Khan Sir Viral Video: कौन है खान सर का दुश्मन? पटना के मशहूर टीचर ने पहली बार खुलेआम बताया नाम
Khan Sir Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों पटना के मशहूर 'खान सर' और फेमस यूट्यूबर राज शमानी (Raj Shamani) का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में खान सर ने अपनी फीस और शिक्षा व्यवस्था को लेकर ऐसी बातें कही हैं, जिसने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है। राज शमानी जब पटना पहुंचे, तो खान सर के साथ बातचीत के दौरान बिहार के बच्चों के संघर्ष और कोचिंग माफियाओं पर जमकर प्रहार हुआ।
आइए जानते हैं खान सर ने राज शमानी से बातचीत के दौरान क्या कहा और कैसे उन्होंने गरीब बच्चों के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया है।

कौन है खान सर का दुश्मन?
खान सर ने खुले मंच से उन लोगों को चुनौती दी जो शिक्षा के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर कोई पूछे कि मेरा दुश्मन कौन है, तो मैं खुले मंच से कह सकता हूं कि मेरे वही दुश्मन हैं जो बच्चों से ज्यादा फीस लेते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि आज उनके पढ़ाए हुए बच्चे इतने बड़े अधिकारी बन चुके हैं कि अब उन्हें किसी का डर नहीं लगता। उन्होंने भरोसा जताया कि उनका पढ़ाया हुआ सवाल एग्जाम में न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता।
गैस संकट में दही-चूड़ा खाकर पढ़ रहे हैं बच्चे
बातचीत के दौरान खान सर भावुक भी हुए। उन्होंने बताया कि बिहार में बच्चों के लिए 'करो या मरो' वाली स्थिति है। यहां मुंबई जैसे बड़े शहरों की तरह ऑफिस या फैक्ट्रियों के मौके नहीं हैं। उन्होंने बताया, 'यहां बच्चे गैस की किल्लत होने पर खाना बनाने के बजाय दही-चूड़ा खाकर गुजारा कर लेते हैं ताकि पढ़ाई का समय न खराब हो। बिहार के लोग हर चीज का जुगाड़ निकाल लेते हैं।'
बेटियों के संघर्ष पर छलका दर्द
खान सर ने लड़कियों के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि बड़े शहरों और बिहार में बहुत फर्क है। उन्होंने कहा, 'अगर क्लास लंबी खिंच जाए और रात के 9 बज जाएं, तो लड़कियां पढ़ाई से नहीं थकतीं, बल्कि उन्हें इस बात का डर सताता है कि समाज उन पर उंगलियां उठाएगा कि इतनी रात को कहां थी। यह वो संघर्ष है जो बड़े शहरों के लोग शायद कभी नहीं समझ पाएंगे।'
राज शमानी भी रह गए दंग
फेमस यूट्यूबर राज शमानी ने बताया कि वह जब भी खान सर से मिलते हैं, उन्हें फीस बढ़ाने के नए-नए आइडिया देते हैं, लेकिन खान सर हर बार मना कर देते हैं। राज ने कहा, 'पता नहीं खान सर किस मिट्टी के बने हैं। मैं उनसे अकेले में भी कहता हूं कि थोड़े पैसे बढ़ा लो, लेकिन उनके दिमाग में कभी पैसे बनाने का ख्याल आता ही नहीं। वो बस यही कहते हैं कि एक बार इन बच्चों से आकर मिलो, तुम्हें जवाब मिल जाएगा।'
गरीब बच्चों के लिए खोला 'सफलता का द्वार'
खान सर ने अंत में एक बड़ी सच्चाई बयां की। उन्होंने कहा कि पहले IAS और PCS की क्लास में सिर्फ 100-200 बच्चे ही बैठ पाते थे, क्योंकि बाकी के पास 2-2.5 लाख रुपये फीस देने की हैसियत नहीं थी। लेकिन आज कम फीस की वजह से हर गरीब का बच्चा अधिकारी बनने का सपना देख रहा है और उसे पूरा भी कर रहा है।












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