सुकमा में जवानों ने ढूढ़ा नक्सलियों का बंकर, सुरंग में बना रखी थी हथियारों की फैक्ट्री
Chhattisgarh Naxalite: छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित सुकमा जिले के डीआरजी (डिस्ट्रीक्ट रिजर्व गार्ड) के जवानों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए नक्सलियों का एक बंकर ढूंढ निकाला है। यह बंकर सुकमा-बीजापुर सीमा पर स्थित तुमरेल और तलपेरू नदियों के बीच था। इस दौरान बस्तर क्षेत्र के तीन जिलों की पुलिस फोर्स ने नक्सली कमांडर हिड़मा के गढ़ में घुसकर हिड़मा और देवा की टीम के 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया। हालांकि, हिड़मा और देवा पुलिस की गोलियों से बचने में सफल रहे।
इस ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों की हथियार बनाने वाली फैक्ट्री और मशीनों को भी नष्ट किया। मारे गए नक्सली बटालियन नंबर 1 और CRC (सेंट्रल रीजनल कमेटी) के थे। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना राज्य की सीमा पर स्थित तीन जिलों की पुलिस ने लगभग 48 घंटे तक ऑपरेशन चलाया। इस दौरान जवानों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए।

तीन जिलों की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों की सरहदी क्षेत्र में करीब 200-250 नक्सली मौजूद हैं। इन नक्सलियों के साथ-साथ नक्सली कमांडर हिड़मा और बटालियन नंबर 1 के कमांडर देवा भी इलाके में मौजूद थे। इसी सूचना पर 15 जनवरी की शाम दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों की डीआरजी, कोबरा बटालियन, CRPF के करीब 1500 से 2000 जवानों ने ऑपरेशन शुरू किया।
12 नक्सलियों के शव बरामद
15 जनवरी की रात तक जवान नक्सलियों के कोर इलाके में पहुंच गए थे। 16 जनवरी की सुबह करीब 8-9 बजे नक्सलियों से पहली मुठभेड़ हुई, जिसमें 2 नक्सली मारे गए थे। इसके बाद दिनभर रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। 16 तारीख को करीब 8-10 घंटे तक लगातार फायरिंग होती रही, लेकिन रात होने पर गोलीबारी रुक गई। अगले दिन, 17 जनवरी की सुबह से जवानों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखा और 12 नक्सलियों के शव बरामद किए।
सुकमा और बीजापुर जिले के बॉर्डर क्षेत्र में एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जवानों ने नक्सलियों द्वारा बनाई गई एक सुरंग का पता लगाया, जो सुकमा और बीजापुर के बीच स्थित तुमरेल और तलपेरू नदी के किनारे छिपी हुई थी। इस सुरंग में नक्सलियों ने बम और बंदूकें बनाने के लिए एक पूरी फैक्ट्री स्थापित कर रखी थी, जिसे देखकर जवानों के होश उड़ गए।
सुरंग में हथियार बनाने की फैक्ट्री
सुकमा डीआरजी के जवान जब सुरंग में पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि सुरंग के भीतर पूरा का पूरा एक कमरा बना हुआ था। कमरे के भीतर लेथ मशीनें लगी हुई थीं, जिनके जरिए नक्सली हथियार बनाने का काम कर रहे थे। सुरंग के भीतर जवानों को कई हथियार, बम और बॉटल बम भी मिले। इसके अलावा, बम और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई सामान भी बरामद किए गए।
कांच की बोतलों में बम बनाने की पुष्टि
सुरंग में मिले सामान से यह पुष्टि हुई कि नक्सली लंबे वक्त से कांच की बोतलों में बम बनाने का काम कर रहे थे। यह जानकारी लंबे समय से सुरक्षा बलों को मिल रही थी, और अब इस ऑपरेशन के दौरान यह सच्चाई सामने आई। सुरंग की इस बड़ी खोज से नक्सलियों की हथियार निर्माण क्षमता और उनके माओवादी नेटवर्क की गतिविधियों का भी खुलासा हुआ है।
बस्तर IG सुंदरराज पी ने कहा कि यह ऑपरेशन नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ा प्रहार था। जवानों ने नक्सलियों के कोर जोन में घुसकर उन्हें मार गिराया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे ऑपरेशनों के कारण माओवादी बैकफुट पर आ गए हैं।बहरहाल यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जो नक्सलियों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों का हिस्सा है।












Click it and Unblock the Notifications