Pahlaj Nihalani Death: बॉलीवुड को लगा झटका, निर्माता-निर्देशक और पूर्व CBFC चेयरमैन पहलाज निहलानी की हुई मौत
Pahlaj Nihalani Death: हिंदी फिल्म जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। खबर है कि मशहूर फिल्म निर्माता, निर्देशक और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने आज यानी 4 जून 2026 (गुरुवार) सुबह मुंबई के नानावती अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
पहलाज निहलानी की हुई मौत
बताया जा रहा है कि पहलाज निहलानी पिछले कई महीनों से गंभीर रूप से बीमार थे और लिवर सिरोसिस जैसी जटिल बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी,, जिसके चलते उन्हें मुंबई के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

लंबे समय से चल रहा था इलाज
-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहलाज निहलानी पिछले 4 महीनों से डॉक्टरों की निगरानी में थे। उनकी देखरेख वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जयंत बर्वे की टीम कर रही थी। पिछले एक महीने के दौरान उनकी हालत को देखते हुए उन्हें कई बार अस्पताल बदलना पड़ा था।
-पहलाज निहलानी परिकेवार को उम्मीद थी कि वह जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेंगे लेकिन आखिरकार आज यानी 4 जून 2026 की सुबह वह जिंदगी की जंग हार गए। उनके निधन की पुष्टि के बाद बॉलीवुड जगत से संवेदनाओं का सिलसिला शुरू हो गया है।
कौन थे पहलाज निहलानी?
-पहलाज निहलानी हिंदी सिनेमा का वह नाम थे जिन्होंने निर्माता, निर्देशक और फिल्म वितरक के रूप में कई दशकों तक इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उनका जन्म सिंधी परिवार में हुआ था और उन्होंने बेहद कम उम्र में फिल्म व्यवसाय से जुड़कर अपना करियर शुरू किया था।
-1980 और 1990 के दशक में पहलाज निहलानी ने कई पॉपुलर फिल्मों का निर्माण किया था। उनकी फिल्मों में मनोरंजन, मसाला और पारिवारिक भावनाओं का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता था,जिसने उन्हें आम दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाया था।
गोविंदा के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निभाई अहम भूमिका
-पहलाज निहलानी को एक्टर गोविंदा के शुरुआती करियर का सबसे बड़ा समर्थक माना जाता है। उन्होंने गोविंदा के साथ कई सफल फिल्मों में काम किया और उन्हें मेन स्ट्रीम के स्टार के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
-इल्जाम, शोला और शबनम, आंखें और कई अन्य फिल्मों में उनकी साझेदारी ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की। एक समय ऐसा था जब गोविंदा और पहलाज निहलानी की जोड़ी को सफलता की गारंटी माना जाता था।
सेंसर बोर्ड प्रमुख के रूप में रहे सबसे चर्चित चेहरों में शामिल
-फिल्म निर्माता के अलावा पहलाज निहलानी को सबसे ज्यादा चर्चा उस समय मिली जब उन्हें केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान कई फिल्मों को लेकर सेंसरशिप संबंधी फैसले राष्ट्रीय बहस का विषय बने।
-उनके नेतृत्व में कई फिल्मों के दृश्यों और संवादों पर कैंची चलाए जाने को लेकर फिल्मकारों और कलाकारों ने खुलकर विरोध जताया था। हालांकि निहलानी हमेशा यह कहते रहे कि उनका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों की रक्षा करना था।
विवादों से भी रहा गहरा नाता
पहलाज निहलानी का करियर जितना सफल रहा था, उतना ही विवादों से भी घिरा रहा। सेंसर बोर्ड प्रमुख के तौर पर लिए गए उनके फैसलों पर कई बार सवाल उठे। कुछ फिल्मकारों ने उन्हें अत्यधिक सख्त बताया जबकि उनके समर्थकों का मानना था कि वह नियमों का पालन कराने में विश्वास रखते थे।
-अपने बेबाक बयानों और स्पष्ट राय के कारण भी वह अक्सर सुर्खियों में बने रहते थे। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई मुद्दों पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी, जिसके चलते वह लगातार चर्चा में बने रहे।
फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक युग का अंत
पहलाज निहलानी सिर्फ एक निर्माता या डायरेक्टर नहीं थे बल्कि बॉलीवुड के उस दौर के प्रतिनिधि थे जब मसाला फिल्मों का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता था। उन्होंने न केवल कई कलाकारों के करियर को दिशा दी बल्कि भारतीय फिल्म उद्योग के विकास में भी अपना योगदान दिया। उनके निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने अपने एक ऐसे चेहरे को खो दिया है जिसने पर्दे के पीछे रहकर भी इंडस्ट्री की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई।
परिवार और चाहने वालों में शोक
पहलाज निहलानी अपने पीछे परिवार, दोस्त और लाखों फैंस छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत के कई कलाकारों और निर्माताओं ने दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके योगदान को याद कर रहे हैं।












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