कोरोना वायरस: क्या करेंसी नोट और सिक्कों से भी फैल सकता है?

कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने सुझाव दिया है कि 'जनता फ़िलहाल नकदी उपयोग करने से बचे और लेन-देन के लिए भुगतान के डिजिटल साधनों का प्रयोग करे.'
आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक योगेश दयाल ने कहा है, "नकद राशि भेजने या बिल का भुगतान करने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने की आवश्यकता हो सकती है. इसके लिए दो लोगों में संपर्क भी होता है जिससे फ़िलहाल बचने की ज़रूरत है."
केंद्रीय बैंक ने लोगों को सुझाव दिया है कि वे एनईएफ़टी, आईएमपीएस, यूपीआई और बीबीपीएस जैसी फंड ट्रांसफ़र की सुविधाओं का इस्तेमाल करें जो चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं.
आरबीआई से पहले अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (सीएआईटी) ने भी नकदी के इस्तेमाल पर चिंता ज़ाहिर की थी.
सीएआईटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भारतीय और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर यह संदेश दिया था कि "कागज़ से बने करेंसी नोट महामारी बन चुके कोरोना वायरस को फैलने में सहायक साबित हो सकते" हैं.
पॉलिमर करेंसी चलाने का सुझाव
सीएआईटी ने पीएम मोदी से यह अपील भी की है, "भारत सरकार मौजूदा स्थिति को देखते हुए सिंथेटिक पॉलिमर से बनने वाले करेंसी नोट लाने पर विचार करे जिनके ज़रिए संक्रमण फ़ैलने का ख़तरा कागज़ के नोटों की तुलना में कम बताया जाता है.'
सोशल मीडिया पर भी इस विषय में चर्चा हो रही है. लोग विदेशी मीडिया में छपीं ख़बरें शेयर कर रहे हैं जिनमें लिखा है कि चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में स्थित बैंक करेंसी नोटों को वायरस मुक्त करने में लग गए हैं.
याहू फ़ाइनेंस पर चीन के केंद्रीय बैंक के हवाले से प्रकाशित हुई ख़बर के अनुसार 'अल्ट्रावायलेट लाइट की मदद से करेंसी नोटों को साफ़ किया जा रहा है. इसके बाद इन नोटों को 14 दिनों के लिए सील करके रखा जाएगा और उसके बाद ही इन्हें जनता में सर्कुलेट किया जाएगा.'
चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार 'फ़रवरी के दूसरे सप्ताह में ही, जब कोविड-19 की वजह से मरने वालों की संख्या 1500 से अधिक हुई ही थी, तभी चीन के सभी बैंकों को यह निर्देश दिया गया था कि वे संभावित रूप से कोरोना संक्रमित करेंसी नोट वापस ले लें और उन्हें जीवाणुरहित बनाने का काम जारी रखें.'
चीन के हूबे प्रांत में स्थित वुहान शहर से ही दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत हुई थी.
- कोरोना महामारी, देश-दुनिया सतर्क
- कोरोना वायरस के क्या हैं लक्षण और कैसे कर सकते हैं बचाव
- कोरोना वायरस का बढ़ता ख़तरा, कैसे करें बचाव
- कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनना क्यों ज़रूरी है?
- कोरोना: मास्क और सेनेटाइज़र अचानक कहां चले गए?
- अंडे, चिकन खाने से फैलेगा कोरोना वायरस?
- कोरोना वायरस: बच्चों को कोविड-19 के बारे में कैसे बताएं?
- कोरोना वायरस: संक्रमण के बाद बचने की कितनी संभावना है
- कोरोना वायरस का कहर बरपा तो संभल पाएगा भारत?
क्या नोट और सिक्के संक्रमित हो सकते हैं?
कोविड-19 की अगर बात करें तो यह कोरोना फ़ैमिली का नया वायरस है जो इंसान में साँस से जुड़ी तकलीफ पैदा करता है.
इस वायरस से संबंधित जितनी भी मेडिकल रिसर्च हाल में हुई हैं, उनमें से किसी में भी इस विषय पर शोध नहीं हुआ है कि करेंसी नोट और सिक्कों के ज़रिए यह वायरस कैसे फैलता है.
वैज्ञानिक समझ यह कहती है कि 'कोरोना वायरस ड्रॉपलेट यानी सूक्ष्म बूंदों के रूप में ही मनुष्य की नाक या मुँह के ज़रिए शरीर में जा सकता है.'
यानी कोई संक्रमित बिल, नोट या सिक्का हाथ में लेने के बाद अगर हाथों को ना धोए, तो यह ख़तरनाक़ साबित हो सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस संदर्भ में यही कहा है.
SARS महामारी के समय
पर क्या कागज़ के नोट और सिक्के संक्रमित हो सकते हैं?
चीन और दक्षिण कोरिया में जब कागज़ के नोटों और सिक्कों की सफ़ाई का काम शुरू हुआ तो यही सवाल उठाया गया था.
लेकिन इसके जवाब में साल 2003 में फैली SARS महामारी के समय हुए एक शोध का हवाला दिया गया.
अमरीका में हुई इस स्टडी में कहा गया था कि 'SARS कोरोना वायरस कागज़ को 72 घंटे तक और कपड़े को 96 घंटे तक संक्रमित रख सकता है.'
और हालिया अध्ययनों के बाद वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं कि 'SARS कोरोना वायरस और कोविड-19 में काफ़ी संरचनात्मक समानताएं हैं.' हालांकि कोविड-19 की मृत्यु दर अब तक SARS कोरोना वायरस की तुलना में कम बताई जा रही है.
इन सभी बातों को ध्यान में रखें तो कागज़ के करेंसी नोट और सिक्के एक संक्रमित एजेंट का काम तो कर ही सकते हैं और कोरोना वायरस के फैलने में सहायक साबित हो सकते हैं.
ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में आरबीआई का डिजिटल भुगतान करने का सुझाव जनता के लिए एक बेहतर विकल्प है.
लेकिन जो लोग नकदी के इस्तेमाल से पूरी तरह बच नहीं सकते, उन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन के परामर्श को मानना चाहिए.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि 'अगर आप संक्रमित नकदी के संपर्क में आते भी हैं, तो उसे लेने या देने के बाद अपने हाथ धोकर आप समस्या को टाल सकते हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ज़ोर देकर कहा है कि 'जिन देशों में कोरोना वायरस संक्रमण फैला है, वहाँ के करेंसी नोट या सिक्के हाथ में लेने के बाद, अपने चेहरे, मुँह, नाक, कान या आँख को ना छुएं.'












Click it and Unblock the Notifications