20 फीट उछला वाहन,10 फीट गहरा गड्ढा, 9 जवान शहीद, बीजापुर में नक्सलियों ने क्यों किया हमला,पढ़ें इनसाइड स्टोरी
Chhattisgarh Naxal Attack: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सोमवार को नक्सलियों ने एक दर्दनाक हमले को अंजाम दिया। नक्सलियों ने एक IED ब्लास्ट के जरिए सुरक्षा बलों की गाड़ी को उड़ा दिया, जिससे दंतेवाड़ा DRG के 8 जवान और एक ड्राइवर शहीद हो गए। यह हमला सुरक्षाबालों द्वारा नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के पलटवार में किया गया है। पुलिस अफसर और राज्य के वरिष्ठ राजनेता मानते हैं कि नक्सली बड़े ऑपरेशन के बाद ऐसे हमले करते हैं।
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वाहन 20 फीट तक हवा में उछला वाहन, हुआ 10 फीट गहरा गड्ढा
बीजापुर में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में धमाका इतना तेज था कि सड़क पर 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। वाहन 20 फीट तक हवा में उछल गया। गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और उसके कुछ हिस्से 30 फीट दूर एक पेड़ पर 25 फीट की ऊंचाई पर मिले, जो हमले की भयावहता को दर्शाता है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों को जवानों के मूवमेंट की पहले से जानकारी थी। उन्होंने एंबुश लगाकर घातक विस्फोट किया। इसके बाद नक्सलियों ने फोर्स पर फायरिंग शुरू कर दी।

3 दिनों से जारी था नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन
बस्तर रेंज के IG पी. सुंदरराज ने घटना पर कहा, "दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों के सीमावर्ती इलाकों में 3 दिनों से नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा था, जिसमें 5 माओवादियों के शव बरामद हुए और एक जवान शहीद हो गया। इसके बाद जब हमारी टीम वापस लौट रही थी, तो बीजापुर के अंबेली गांव के पास नक्सलियों ने IED विस्फोट किया, जिसकी चपेट में हमारे सुरक्षा बलों की गाड़ी आ गई। इसमें 8 जवान और एक ड्राइवर शहीद हो गए।"
धमाका इतना तगड़ा था कि वाहन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। गाड़ी कई फीट ऊपर उछलकर नीचे गिर गई और मलबे में तब्दील हो गई। जवानों के शव घटनास्थल पर क्षत-विक्षत हालत में मिले। ब्लास्ट के बाद जेसीबी मशीन से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। जवानों के हथियार और अन्य सामान को सुरक्षित रखा गया है।
सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी
शनिवार रात अबूझमाड़ के जंगल में हुए एक मुठभेड़ में DRG जवान प्रधान आरक्षक सन्नू कारम शहीद हो गए थे, वहीं जवानों ने एक महिला नक्सली समेत 5 माओवादियों को भी मार गिराया था। 3 दिन पहले गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों ने 3 नक्सलियों को मार गिराया था। इस ऑपरेशन में DRG और STF की टीम शामिल थी, जिसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लगभग 300 जवानों ने भाग लिया।
बड़े ऑपरेशन से बौखलाए हुए हैं नक्सली
इस घटना पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, "जब भी सुरक्षाबलों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन होते हैं, ये नक्सली कायरतापूर्ण हमले करते हैं। मैं इस हमले में शहीद हुए जवानों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार जो बड़े कदम उठा रही है, वह इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।"
बहरहाल इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है, और नक्सलवाद के खात्मे के लिए लड़ाई को मजबूत तरीके से जारी रखने की घोषणा की है।












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