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चोरी पकड़ने के लिए जला दिए बच्चों के हाथ

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    झारखंड के चक्रधरपुर में एक स्कूल प्रिंसिपल ने जलती मोमबत्ती के ऊपर हाथ रखवाकर बच्चों की हथेलियां जला दी. इन बच्चों से स्कूल में हुई एक चोरी के सिलसिले में पूछताछ की जा रही थी.

    घटना के बाद इलाक़े के अभिभावकों में ग़ुस्सा फैल गया और उन्होंने प्रिंसिपल के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की.

    प्रशासन ने एक कमेटी बनाकर मामले की जांच करवाई और प्रिंसिपल के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करा दी.

    पुलिस के मुताबिक़ प्रिंसिपल ने अपना जुर्म क़ुबूल कर लिया है.

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    जांच कमेटी
    RAVI PRAKASH/BBC
    जांच कमेटी

    क्या है मामला?

    वाक़या जीईएल चर्च परिसर में बने बेरुता मेमोरियल स्कूल का है.

    चौथी क्लास में पढ़ने वाले आनंद बोदरा के 200 रुपये चोरी हो गए थे जिसकी शिकायत उसने प्रिंसिपल से की.

    प्रिंसिपल ने बच्चों से पूछा, लेकिन किसी ने चोरी की बात कुबूल नहीं की.

    इसके बाद प्रिंसिपल ने बच्चों से एक-एक करके जलती हुई मोमबत्ती के ऊपर हाथ रखने को कहा.

    प्रिंसिपल ने बच्चों को बताया कि 'सिर्फ़ उसी बच्चे की हथेली जलेगी, जिसने चोरी की है. बाक़ियों को मोमबत्ती से कोई नुक़सान नहीं होगा.'

    बच्चे एक-एक करके मोमबत्ती पर हाथ रखने लगे, जिसमें एक बच्चे की हथेली तो इतनी बुरी तरह जल गई कि उसे अस्पताल ले जाना पड़ा.

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    रोशन दास
    RAVI PRAKASH/BBC
    रोशन दास

    'मेरा बच्चा स्कूल जाने को भी तैयार नहीं है'

    रोशन नाम के इस छात्र की मां शर्मिला देवी कहती हैं, "हथेली जलने से रोशन तक़लीफ़ में तो है ही, साथ ही बहुत डर गया है. वो अपने हाथ से खाना नहीं खा पा रहा है साथ ही उसने स्कूल जाने से मना कर दिया है."

    शर्मिला देवी के मुताबिक़, "सिर्फ़ उनके बेटे की ही नहीं, बल्कि लक्ष्मी यादव, नवनेश कुमार, प्रिया मंडल समेत और भी कई बच्चों की हथेलियां जल गई हैं जिससे वे बहुत सहमे हुए हैं."

    इस घटना के बाद इलाक़े के लोगों में बहुत ग़ु्स्सा है.

    चक्रधरपुर के एसडीओ प्रदीप प्रसाद के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम ने मामले की जांच की, जिसमें कई छात्रों, अभिभावकों, प्रिंसिपल और शिक्षकों से बात की गई.

    पश्चिमी सिंहभूम के डीसी अरवा राजकमल
    RAVI PRAKASH/BBC
    पश्चिमी सिंहभूम के डीसी अरवा राजकमल

    जांच के बाद एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट पश्चिमी सिंहभूम के डीसी अरवा राजकमल को सौंप दी, जिन्होंने बताया कि 'प्रिंसिपल ने जांच कमेटी के सामने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है.'

    पुलिस ने प्रिंसिपल के ख़िलाफ़ बाल संरक्षण क़ानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

    उधर, प्रिंसिपल ने ये तो माना कि उनसे ग़लती हो गई, लेकिन यह भी कहा कि उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि बच्चों के हाथ ऐसे जल जाएंगे.

    प्रिंसिपल ने बीबीसी हिंदी से कहा, "हाल के दिनों में स्कूल में चोरी की कई घटनाएं हो रही थीं जिसके बाद मैंने बच्चों को समझाने के लिए मोमबत्ती पर हाथ रखने को कहा, मुझे उम्मीद थी कि चोरी करने वाला बच्चा हाथ जलने के डर से अपनी ग़लती मान लेगा, लेकिन किसी बच्चे ने ऐसा नहीं किया. मुझे पता नहीं था कि बच्चों की हथेली इस तरह जल जाएगी."

    इस बीच चर्च के फ़ादर ने भी इस घटना की निंदा की है. उन्होंने बताया कि इस मामले में चर्च भी अपनी कार्रवाई करेगा.

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    BBC Hindi
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    English summary
    Childrens hands burned for burglary

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