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Rohingya Crisis: एक बौद्ध भिक्षु जिसके नाम से कांपते हैं रोहिंग्‍या मुसलमान

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    Rohingya Muslims :इस बौद्ध भिक्षु की वजह से रोहिंग्‍या मुसलमान कर रहे हैं पलायन | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। म्‍यांमार से पलायन कर रहे रोहिंग्‍या मुसलमानों को लेकर आज पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। कोई रोहिंग्‍याओं पर म्‍यांमार सेना की बात कर रहा है तो कोई इनके पलायन से भारत-बांग्‍लादेश में जैसे देशों में पैदा हो रही कठिन परिस्थितियों पर चिंतन कर रहा है।

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    Rohingya Muslims के टेरर कनेक्‍शन भी आज दुनिया भर में चर्चा का विषय हैं, लेकिन इन तीनों सवालों में सबसे अहम बात यह है कि आखिर रोहिंग्‍या मुसलमान पलायन क्‍यों कर रहे हैं? आखिर कौन है वो, जो रोहिंग्‍या मुसलमानों को अपना देश छोड़कर दर-दर भटकने को मजबूर कर रहा है? उस शख्‍स का नाम है बौद्ध भिक्षु विराथु।

    रोहिंग्‍या मुसलमानों की रूह कांप जाती है

    रोहिंग्‍या मुसलमानों की रूह कांप जाती है

    यही वो आदमी है, जिसके नाम से भी रोहिंग्‍या मुसलमानों की रूह कांप जाती है। विराथू कई बार रोहिंग्‍या मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्‍पणी कर चुके हैं। उनके बयानों ने कई बार आग में घी डालने का काम भी किया था।

    मुस्लिम विरोधी गुट

    मुस्लिम विरोधी गुट

    एक दशक पहले तक मांडले के इस बौद्ध भिक्षु को कोई नहीं जानता था। 1968 में जन्मे अशीन विराथु ने 14 साल की उम्र में स्कूल छोड़ दिया और भिक्षु का जीवन अपना लिया। उन्‍हें लोगों ने पहली बार तब जाना, जब 2001 में वह राष्ट्रवादी और मुस्लिम विरोधी गुट 969 के साथ जुड़ गए। म्यांमार में इस संगठन को कट्टरपंथी माना जाता है।

    25 साल की जेल की सजा

    25 साल की जेल की सजा

    साल 2003 में उन्हें 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन 2010 में उन्हें अन्य राजनीतिक बंदियों के साथ रिहा कर दिया गया। साल 2012 में जब म्‍यांमार के रखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों और बौद्धों के बीच हिंसा भड़की तो विराथु अपने भड़काऊ भाषणों के साथ लोगों की भावनाओं से जुड़ गए।

    टाइम मैगज़ीन

    टाइम मैगज़ीन

    जुलाई, 2013 को टाइम मैगज़ीन ने उन्हें कवर पेज पर छापा और इसकी हेडलाइन थी, 'द फेस ऑफ बुद्धिस्ट टेरर'। विराथु का कहना है कि आप कितने भी उदारवादी क्‍यों न हों, लेकिन पागल कुत्ते के साथ नहीं सो सकते। विराथु का यह बयान मुसलमानों के संदर्भ में देखा जा रहा है। विराथु मुसलमानों के खिलाफ बयान देकर कई बार चर्चा में रह चुके हैं। म्यांमार में विराथू के नाम से ही मुसलमान खौफ खाते हैं।

     80 फीसदी से ज्यादा लोग बौद्ध हैं

    80 फीसदी से ज्यादा लोग बौद्ध हैं

    म्यांमार में इस वक्त 80 फीसदी से ज्यादा लोग बौद्ध हैं जबकि 4-5 फीसदी ही मुसलमान हैं। म्यांमार में होने वाले सांप्रदायिक दंगों में हर बार सबसे ज्यादा नुकसान रोहिंग्या मुसलमानों का हुआ।

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    English summary
    A radical monk who for years has fanned the flames of religious chauvinism in Myanmar has been banned from giving sermons for a year by the country's top Buddhist body
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