Dantewada Encounter: कांधे पर नक्सलियों के शव ढोकर पैदल चले, लाल आतंक से लड़कर जंगलों से बाहर आए हमारे जवान
CG Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के जंगलो में मुठभेड़ के अगले दिन आज सुबह से तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। सुरक्षाबलों ने दंतेवाड़ा के जंगलों में उस पूरे इलाके को घेर लिया है, जहाँ नक्सलियों की गतिविधि बनी हुई थी। इस बीच जवानों के संवेदनशीलता से जुड़ी तस्वीर सामने आई है। एक तरफ नक्सली मुठभेड़ में शहीद होने वाले हमारे वीर जवानों के शवों के साथ क्रूरता बरतते हैं, तो वही देश के जवान बड़े जोखिम के साथ नक्सलियों के शवों को कांधे पर ढोकर कई किलोमीटर पैदल चलकर जंगलो से बाहर ला रहे हैं।
सुरक्षाबलों द्वारा नक्सलियों के शवों का अंतिम संस्कार भी किया जायेगा। दंतेवाड़ा रेंज के डीआइजी कमलोचन कश्यप ने कहा कि यह इलाका सभी नक्सलियों के लिए सुरक्षित जगह माना जाता है। चार दिन पहले बड़े नक्सलियों के बारे में सूचना मिलने पर इस ऑपरेशन की योजना बनाई गई थी. 31 नक्सली मारे गए हैं और भारी हथियार और गोला-बारूद मिला है। बरामद कर लिया गया है। कंपनी 6 मुख्य रूप से इस क्षेत्र में सक्रिय है और उनकी संख्या 100-150 है।

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में नक्सल मुठभेड़ के बाद भी सुरक्षाबलों ने दंतेवाड़ा क्षेत्र के जंगल में अपना तलाशी अभियान जारी रखा है। खासकर उस स्थान पर, जहां कल नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों के शव सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिए हैं। अब तक कुल 31 शव बरामद किए जा चुके हैं।
इधर बस्तर संभाग के आईजी पी सुंदरराज ने कहा, "हमें माओवादियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी,जिसके बाद दंतेवाड़ा DRG, नारायणपुर STF बल को अभियान के लिए रवाना किया गया था। कल मुठभेड़ हुई थी जिसके बाद अब तक कुल 31 माओवादियों के शव बरामद हुए हैं।
उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इनसे SLR, AK 47 जैसे कई ग्रेडेड हथियार भी मिले। तलाशी अब भी जारी है। आने वाले 1-2 वर्ष में हम क्षेत्र में नक्सलवाद को खत्म करने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुठभेड़ में हमारे एक जवान को चोट आई है, वह खतरे से बाहर हैं, उनकी हालत अभी स्थिर है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवानों के हौसला बढाते हुए कहा कि "हमारी सेनाओं को बड़ी सफलता मिली है। 31 नक्सली मारे गए हैं और इस बार हमारे जवानों ने 29 का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसलिए हम अपने जवानों को बधाई देते हैं, उनके साहस को सलाम करते हैं और निश्चित रूप से एक दिन नक्सलवाद ख़त्म हो जाएगा." यहीं खत्म हो जाएगी और छत्तीसगढ़ में शांति स्थापित हो जाएगी।
दंतेवाड़ा के एसपी गौरव राय ने मुठभेड़ के संबंध में बताया कि हमें 40-50 नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जो एक बैठक के लिए एक साथ आए थे। हमने डीआरजी दंतेवाड़ा, डीआरजी नारायणपुर और एसटीएफ टीमों के साथ एक संयुक्त अभियान चलाया। जब हमारी टीमों ने घेराबंदी की।" 4 अक्टूबर को नक्सलियों के बीच भारी गोलीबारी हुई। कई स्वचालित हथियारों के साथ 31 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। यह हमारी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। फोर्स पूरा कर लौट रही है तलाशी अभियान, इलाक़ा कठिन था, ख़ासकर बारिश के कारण।
बहरहाल, माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ बनने के पश्चात से किसी एक अभियान में मारे गए नक्सलियों की यह सबसे अधिक तादाद है। इससे पूर्व कांकेर में 16 अप्रैल को आर्म्स फ़ोर्स के साथ हुई मुठभेड़ में 29 नक्सलियों को ढेर किया गया था। पुलिस के मुताबिक , इस मुठभेड़ के बाद इस साल अब तक दंतेवाड़ा और नारायणपुर समेत 7 जिलों वाले बस्तर संभाग में अलग-अलग एनकाउंटर्स में फोर्स ने 185 माओवादियों को ढेर किया है।












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