Chhattisgarh: कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा की बढ़ी मुश्किलें, नोट बांटने पर भाजपा करेगी चुनाव आयोग से शिकायत
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बस्तर से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी कवासी लखमा की दिक्कतें बढ़ सकती है। राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे कवासी लखमा पर आचार संहिता उल्लंघन मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। जगदलपुर की सिटी कोतवाली में बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा के खिलाफ प्रचार के दौरान पैसे बांटने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। सिटी कोतवाली में यह एफआइआर जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर दर्ज करावाई गई है।

इधर मंगलवार को भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि पांच-पांच सौ के नोट बांटते दिखे लखमा का प्रत्याशी बनते ही मतदाताओं के बीच 500 का नोट बांट कर मत खरीदने की साजिश कभी पूरी नहीं होगी। भाजपा नेता ने आगे कहा कि आचार संहिता के दौरान लखमा ने नोट बांटकर आचार संहिता का खुला उल्लंघन किया है। केंद्रीय चुनाव आयोग से शिकायत कर लखमा का नामांकन रद्द करने की मांग की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि इस घटना से कांग्रेस का असली चरित्र एक बार फिर उजागर हो गया है। छत्तीसगढ़ की सत्ता में रहने के दौरान पिछले पूरे 5 साल तक कांग्रेस पार्टी के शासक नोट के पीछे ही भागते रहे। उन्होंने नोट कमाने को ही अपना ईमान और धर्म बना लिया था। पूरी प्रशासनिक मशीनरी को इसी काम में लगा दिया था। इसी का परिणाम रहा कि आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है और आधा दर्जन से ज्यादा अधिकारी जेल की हवा खा रहे हैं।
संजय श्रीवास्तव ने कि कवासी लखमा के आबकारी मंत्री रहने के दौरान ही 2000 करोड़ का शराब घोटाला उजागर हुआ है। खुलेआम नोट बांटने की घटना साबित करती है कि लखमा के पास भी इस घोटाले की मोटी रकम पहुंची है, जिसे बांटकर वह लोकसभा चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ऐसा होने नहीं देगी। चढावा और नोट बांटने में फर्क़ है, सनातन धर्म का पाठ हमें ना पढ़ाए।
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