद कर रहा है।
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