Petrol Diesel Price Hike: मई में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली से मुंबई तक कितना महंगा हुआ तेल?
Petrol Diesel Price Hike Today: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेल कंपनियों ने 19 मई 2026 के लिए नए रेट जारी किए हैं, जिसके बाद राजधानी दिल्ली समेत मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी ईंधन महंगा हो गया है।
मई महीने में यह लगातार दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले महज पांच दिन पहले भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया था, जिसने आम जनता के बजट पर सीधा असर डाला था। लगातार बढ़ते फ्यूल रेट अब महंगाई, ट्रांसपोर्ट लागत और रोजमर्रा के खर्चों को लेकर नई चिंता पैदा कर रहे हैं।

Petrol Price Today: चारों महानगरों में पेट्रोल के नए रेट
दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर महंगा होकर 98.64 रुपये पहुंच गया है, जबकि डीजल 91 पैसे बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी तेल कंपनियों ने नए रेट लागू कर दिए हैं। तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी ताजा कीमतों के अनुसार, 19 मई 2026 को पेट्रोल के दाम इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: ₹98.64 प्रति लीटर (87 पैसे की बढ़ोतरी)
- कोलकाता: ₹109.70 प्रति लीटर (96 पैसे की बढ़ोतरी)
- मुंबई: ₹107.59 प्रति लीटर (91 पैसे की बढ़ोतरी)
- चेन्नई: ₹104.49 प्रति लीटर (82 पैसे की बढ़ोतरी)
इन आंकड़ों से साफ है कि कोलकाता में पेट्रोल सबसे महंगा बिक रहा है।
Diesel Price Today: डीजल की कीमतों में भी उछाल
डीजल की कीमतों में भी 86 पैसे से 94 पैसे तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नए रेट के मुताबिक:
- दिल्ली: ₹91.58 प्रति लीटर (91 पैसे महंगा)
- कोलकाता: ₹96.07 प्रति लीटर (94 पैसे महंगा)
- मुंबई: ₹94.08 प्रति लीटर (94 पैसे महंगा)
- चेन्नई: ₹96.11 प्रति लीटर (86 पैसे महंगा)
चेन्नई में डीजल की कीमत चारों महानगरों में सबसे ज्यादा हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने में लगातार हो रही ईंधन कीमतों की बढ़ोतरी आने वाले दिनों में खाद्य पदार्थों, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की जरूरी चीजों को और महंगा कर सकती है। खासतौर पर डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई लागत पर असर पड़ता है, जिसका बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है।
मई महीने में कितनी बार बढ़े ईंधन के दाम?
मई 2026 के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इस महीने अब तक दो बार तेल कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी की है। एनर्जी मार्केट से जुड़े जानकारों के अनुसार-मई के पहले सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बाद पहली बढ़ोतरी हुई। दूसरे सप्ताह में पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण CNG की कीमतें बढ़ीं। अब 19 मई को फिर पेट्रोल और डीजल महंगे किए गए हैं। यानी मई महीने में यह लगातार तीसरी बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है, जिसने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव इसका बड़ा कारण है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी तेल आयात को महंगा बनाती है।
आम आदमी और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर
- पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था पर दिखाई देता है।
- डीजल महंगा होने से ट्रक, बस और माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी। इसका सीधा असर बाजार में सामानों की कीमतों पर पड़ेगा।
- रोजमर्रा की चीजें फल, सब्जियां, दूध, राशन और अन्य जरूरी सामानों की ढुलाई महंगी होने से खुदरा कीमतें बढ़ सकती हैं।
- शहरों में ऑटो और टैक्सी यूनियन किराया बढ़ाने की मांग कर सकती हैं।
- लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन कीमतों में इजाफा मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के मासिक बजट को प्रभावित कर सकता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम? लोगों में बढ़ी चिंता
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है और कच्चा तेल महंगा बना रहता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि सरकार और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में नई बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी लोग पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से हर क्षेत्र प्रभावित होता है और इसका असर आखिरकार आम उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है। फिलहाल लोगों की नजर आने वाले दिनों में तेल कंपनियों के अगले मूल्य अपडेट पर बनी हुई है।














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