Iran Israel War: तनाव के बीच जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से बात की, क्या हुई वार्ता?
Iran Israel War: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को पश्चिमी एशिया में बढ़ते संघर्ष पर कई देशों के विदेश मंत्रियों से फोन पर चर्चा की। उन्होंने अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराक्ची, जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफॉल और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ बात की। यह भारत की व्यापक कूटनीतिक पहुंच का हिस्सा था।
ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद यह जयशंकर और अराक्ची की तीसरी बातचीत थी। पिछली वार्ता 28 फरवरी अली ख़ामेनेई की हत्या के बाद और 5 मार्च विदेश सचिव विक्रम मिसरी द्वारा शोक पुस्तक पर हस्ताक्षर के बाद को हुई थीं। मंगलवार की कॉल 4 मार्च को अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी फ्रिगेट को डुबोए जाने तथा मुज्तबा ख़ामेनेई के उत्तराधिकारी चुने जाने के बाद हुई।

जयशंकर ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया कि उन्होंने अराक्ची के साथ चल रहे संघर्ष के ताज़ा घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की और दोनों देशों ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई। हालांकि इस कॉल का कोई आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया।
जर्मनी के विदेश मंत्री से भी हुई बात
भारत के विदेश मंत्री ने जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul से भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार-विमर्श किया। हालांकि इस बातचीत के बारे में भी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई।
दक्षिण कोरिया के साथ ऊर्जा और सुरक्षा पर फोकस
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ अपनी बातचीत में जयशंकर ने "पश्चिमी एशिया की स्थिति, जिसमें इसके ऊर्जा निहितार्थ भी शामिल हैं" और द्विपक्षीय एजेंडे पर जोर दिया। चो ह्यून ने कहा कि उन्होंने स्थिति पर चर्चा की, "जो वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डाल रही है।"
नागरिकों की सुरक्षा पर सहमति
दोनों मंत्री स्थिति विकसित होने पर भारतीय और दक्षिण कोरियाई नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घनिष्ठ संचार बनाए रखने पर सहमत हुए। चो ह्यून ने उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान से संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने की उम्मीद जताई। जयशंकर ने रणनीतिक आर्थिक सहयोग का विस्तार करने पर सहमति व्यक्त की।












Click it and Unblock the Notifications