रेखा गुप्ता का अचानक छापा! परिवहन दफ्तरों में हड़कंप, CM बोलीं- लापरवाही नहीं चलेगी, हर अफसर होगा जवाबदेह
दिल्ली सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि अब सरकारी दफ्तरों में ढिलाई और सुस्त कार्यशैली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी संदेश के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को बिना पूर्व सूचना के बुराड़ी स्थित परिवहन विभाग के कई महत्वपूर्ण केंद्रों पर पहुंच गईं। उनके इस औचक निरीक्षण ने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हलचल बढ़ा दी।
अचानक निरीक्षण से अधिकारियों में हलचल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुराड़ी में स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (DTO), वाहन निरीक्षण इकाई (Vehicle Inspection Unit), वाहन प्रशिक्षण संस्थान (Vehicle Training Institute) और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं, कामकाज की स्थिति और बुनियादी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सीधे बातचीत की और जहां कमियां दिखीं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उनका फोकस यह सुनिश्चित करना था कि परिवहन विभाग से जुड़ी सेवाएं लोगों को बिना परेशानी और समय पर मिल सकें।
ATS प्रोजेक्ट पर खास नजर
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार चाहती है कि यह आधुनिक सुविधा तय समयसीमा के भीतर शुरू हो जाए ताकि वाहन परीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बन सके।
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के नागरिक सरकारी कार्यालयों में सुविधा पाने के लिए आते हैं, इसलिए हर विभाग की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को सरल और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराए।
'जहां कमी होगी, वहां सुधार होगा'
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य सरकारी सेवाओं को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जहां व्यवस्थाओं में कमी मिलेगी, वहां सुधार किया जाएगा और जहां लापरवाही सामने आएगी, वहां जिम्मेदारी भी तय होगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर दे रही है।
परिवहन विभाग के निरीक्षण के साथ-साथ दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में भी बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) में 40 से अधिक मेडिकल, पैरामेडिकल और प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों का सामूहिक तबादला किया गया है।
इस फेरबदल में:
- 10 वरिष्ठ डॉक्टरों का ट्रांसफर किया गया।
- 20 पैरामेडिकल कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां दी गईं।
- 10 प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों का भी स्थानांतरण किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्लीवासियों को बेहतर और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता या लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
क्या है सरकार का बड़ा संदेश?
परिवहन विभाग का औचक निरीक्षण और स्वास्थ्य विभाग में एक साथ बड़े पैमाने पर तबादले यह संकेत देते हैं कि दिल्ली सरकार अब प्रशासनिक कामकाज पर सीधी निगरानी बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संदेश साफ है कि जनता को बेहतर सेवाएं देने के लिए सरकारी मशीनरी को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और परिणाम आधारित बनाना होगा।
आने वाले दिनों में अन्य विभागों में भी इसी तरह के निरीक्षण और प्रशासनिक सुधार देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि सरकार अब व्यवस्था सुधार को अपनी प्राथमिक प्राथमिकताओं में शामिल कर चुकी है।














Click it and Unblock the Notifications