भोजपुरी के ये 3 गाने हैं 'बदनाम', सुनते ही कान कर लेंगे बंद, खुलेआम नहीं हेडफोन लगाकर सुनना
Bhojpuri Songs: फेमस एक्ट्रेस और डांसिंग क्वीन नोरा फतेही के नए गाने सरके चुनरिया को लेकर छिड़ा विवाद अब सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं रहा है बल्कि इसने पूरे म्यूजिक इंडस्ट्री में अश्लीलता बनाम मनोरंजन की बहस को तेज कर दिया है। गाने के लिरिक्स और प्रस्तुति पर उठे सवालों के बीच एक बार फिर भोजपुरी गानों को निशाने पर लिया जा रहा है।
भोजपुरी इंडस्ट्री के डबल मीनिंग गाने
सोशल मीडिया पर लोग इस गाने की तुलना सीधे भोजपुरी इंडस्ट्री के डबल मीनिंग गानों से कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अश्लीलता सिर्फ एक क्षेत्रीय इंडस्ट्री तक सीमित है या फिर ये पूरे भारतीय म्यूजिक जगत में फैलती एक बड़ी प्रवृत्ति बन चुकी है?

गानों के बोलों पर लगा अश्लीलता का आरोप
आपको बता दें कि भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री अपनी धमाकेदार बीट्स और मस्ती भरे अंदाज के लिए जानी जाती है। शादी-पार्टी से लेकर हर सेलिब्रेशन में भोजपुरी गानों की धूम रहती है लेकिन पिछले कुछ समय में एक नया ट्रेंड सामने आया है, जहां गानों के बोलों पर अश्लीलता और डबल मीनिंग के आरोप लगने लगे हैं।
खुलेआम पार्टियों में बज रहे हैं अश्लील गाने
जो गाने कभी छुपकर सुने जाते थे, अब वो खुलेआम पार्टियों में बज रहे हैं। इस ट्रेंड में बड़े स्टार्स से लेकर नए सिंगर्स तक शामिल हैं। वहीं अब नोरा फतेही के नए गाने के बोलों ने इंडस्ट्री को परेशान कर दिया है। इसी बहस के बीच आइए नजर डालते हैं भोजपुरी के उन गानों पर, जो अपने लिरिक्स की वजह से पहले भी विवादों में रह चुके हैं।
3 भोजपुरी गाने जिन्होंने अपने लिरिक्स की वजह से जमकर विवाद बटोरा-
'भरतार करे मालिस'
-भोजपुरी सिंगर अंतरा सिंह प्रियंका (Antra Singh Priyanka) का गाना 'भरतार करे मालिस' रिलीज होते ही चर्चा में आ गया था। इस गाने के लिरिक्स को लेकर लोगों ने जमकर आलोचना की थी और इसे डबल मिनिंग वाला बताया था।
-हालांकि इतने विवादों के बावजूद ये गाना लोगों के बीच काफी पॉपुलर है। कई लोग इसे सुनना पसंद करते हैं लेकिन खुलेआम बजाने से कतराते भी हैं।
'राते दिया बुता के पिया क्या क्या किया'
-भोजपुरी इंडस्ट्री के पावरस्टार पवन सिंह (Pawan Singh) का 'राते दिया बुता के पिया क्या क्या किया' गाना जब रिलीज हुआ था, तो देखते ही देखते सुपरहिट बन गया था। हालांकि इसके बोलों को लेकर काफी विवाद हुआ।
-गाने में इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर समाज के एक वर्ग ने आपत्ति जताई और कहा कि ऐसे गाने युवाओं पर गलत असर डाल सकते हैं। फिर भी इस गाने की लोकप्रियता आज भी कम नहीं हुई है।
'चाची के बाची सपनवां में आती है'
भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) का गाना 'चाची के बाची सपनवां में आती है' भी विवादों से घिर चुका है। गाने के बोलों को लेकर सिंगर के खिलाफ शिकायत तक दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद ये गाना लोगों के बीच काफी पसंद किया गया और आज भी इसकी पॉपुलैरिटी बनी हुई है।
मनोरंजन या अश्लीलता? आज भी जारी है बहस
-भोजपुरी गानों को लेकर 'एंटरटेनमेंट या अश्लीलता', इस पर बहस नई नहीं है। एक तरफ जहां लोग इन गानों की धुन और एंटरटेनमेंट को पसंद करते हैं, वहीं दूसरी तरफ इनके लिरिक्स को लेकर सवाल उठते रहते हैं। अब सवाल ये है कि क्या ये गाने सिर्फ मनोरंजन का हिस्सा है या फिर सीमा लांघती अश्लीलता? इस पर बहस लगातार जारी है।
-भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है लेकिन इसके साथ ही कंटेंट की गुणवत्ता और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आने वाले समय में ये देखना दिलचस्प होगा कि इंडस्ट्री इस चुनौती से कैसे निपटती है।












Click it and Unblock the Notifications