PMGKAY: '80 करोड़ लोगों को मिलता रहेगा मुफ्त अनाज', जानें पूरी डिटेल्स
एक बार फिर से कोरोना की आहट के बीच, मोदी सरकार ने PMGKAY के तहत दी जाने वाली मुफ्त अनाज योजना एक साल और बढ़ा दी है।

केंद्र सरकार ने गरीबों को मुफ्त अनाज दिये जाने को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत केंद्र सरकार द्वारा पिछले कई सालों से गरीबों को दिया जाने वाला अनाज अब अगले एक साल भी मुफ्त में दिया जायेगा। इसका सीधा लाभ 80 करोड़ से अधिक लोगों को होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राशन के लिए एक रुपया भी नहीं देना होगा।
क्या है PMGKAY, कब हुई शुरुआत
कोविड-19 के कारण देश में उत्पन्न हुई आर्थिक समस्याओं के कारण गरीबों को होने वाली खाद्य कठिनाई को दूर करने के लिए मोदी सरकार ने इस पहल की शुरुआत की थी। मौजूदा पीडीएस (Public Distribution System) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत देश के करीब 80 करोड़ लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा हैं।
साल 2020 में कोरोना पूरी दुनिया में फैल गया था। इस कोरोनाकाल की शुरुआत होने के बाद मार्च 2020 में देशव्यापी लॉकडॉउन लगाया गया। उसी समय PMGKAY को शुरू किया गया था। इस योजना के तहत देश के गरीबों और वंचितों को 5 किलो मुफ्त अनाज मुहैया कराया जाता है। इसके अलावा सब्सिडाइज्ड राशन यानि पीडीएस योजना तो चल ही रही है जिसके तहत कम दरों पर गेहूं, चावल, दालें आदि उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस कल्याणकारी योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के अंतर्गत शामिल व्यक्तियों सहित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) (अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता वाले परिवार) के तहत शामिल सभी लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो खाद्यान्न मुफ्त दिया जाता हैं।
क्या है इसकी पात्रता
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत भारत के करीब 80 करोड़ राशनकार्ड धारकों को प्रति महीना, प्रति सदस्य 5 किलो ज्यादा अनाज (गेहूं-चावल) मिलता है। देश के जिस नागरिक के पास भी राशनकार्ड उपलब्ध है, उसे अपने कोटे के राशन के अलावा इस योजना के तहत हर महीने 5 किलो अलग से राशन मिल रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि इस योजना के तहत मुफ्त अनाज का फायदा उन लोगों को नहीं मिलेगा, जिनका राशनकार्ड नहीं हैं। यह योजना राशनकार्ड धारकों तक ही सीमित हैं।
यहां आपको स्पष्ट कर दें कि इस योजना के तहत हर व्यक्ति के हिसाब 5 किलो अनाज दिया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझते है। अगर किसी परिवार के राशनकार्ड में 4 सदस्य हैं और अभी उस पर प्रति सदस्य 5 किलो राशन (चावल/गेहूं) मिलता है तो उस राशन कार्ड पर एक माह में कुल मिलने वाला राशन 20 किलो होगा।
अब तक 8 चरणों में बढ़ाई जा चुकी हैं PMGKAY
यह योजना सबसे पहले मार्च 2020 में शुरू की गई थी। जिसके तहत पहले तीन महीनों के लिए इसकी शुरुआत हुई थी। बाद में कोरोना की बढ़ती स्थिति और देश पर मंडराते संकट को देखकर केंद्र सरकार ने इसे समय-दर-समय बढ़ाकर चालू रखने का फैसला किया। अब तक इस योजना के 8 चरण हो चुके हैं। छठे चरण में मार्च 2022 में इसे 6 महीने के लिये बढ़ाया गया था। अप्रैल-सितंबर 2022 तक फिर 7वें चरण में इसे दिसंबर 2022 तक किया गया। अब एक बार फिर से इसे बढ़ा दिया गया है, वो भी पूरे एक साल के लिये। यानि 8वें चरण में जनवरी 2023 से दिसंबर 2023 तक यह मुफ्त राशन की योजना जारी रहेगी।
दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम
भारत में चल रही PMGKAY योजना दुनिया की सबसे बड़ी मुफ्त खाद्य सुरक्षा योजना है। केंद्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे इस कार्यक्रम की प्रशंसा संयुक्त राष्ट्र संघ से लेकर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) में भी की जा चुकी है।
कितना हुआ खर्च
PMGKAY के छह चरणों तक लगभग 3.45 लाख करोड़ रुपये का खर्चा किया गया जबकि इसके 7वें चरण में 44,762 करोड़ रुपये का खर्चा और शामिल हो गया। इसे मिलाकर सातवें चरण तक कुल खर्चा लगभग 3.91 लाख करोड़ रुपये हो चुका हैं।
क्या है खाद्य सुरक्षा अधिनियम
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 (NFSA) कानून देश में 10 सितंबर 2013 को लागू हुआ था। इसका उद्देश्य लोगों को सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित कराना था। इस कानून के तहत 75 प्रतिशत ग्रामीण और 50 प्रतिशत शहरी आबादी को शामिल किया गया था।
इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल
अब इस योजना को एक देश एक राशन कार्ड (ONORC) प्रणाली से भी जोड़ दिया गया है। इसके माध्यम से अब सभी लाभार्थी अपने मौजूदा राशनकार्ड का उपयोग करके देश में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) से या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ आधार संख्या के द्वारा किसी भी उचित मूल्य की दुकान (एफपीएस) से अपने मासिक आवंटन के खाद्यान्न को आंशिक या पूर्ण रूप से प्राप्त कर सकते हैं। NFSA की देशव्यापी पोर्टेबिलिटी के लिए ONORC वर्तमान में कुल 80 करोड़ लाभार्थियों को कवर करते हुए देशभर के सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्यान्न उपलब्ध करा रही है। वर्तमान में एक देश एक राशन कार्ड योजना के अंतर्गत हर महीने औसतन लगभग 3.5 करोड़ पोर्टेबिलिटी लेनदेन किये जा रहे हैं।












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