Delhi Chunav Result 2025: BJP किसे बना सकती है दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री? 3 नामों में सबसे आगे कौन?
Delhi Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार बीजेपी ने 'करो या मरो' के मूड में मैदान में संघर्ष किया था और रुझानों में उसे इसका फल मिलता दिख रहा है। क्योंकि,उसकी हाथ से सत्ता गए 27 साल हो गए थे और अब तो यह पार्टी के लिए एक सपना ही बन चुका था। 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में पार्टी की सरकार शानदार तरीके से चल रही है। लेकिन दिल्ली में 1993 में पहली बार सत्ता में आने के बाद 1998 में ऐसे बाहर हुई कि सत्ता में वापसी की उम्मीद ही टूट गई थी। इस बार दिल्ली में 'कमल' खिलने पर मुख्यमंत्री कौन होगा? यह इस वक्त का सबसे बड़ा सवाल है।
दिल्ली में पिछले तीन बार से सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) भाजपा को इसी मुद्दे पर घेरा है कि उसका मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा? पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए बिन दूल्हे की बारात भी निकाली। लेकिन, पहली बार आप इस बार सत्ता से बाहर होती दिख रही है।

Delhi Chunav result 2025: BJP जीती तो कौन बनेगा दिल्ली का मुख्यमंत्री?
बीजेपी में यूं तो विधायक दल ही अपना नेता चुनता है। लेकिन, आज की तारीख में माना जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की हामी भी बहुत मायने रखती है। इसके साथ-साथ लोकसभा चुनावों के बाद माहौल में आरएसएस की सहमति की भी अपेक्षा की जा सकती है।
दिल्ली भाजपा के एक सूत्र ने नाम नहीं जाहिर होने देने की गुजारिश करते हुए वनइंडिया को फिलहाल पार्टी के अंदर चल रहे तीन-चार नामों की जानकारी दी है। भाजपा सूत्र के मुताबिक सबसे पहले नंबर पर मनजिंदर सिंह सिरसा का नाम है। उसके बाद हाल ही में आम आदमी पार्टी से बीजेपी में आए पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत का भी नाम लिया जा रहा है। तीसरे नाम के तौर पर जनकपुरी से चुनाव लड़ रहे आशीष सूद के नाम पर भी सुगबुगाहट जारी है।
Delhi Election Result 2025: एक) मनजिंदर सिंह सिरसा, राजौरी गार्डन से बीजेपी प्रत्याशी
मनजिंदर सिंह सिरसा अभी दिल्ली में बीजेपी के सबसे बड़े सिख चेहरे हैं। राजौरी गार्डन सीट पर उनका मुकाबला आप की धनवती चंदेला और कांग्रेस के धरम पाल चंदेला से हो रहा है। 2013 में सिरसा इसी सीट से शिरोमणि अकाली दल (SAD)से चुनाव जीते थे, जो तब एनडीए का ही हिस्सा था। वे 2021 में भाजपा में शामिल हो गए और तब से पार्टी में उनका कद लगातार बढ़ता गया।
हो सकता है कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी एक साथ दिल्ली से लेकर पंजाब को भी साधना चाहती हो। क्योंकि, किसान आंदोलन की वजह से सियासी तौर पर एक ऐसी धारणा बनी या बनाई गई है कि बीजेपी से सिख समुदाय का एक बड़ा तबका नाराज है।
Delhi Assembly Election Rsult 2025: दो) कैलाश गहलोत, बिजवासन सीट से भाजपा प्रत्याशी
कैलाश गहलोत आम आदमी पार्टी में दिल्ली के गृहमंत्री रहे हैं। 15 अगस्त,2024 को एलजी ने उन्हें ही झंडा फहराने का मौका दिया था। क्योंकि तत्कालीन मुख्यमंत्री के तौर पर अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में तिहाड़ जेल में बंद थे। बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए।
बिजवासन सीट पर उनका मुकाबला आप के सुरेंद्र भारद्वाज और कांग्रेस के कर्नल देविंदर कुमार शहरावत से हो रहा है। पिछली बार गहलोत नजफगढ़ से चुनाव मैदान में उतरे थे।
कैलाश गहलोत जाट बिरादरी से आते हैं, जिसका दिल्ली के कई इलाकों में बड़ा दबदबा है। बीजेपी अगर इन्हें मुख्यमंत्री बनाती है तो इनके माध्यम से एक तो जाटों में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करेगी। दूसरा, आम आदमी पार्टी के सामने उसी के पुराने नेता को खड़ा कर उसके जनाधार में भी सेंध लगाने की कोशिश करेगी। चुनाव से पहले केजरीवाल ने जाटों को केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल करने की मांग करके इस वर्ग को खुश करने का दांव चला था।
Delhi Chunav 2025: तीन) आशीष सूद, जनकपुरी से बीजेपी उम्मीदवार
बीजेपी में जिस नेता का नाम अब अगले मुख्यमंत्री के तौर पर तेजी से उभरा है, वह हैं जनकपुरी सीट से चुनाव लड़ रहे पार्टी के दिग्गज आशीष सूद का। भाजपा के एक विशेष सूत्र ने वनइंडिया से बातचीत में इस अनुरोध के साथ बताया है कि उनका नाम नहीं जाहिर होगा कि 'पार्टी में अगले मुख्यमंत्री के तौर पर आशीष सूद को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं।'
उस नेता के मुताबिक, 'आशीष सूद का संगठन में लंबा अनुभव और पार्टी के प्रति पूर्ण समर्पण की वजह से उनके नाम की चर्चा तेज है, जिन्हें शीर्ष नेतृत्व का भी विश्वास प्राप्त रहा है।'
Delhi Chunav Result 2025: बीजेपी में की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं आशीष सूद
उस नेता के अनुसार आशीष सूद भाजपा की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वह जम्मू और कश्मीर जैसे राज्य में भी पार्टी के प्रभारी का दायित्व निभा चुके हैं और गोवा में भी सह-प्रभारी रह चुके हैं। पंजाबी समाज से आने वाले सूद विश्वविद्यालय चुनावों का भी जिम्मा संभालते रहे हैं।
आशीष सूद इस बार भी जनकपुरी सीट से चुनाव मैदान में हैं, जहां उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवीण कुमार और कांग्रेस की हरबनी कौर के साथ है। पिछली बार 'आप' के राजेश ऋषि ने सूद को यहीं से करीब 15 हजार वोटों से हराया था।
वहीं नई दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा के बारे में भाजपा के अंदर इस बात की चर्चा है कि अगर आप सुप्रीमो इस बार हारते हैं तो वर्मा को भी बड़ा पद दिया जाना निश्चित है और हो सकता है कि पार्टी उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाने की पहल कर सकती है।












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