'अखिलेश की बिटिया के साथ ऐसी हरकत', मोदी की महिला मंत्री का आया अदिति पर बयान, नहीं थम रहा 7cr लेकर भागी विवाद
Anupriya Patel On Aditi Yadav Controversy: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर पर सोशल मीडिया पर चल रहे विवाद ने अब नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर फर्जी दावा किया जा रहा था कि 'अदिति 7 करोड़ लेकर विदेश में पढ़ाई के दौरान नाइजीरियन लड़के के साथ भाग गई है।'उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया सामने आई थी, वहीं अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने भी खुलकर अपनी राय रखी है।
अदिति यादव के इस मामले में FIR कर जांच चल रही है। इस पूरे मुद्दे को लेकर सपा सांसद डिंपल यादव और खुद अखिलेश यादव ने इसका आरोप भाजपा के कार्यकर्ताओं पर लगाया है। लेकिन अनुप्रिया पटेल ने साफ कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी परिवार की बेटी के खिलाफ अपमानजनक या अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हो या कोई और किस की भी बिटिया के साथ ऐसी हरकत नहीं होनी चाहिए।

'लड़ाई वैचारिक हो, परिवार को बीच में न लाएं'-अनुप्रिया पटेल
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अदिति यादव के पक्ष में खड़े होते हुए राजनीतिक मर्यादा का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश या प्रदेश के किसी भी परिवार की बेटी के खिलाफ ऐसी अमर्यादित और अभद्र बातें बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जा सकतीं।
अनुप्रिया पटेल ने कहा,
''जो विषय बच्ची के बारे में आया...उसके बारे में भी मैं साफ तौर पर कहना चाहती हूं कि हम अलग-अलग पार्टी के लोग हैं...हमारी लड़ाई वैचारिक है...राजनीतिक दलों को एक-दूसरे से वैचारिक लड़ाई ही करनी चाहिए, किसी का भी परिवार, किसी का भी बच्चा, किसी की भी बिटिया हम सबके लिए परिवार जरूरी है और उसका सम्मान होना चाहिए। देश की, प्रदेश की, किसी परिवार की किसी भी बेटी के खिलाफ किसी भी तरह की अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणी नहीं होनी चाहिए, इसकी हम घोर निंदा करते हैं।''
अनुप्रिया पटेल ने इस पूरे घटनाक्रम की निंदा करते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, क्योंकि समाज की हर बेटी अपनी ही बेटी है।
क्या था अदिति यादव को लेकर पूरा मामला जिसने बढ़ाया सियासी पारा?
इस पूरे विवाद की जड़ सोशल मीडिया पर फैली एक बेहद बेतुकी और मनगढ़ंत अफवाह है। दरअसल, 'भारत कुमार पटेल' नाम की एक फेसबुक आईडी से एक पोस्ट शेयर की गई थी। इस पोस्ट में पूरी तरह से झूठा और भ्रामक दावा किया गया कि अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव लंदन की 'यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन' से 7 करोड़ रुपये चोरी करके अपने एक नाइजीरियाई मुस्लिम दोस्त के साथ नाइजीरिया भाग गई हैं। यह खबर पूरी तरह फर्जी थी, जिसका मकसद केवल यादव परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाना था।
इस मामले के तूल पकड़ते ही यूपी पुलिस तुरंत एक्शन में आई। कानपुर और प्रतापगढ़ में सपा नेताओं की शिकायतों के आधार पर भरत पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल, विनोद यादव और 'शीतला सुजान कवि' नाम के अकाउंट संचालकों समेत कुल 4 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वहीं, प्रयागराज की कोर्ट में भी इन सोशल मीडिया हैंडलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया है।
सीएम योगी बोले- बेटी, बेटी होती है और उसका सम्मान होना ही चाहिए
इस मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आजमगढ़ में कड़ा बयान दिया था। सीएम योगी ने कहा था, "बेटी, बेटी होती है और उसका सम्मान होना ही चाहिए। जैसे ही मुझे सपा प्रमुख की बेटी के खिलाफ गलत टिप्पणी की जानकारी मिली, मैंने तुरंत पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया।"
इसके साथ ही सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा था कि दूसरों को उपदेश देने से पहले वे अपने 'चेलों-चपाटों' को भाषा पर संयम रखने की नसीहत दें। मुख्यमंत्री योगी के इसी बयान पर अब डिंपल यादव और अखिलेश यादव ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया है।
डिंपल यादव ने बीजेपी पर लगाए आरोप
मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने इस पूरे मामले पर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अदिति यादव के खिलाफ की गई टिप्पणियों के पीछे भाजपा से जुड़े लोग हैं।
डिंपल यादव ने कहा कि यह मुद्दा जानबूझकर उछाला गया ताकि दूसरे राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें अपने राजनीतिक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए और भटकाव की राजनीति से बचना चाहिए।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने संकेत दिया कि इस पूरे विवाद के पीछे एक संगठित साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में असमर्थ है तो वह खुद भी जांच में मदद करने को तैयार हैं।
इसके अलावा अखिलेश यादव ने यह भी कहा था कि परिवार और रिश्तों का महत्व वही समझ सकता है, जिसके पास परिवार हो। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा मिली थी।
अदिति यादव विवाद अब केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक मर्यादा, डिजिटल जिम्मेदारी और सार्वजनिक संवाद की सीमाओं पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अनुप्रिया पटेल के ताजा बयान ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि राजनीतिक लड़ाई चाहे कितनी भी तीखी क्यों न हो, परिवार और खासकर बेटियों को निशाना बनाना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।














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