'पब्लिक टॉयलेट में छिपकर बचाई जान', एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन Major Khushboo Patani के साथ उस रात क्या हुआ?
Actress Disha Patani Sister Major Khushboo Patani: बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी ने ग्लैमर वर्ल्ड की बजाय आर्मी को चुना और आज वह मेजर खुशबू पाटनी के नाम से जानी जाती हैं। लेकिन इस सफर के पीछे एक दर्दनाक घटना छिपी है, जिसने उन्हें अंदर से झकझोर दिया और उनकी सोच को हमेशा के लिए बदल दिया।
हाल ही में जोश टॉक्स में बातचीत के दौरान खुशबू ने उस खौफनाक रात की कहानी साझा की, जब कुछ लड़कों ने उनका पीछा किया और जान से मारने की धमकी दी। अपनी जान बचाने के लिए उन्हें एक पब्लिक टॉयलेट में घंटों छिपना पड़ा। यह घटना उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बनी और उन्होंने तय कर लिया कि वे कमजोर नहीं रहेंगी।

ग्रेटर नोएडा का कॉलेज और मेंटल हैरेसमेंट
दिशा पटानी की बहन खुशबू ने बताया कि 2008 में जब वे ग्रेटर नोएडा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने गईं, तो उन्हें आजादी तो मिली, लेकिन मानसिक उत्पीड़न और बुलिंग (बदमाशी) का भी सामना करना पड़ा। शुरुआत में उन्होंने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन धीरे-धीरे यह डर उनकी चिंता बढ़ाने लगा।
जब पीछा करने लगे थे लड़के
खुशबू ने बताया, "शुरुआत में मुझे अंदाजा नहीं था कि कोई मेरा पीछा कर रहा है। लेकिन मेरे दोस्तों ने ध्यान दिया कि कुछ लोग बस स्टॉप पर या कॉलेज के आसपास अक्सर मुझे फॉलो करते हैं। मैंने इसे नजरअंदाज कर दिया, लेकिन जब यह रोज होने लगा, तो चिंता बढ़ गई।"

उन्होंने आगे बताया कि दूसरे साल तक हालात बिगड़ने लगे। पहले जो लड़के सिर्फ बस का पीछा करते थे, अब वे उन्हें हर जगह फॉलो करने लगे। इस डर से खुशबू ने अकेले बाहर जाना बंद कर दिया और हमेशा किसी दोस्त के साथ जाने लगीं।
पब्लिक टॉयलेट में छिपकर बचाई जान
खुशबू ने उस खौफनाक रात को याद करते हुए कहा, "एक रात मैं अपनी दोस्त के साथ बाहर गई थी। हमें लगा कि कुछ लोग हमारा पीछा कर रहे हैं। जब हम तेजी से चलने लगे, तो उन्होंने गाड़ी से हमें घेरने की कोशिश की। अचानक उनमें से एक ने पिस्तौल निकाल ली।"
उस वक्त उन्हें एक सरकारी पब्लिक टॉयलेट दिखा, जहां वे तुरंत घुस गईं और दरवाजा बंद कर लिया। रात 12 बजे तक वे वहीं छिपी रहीं, जब तक उनकी दोस्त उन्हें लेने नहीं आई। किसी तरह वे सुरक्षित होस्टल वापस पहुंचीं।

डर से ताकत तक का सफर
इस घटना ने खुशबू के दिमाग में कई सवाल खड़े कर दिए। "मैं इतनी कमजोर क्यों हूं? मैं क्यों डर रही हूं? मैंने कुछ गलत नहीं किया, फिर भी मुझे ही भागना पड़ रहा है?" इन्हीं सवालों ने उन्हें मजबूत बनने की प्रेरणा दी।
इसके बाद कॉलेज में एक आर्मी कैप्टन से उनकी मुलाकात हुई, जिन्होंने उन्हें सेना में करियर बनाने की सलाह दी। खुशबू ने पहली ही कोशिश में इंडियन आर्मी के लिए क्वालीफाई किया और एक मेजर के रूप में अपनी सेवा दी।

सेना में जाने का फैसला और आत्मविश्वास की नई उड़ान
सेना में भर्ती होने के बाद खुशबू का आत्मविश्वास और बढ़ा। मणिपुर में शांति मिशन के दौरान उन्होंने अपनी हिम्मत और काबिलियत को साबित किया। आज खुशबू पाटनी उन महिलाओं में से एक हैं, जो दुनिया को यह दिखा चुकी हैं कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी डर, कोई भी चुनौती आपको रोक नहीं सकती।












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